Rajasthan

Aaj Ka Mausam: दिल्ली-एनसीआर के लोग कई दिनों से जिस बारिश का इंतजार कर रहे थे, वह इंतजार अब खत्म होने के करीब है. आसमान में लगातार उमड़ते-घुमड़ते बादल

Aaj Ka Mausam: दिल्ली-एनसीआर के लोग कई दिनों से जिस बारिश का इंतजार कर रहे थे, वह इंतजार अब खत्म होने के करीब है. आसमान में लगातार उमड़ते-घुमड़ते बादल, चिपचिपी उमस और बीच-बीच में चलने वाली तेज हवाएं साफ संकेत दे रही हैं कि मानसून राजधानी के दरवाजे पर दस्तक दे चुका है. मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि आज यानी 2 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी का दौर शुरू हो सकता है. खास बात यह है कि इस बार बारिश सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी. उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा. कहीं 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, तो कहीं भारी बारिश से जलभराव और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा.

मौसम विभाग के अनुसार अब उत्तर भारत में लू का असर तेजी से कमजोर पड़ेगा और मानसूनी गतिविधियां लगातार मजबूत होंगी. यूपी और बिहार में 5 जुलाई तक कई जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है. वहीं पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक पानी बढ़ने का खतरा बढ़ गया है. दूसरी ओर मुंबई, गुजरात और गोवा में भी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है. कुल मिलाकर देश का मौसम अब एक बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुका है और अगले 72 घंटे कई राज्यों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं.

मानसून ने बदली तस्वीर

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में मानसून अब तेजी से सक्रिय हो रहा है. दिल्ली-एनसीआर में जहां लोग तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है. पंजाब और हरियाणा में भी बादलों की आवाजाही बढ़ गई है. अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी.
वहीं देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में भारी बारिश का खतरा ज्यादा बना हुआ है. बंगाल की खाड़ी में बन रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी तट पर सक्रिय वेदर सिस्टम के कारण कई राज्यों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. नदी किनारे रहने वाले लोगों और मछुआरों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

दिल्ली-NCR में बरसेंगे बादल

मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में आज भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. तेज बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है.

UP में 5 जुलाई तक बारिश का दौर

उत्तर प्रदेश में 2 से 5 जुलाई तक भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. मेरठ, सहारनपुर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र समेत कई जिलों में 75 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग का कहना है कि लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और उमस से भी राहत मिलेगी.

बिहार में 5 जुलाई तक भारी बारिश का खतरा

बिहार में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. IMD ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सिवान, सारण, पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग के अनुसार गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. खेतों में काम कर रहे किसानों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. पटना में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि लगातार बारिश के कारण उमस में कमी आने की संभावना है.

राजस्थान में बदलेगा रेगिस्तान का मौसम

राजस्थान में लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को अब राहत मिलने वाली है. मौसम विभाग ने चुरू, अलवर, उदयपुर, अजमेर, धौलपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, भरतपुर, दौसा, फलोदी और जयपुर समेत कई जिलों में 2 से 4 जुलाई तक भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है. इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में भी बादलों की सक्रियता बढ़ेगी. जयपुर का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने लोगों से पेड़ों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े न होने की अपील की है.

मध्य प्रदेश में कई जिलों पर भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, इंदौर, बालाघाट, सिवनी, मुरैना और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. भोपाल में अधिकतम तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी है.

पंजाब-हरियाणा में बारिश से मिलेगी गर्मी से राहत

पंजाब और हरियाणा में भी मौसम तेजी से करवट ले रहा है. मौसम विभाग ने पटियाला, अमृतसर, जालंधर, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, फिरोजपुर और गुरदासपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. कई स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिलेगी.
हालांकि राहत के साथ परेशानी भी बढ़ सकती है. तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करें. स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है.

पहाड़ों पर बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ रही है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश समेत कई जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है. कई स्थानों पर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन, पत्थर गिरने और अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है.
हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो से तीन दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है. कांगड़ा, मंडी, शिमला, कुल्लू, किन्नौर, सिरमौर और ऊना सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मनाली का अधिकतम तापमान लगभग 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. लगातार बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ सकता है. पर्यटकों को नदी-नालों और झरनों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है.
जम्मू-कश्मीर में भी 2 से 5 जुलाई तक कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है. जम्मू, कठुआ, डोडा, कुलगाम, किश्तवाड़ और आसपास के क्षेत्रों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. श्रीनगर का अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा कर रहे लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है. लगातार बारिश से कुछ संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी जताई गई है.

महाराष्ट्र-मुंबई में बारिश बनी आफत

महाराष्ट्र में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है. IMD ने मुंबई, पुणे, नागपुर, अकोला, अमरावती, बुलढाणा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली और अहमदनगर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. स्काईमेट ने भी महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का अनुमान जताया है. मुंबई में पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे अंधेरी सबवे सहित कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. रेलवे सेवाएं कुछ स्थानों पर प्रभावित हुईं, जबकि BEST बस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं. मौसम विभाग का कहना है कि 3 से 5 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है.

पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बरसेंगे बादल

पूर्वोत्तर भारत में मानसून पहले से ही पूरी तरह सक्रिय है. असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में अगले कई दिनों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. IMD के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर इन राज्यों पर साफ दिखाई देगा. लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बना रहेगा. स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है.

दक्षिण भारत में सक्रिय रहेगा दक्षिण-पश्चिम मानसून

दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. स्काईमेट के अनुसार तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी घाट के कई इलाकों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि लगातार वर्षा से किसानों को फायदा होगा, लेकिन कुछ स्थानों पर जलभराव और भूस्खलन की आशंका भी बनी रहेगी. समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

दिल्ली-NCR में मानसून की बारिश कब से शुरू होगी और इसका कितना असर रहेगा?

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 2 जुलाई से मानसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है. राजधानी में कई इलाकों में भारी बारिश, तेज आंधी और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. इससे तापमान में गिरावट आएगी और कई दिनों से जारी उमस और गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी है. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.

यूपी और बिहार में सबसे ज्यादा खतरा किन जिलों में है?

उत्तर प्रदेश में मेरठ, सहारनपुर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र सहित कई जिलों में 5 जुलाई तक भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल और मधुबनी समेत कई जिलों में भारी बारिश और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. इन राज्यों में बिजली गिरने, जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बना हुआ है.

पहाड़ी राज्यों में मौसम को लेकर सबसे बड़ी चिंता क्या है?

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण सबसे बड़ा खतरा भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने का है. चारधाम यात्रा, अमरनाथ यात्रा और अन्य पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में यात्रा करने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा एडवाइजरी जरूर देखें. भारी बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर यात्रा जोखिम भरी हो सकती है.

महाराष्ट्र और मुंबई में बारिश को लेकर क्या स्थिति है?

महाराष्ट्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. मुंबई सहित अकोला, नागपुर, पुणे, चंद्रपुर, अमरावती और कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. पिछले 24 घंटों में मुंबई के कई हिस्सों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित हुआ. मौसम विभाग के अनुसार 3 से 5 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और समुद्र तटों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है.

देशभर में मौसम में अचानक इतना बड़ा बदलाव क्यों आया है?

मौसम विभाग और स्काईमेट के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन, अरब सागर से लगातार मिल रही नमी और दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से पूरे देश में मौसम तेजी से बदल रहा है. यही कारण है कि उत्तर भारत से लेकर पश्चिमी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक अधिकांश राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं. आने वाले दिनों में कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है, लेकिन भारी बारिश, तेज हवाओं, बिजली गिरने और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी परिस्थितियों का खतरा भी बना रहेगा. लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.

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