हार्ट को रखना है महफूज, कार्डियोजिस्ट के बताए 3 टेस्ट कराते रहे

Last Updated:November 06, 2026, 17:43 IST
How to Protect Heart: हार्ट हमारे शरीर के प्रमुख अंगों में हैं जिनके बिना एक सेकेंड भी काम चलना मुश्किल है. आज के समय में हार्ट अटैक बहुत ही आम होने लगा है. 20-25 सालों के युवाओं को हार्ट अटैक होने लगा है. इससे बचने के क्या उपाय है. पद्मश्री कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. डीएस गंभीर ने इसके लिए 3 टेस्ट कराने को कहा है.हार्ट की सुरक्षा. Photo: AI
How to Protect Heart: आज के समय में हार्ट पर हर तरह का खतरा है. एक तरफ खान-पान में ज्यादा आर्टिफिशियल चीजें आ गई है तो दूसरी तरफ लाइफस्टाइल खराब हो गई है. इसके कारण शरीर के अंदर हाई कोलेस्ट्रॉल, बीपी बढ़ जाता है और हार्ट की नलियों को जाम करने लगता है. दूसरी तरफ बेहिसाब प्रदूषण का भी हार्ट पर गंभीर असर पड़ रहा है. तीसरा-आज ज्यादातर लोग तनाव में जीते हैं जो हार्ट का बहुत बड़ा दुश्मन है. भारत में 31 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हर साल हार्ट डिजीज के कारण हो जाती है. हर चार में से एक वयस्क हाई बीपी के शिकार हैं. ये सब जो हार्ट पर गंभीर असर डालते हैं. ऐसे में सवाल है कि हार्ट की रक्षा कैसे करनी चाहिए. इसके लिए पद्मश्री कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. डी एस गंभीर ने 3 टेस्ट कराने को कहा है.
कौन से 3 टेस्ट कराना चाहिए
इंडिया टूडे की एक खबर में डॉ. डी एस गंभीर ने बताया है कि इसके लिए बहुत भारी भरकम टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है. इसके लिए सिर्फ तीन टेस्ट करने की जरूरत है. पहला आप घर में कर सकते हैं. यह है बीपी टेस्ट. रेगुलर बीपी टेस्ट करते रहे. दूसरा साल में एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर कराएं और तीसरा हर साल शुगर प्रोफाइल का टेस्ट कराएं. अगर आप 40 की उम्र तक पहुंच चुके हैं तो हर साल ये तीन टेस्ट कराते रहे. अगर कुछ दिक्कत होगी तो समय पर पता चल जाएगा और हार्ट की बीमारियों से सुरक्षा हो पाएगा. डॉ. गंभीर ने कहा कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हार्ट पर खतरा भी बढ़ने लगता है. इसलिए 40 के बाद हर व्यक्ति को अपनी सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत पड़ती है. उन लोगों को विशेष तौर पर ध्यान देने की जरूरत है जिनकी फैमिली हिस्ट्री है. यानी जिन लोगों के माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी में पहले से हार्ट से संबंधित बीमारियां हैं, उन लोगों को खास ख्याल रखने की जरूरत होती है क्योंकि इन लोगों के जीन में हार्ट की बीमारी को उकसाने वाले तत्व होते हैं.
3 टेस्ट से क्या पता चलता है
ब्लड प्रेशर-हाई ब्लड प्रेशर का मतलब है कि खून का प्रेशर धमनियों या खून की नलियों में बहुत ज्यादा हो गया है. सामान्य तौर पर हमारा हार्ट धड़कता है तो एक निश्चित प्रेशर से धमनियों पर दबाव डालता है. लेकिन जब धमनियां संकरी या सख्त हो जाती है तो खून को आगे बढ़ाने में जोर लगाना पड़ता है. इससे हार्ट की मांसपेशियां भी मोटी और सख्त हो जाती है. हार्ट की मांसपेशियां दोबारा नहीं बनती. जाहिर है इस कारण हार्ट कमजोर होने लगेगा. लंबे समय तक ऐसा हो तो इससे हार्ट अटैक, कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट फेल का खतरा रहता है. डॉ. डीएस गंभीर कहते हैं कि इसलिए कम से कम 3 महीनों के अंतराल पर आपको बीपी चेक करना चाहिए ताकि अगर बीपी बढ़ा हुआ हो तो इसका समय पर इलाज किया जा सके.
हाई कोलेस्ट्रॉल-हमारे शरीर में मुख्य रूप से तीन तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं. सीमित मात्रा में यह हमारे लिए फायदेमंद होता है लेकिन एलडीएल या बैड कोलेस्ट्रॉल की अगर मात्रा खून में बढ़ने लगे तो यह धमनियों की दीवार से चिपकना शुरू हो जाता है. धीरे-धीरे यह खून के बहाव को रोकने लगता है. इससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है. इसलिए डॉ. डीएस गंभीर कहते हैं कि साल में एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर कराएं. अगर लाइफस्टाइल को सही कर लिया जाए तो हाई कोलेस्ट्रॉल को बहुत हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. इसलिए समय पर इसकी जांच होनी जरूरी है.
ब्लड शुगर टेस्ट-आप सोच रहे होंगे ब्लड शुगर तो डायबिटीज के लिए टेस्ट किए जाते हैं. अगर खून में शुगर की मात्रा बढ़ती है तो खून की नलिया धीरे-धीरे कमजोर और संकरी होने लगती है. इस कारण खून का बहाव कमजोर हो सकता है और यह स्थिति हार्ट अटैक के रिस्क को बढ़ा सकता है. यही कारण है कि आपको हर साल एक बार कंपलीट ब्लड शुगर टेस्ट जरूर कराना चाहिए.
About the AuthorLakshmi Narayan
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November 06, 2026, 17:43 IST



