Agriculture: टोंक में मौसम की मार, तूफान से 150 बीघा में लगा बाजरा बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा

Last Updated:August 28, 2026, 10:44 IST
Tonk Crops Destroyed Due to Rain: टोंक में बारिश और तूफान किसानों के लिए आफत बनकर आया है. मंडावर ग्राम पंचायत के देवगंज गांव में करीब 150 बीघा में खड़ी बाजरे की फसल खराब होने से किसान परेशान हैं. दो दिन पहले आए तेज तूफान और बारिश के कारण कई खेतों में फसल गिर गई. किसानों को आशंका है कि इससे बाजरे के उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा और उनकी आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होगी. फसल खराब होने से किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि बाजरे का इस्तेमाल अनाज के साथ पशुओं के चारे के तौर पर भी किया जाता है. ऐसे में ग्रामीणों के सामने दोहरी परेशानी खड़ी हो गई है. देवगंज गांव के किसानों ने जिला प्रशासन से खेतों की गिरदावरी कराने और खराबे के आधार पर मुआवजा दिलाने की मांग की है. किसानों का कहना है कि प्रशासन जल्द मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे करे, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके.
ख़बरें फटाफट
टोंक के देवगंज गांव में 150 बीघा में खड़ी बाजरे की फसल खराब होने से किसान परेशान हैं
टोंक. राजस्थान के टोंक जिले में दो दिन पहले आए बारिश और तेज तूफान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. मंडावर ग्राम पंचायत के देवगंज गांव में मौसम की मार से करीब 150 बीघा जमीन में खड़ी बाजरे की फसल खराब होने की बात सामने आई है. खेतों में तैयार खड़ी फसल के प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल तैयार करने में महीनों मेहनत और लागत लगाई थी, लेकिन बारिश और तेज हवा ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. देवगंज गांव के किसानों के मुताबिक कई खेतों में बाजरे की फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे दाना खराब होने की आशंका है.
फसल खराब होने के बाद किसानों को इस बात की चिंता भी सता रही है कि अब उन्हें पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था कैसे होगी. किसानों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर फसल खराबे का सर्वे कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर गिरदावरी नहीं हुई तो वास्तविक नुकसान का आकलन मुश्किल हो जाएगा. देवगंज गांव के लोगों ने कलेक्टर और तहसीलदार से प्रभावित खेतों की गिरदावरी कराने और नियमों के अनुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है. किसानों का कहना है कि मौसम की मार से केवल इस बार की कमाई प्रभावित नहीं हुई है, बल्कि पशुपालन से जुड़े परिवारों के सामने चारे का संकट भी खड़ा हो सकता है.
150 बीघा में बाजरे की फसल प्रभावित
देवगंज गांव में किसानों के अनुसार करीब 150 बीघा जमीन में खड़ी बाजरे की फसल बारिश और तूफान से प्रभावित हुई है. कई खेतों में फसल गिर गई है. किसानों को आशंका है कि समय पर फसल नहीं संभली तो दाने की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ेगा. इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है.
अनाज के साथ पशुओं के चारे की भी चिंता
किसानों की परेशानी सिर्फ अनाज की फसल खराब होने तक सीमित नहीं है. बाजरा ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के चारे के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है. फसल के खराब होने से किसान अनाज के साथ पशुओं के चारे को लेकर भी चिंतित हैं. किसानों का कहना है कि खेती के साथ पशुपालन पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा.
किसानों ने गिरदावरी और मुआवजे की मांग की
देवगंज गांव के किसानों ने जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द गिरदावरी कराने की मांग की है. किसानों का कहना है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर खेतों में हुए नुकसान का जायजा लें और वास्तविक खराबे का आकलन करें. इसके आधार पर पात्र किसानों को सरकार के नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाए. किसानों ने कलेक्टर और तहसीलदार से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
और पढ़ेंFirst Published :
August 28, 2026, 10:44 IST



