Agriculture News I खेतों में फसल, अफसरों की नजर; मूंग-मोठ की उपज का होगा सटीक हिसाब

होमताजा खबरकृषि
श्रीडूंगरगढ़ में खेत-खेत पहुंची टीम, मूंग-मोठ के उत्पादन का लिया फीडबैक
Last Updated:September 08, 2026, 17:38 IST
Agriculture News: बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में खरीफ फसलों की स्थिति और संभावित उत्पादन का आकलन करने कृषि विभाग के अधिकारियों ने खेतों का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने मूंग-मोठ की फसलों की बढ़वार, फलियों और उपज की संभावनाएं परखने के साथ फसल कटाई प्रयोगों की प्रक्रिया भी जांची.
बीकानेर. जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में खरीफ फसलों की स्थिति और संभावित उत्पादन का वास्तविक आकलन करने के लिए कृषि विभाग के उच्च अधिकारी खेतों में पहुंचे. अधिकारियों ने मूंग एवं मोठ की फसलों की बढ़वार, फलियों की स्थिति और उत्पादन की संभावनाओं को देखा. इस दौरान किसानों एवं स्थानीय कर्मचारियों से बुवाई, मौसम के प्रभाव और संभावित उपज के संबंध में जानकारी ली गई.
अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार), बीकानेर खंड हीरेंद्र शर्मा और उपनिदेशक कृषि (सामान्य) जयदीप दोगने ने क्षेत्र के विभिन्न खेतों का दौरा किया. उन्होंने खेतों में खड़ी खरीफ फसलों की मौजूदा स्थिति देखी और यह जानने का प्रयास किया कि मौसम और बारिश की परिस्थितियों का मूंग और मोठ की फसलों पर कितना प्रभाव पड़ा है. अधिकारियों ने फसलों की बढ़वार, पौधों पर लगी फलियों तथा प्रति हेक्टेयर संभावित उत्पादन से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया. उन्होंने मौके पर मौजूद विभागीय कर्मचारियों से क्षेत्र में फसलों की बुवाई और किसानों को उपलब्ध करवाई जा रही विभागीय सहायता की जानकारी भी ली.
फसल कटाई प्रयोगों का किया निरीक्षणखेतों के दौरे के दौरान अधिकारियों ने राजस्व विभाग की ओर से करवाए जा रहे फसल कटाई प्रयोगों का भी मौके पर निरीक्षण किया. निर्धारित मानक प्रक्रिया के अनुसार किए जा रहे क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट की बारीकी से जांच की गई. इस दौरान प्रयोग के लिए खेत और भूखंड के चयन, फसल की कटाई, उपज की तुलाई तथा आंकड़ों को रिकॉर्ड करने की पूरी प्रक्रिया देखी गई. अधिकारियों ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि फसल कटाई प्रयोग पूरी पारदर्शिता एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किए जाएं.
इस दौरान दर्ज होने वाले प्रत्येक आंकड़े में शुद्धता रखी जाए, जिससे क्षेत्र में खरीफ फसलों की औसत उपज एवं कुल उत्पादन का सही आकलन हो सके. फसल कटाई प्रयोगों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर संबंधित क्षेत्र की प्रति हेक्टेयर औसत उपज का अनुमान लगाया जाता है. ये आंकड़े कृषि उत्पादन के आकलन के साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के दावों के निर्धारण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसी कारण निरीक्षण के समय बीमा कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
और पढ़ेंLocation :
Bikaner,Rajasthan
First Published :
September 08, 2026, 17:38 IST



