Ajmer News: खेत की खुदाई में निकली 1.25 करोड़ की प्राचीन निधि, माल समेटकर फरार हुए 7 आरोपी गिरफ्तार

अजमेर. नसीराबाद के पास बिठूर की सरहद में खातेदारी खेत में मिट्टी की खुदाई के दौरान मिली प्राचीन निधि को चोरी कर ले जाने के मामले में सदर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 700 ग्राम सोना, 310 ग्राम चांदी, लगभग ढाई किलो तांबे की छड़ एवं तार, दो प्राचीन शंख तथा चोरी के माल को बेचकर प्राप्त 17 लाख 44 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए हैं. पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये है.
सदर थाना अधिकारी राधेश्याम चौधरी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व बिठूर की सरहद स्थित एक खातेदारी खेत में मिट्टी की खुदाई के दौरान सोना, चांदी, तांबा, कीमती धातुओं से निर्मित वस्तुएं और पुराने शंख मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी. आरोप है कि खुदाई करने वाले कुछ लोग इन प्राचीन वस्तुओं को अपने साथ ले गए और बाद में चोरी के माल का कुछ हिस्सा बेच दिया. सूचना के बाद पुलिस ने घटनास्थल का राजस्व टीम के साथ मौका मुआयना किया. जांच में खेत में जेसीबी से खुदाई किए जाने के स्पष्ट निशान मिले. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिरों की मदद से संदिग्धों की जानकारी जुटानी शुरू की.
सात आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने जांच के दौरान बिठूर निवासी फिरोज खान और कादर मेहरात, धोलादांता-बूबानिया निवासी शंकर सिंह, हरलाल रावत, जयसिंह, महावीर सिंह और नारायण सिंह रावत को गिरफ्तार किया. आरोपियों की निशानदेही और उनके कब्जे से सोने-चांदी की वस्तुएं, तांबे की सामग्री और दो प्राचीन शंख बरामद किए गए. बरामद सोने में छोटी-बड़ी प्लेटें, डलियां और जेवराती आभूषण शामिल बताए गए हैं. इसके अलावा करीब 310 ग्राम चांदी की पातड़ी तथा लगभग ढाई किलो तांबे की छड़ और तार भी पुलिस ने बरामद किए.
माल बेचकर मिली रकम भी बरामद
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी की गई सामग्री में से कुछ हिस्सा बेच दिया था. इस बिक्री से प्राप्त 17 लाख 44 हजार 500 रुपये नकद भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्राचीन निधि में कुल कितनी सामग्री मिली थी और उसमें से कितना माल आरोपियों ने बेच दिया.
बिना सीसीटीवी के चुनौतीपूर्ण रही जांच
सदर थाना अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि घटना करीब दो माह पुरानी होने और घटनास्थल खेतों के बीच होने के कारण आरोपियों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था. आसपास सीसीटीवी कैमरे भी उपलब्ध नहीं थे। घटना के बाद खेत में फसल की बुवाई हो जाने से मौके से प्रत्यक्ष साक्ष्य जुटाना भी कठिन हो गया था. इसके बावजूद पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्धों की जानकारी जुटाई और मामले का खुलासा किया.
प्राचीन निधि के स्रोत की जांच जारी
पुलिस के अनुसार बरामद प्राचीन वस्तुओं की प्रकृति, उनकी ऐतिहासिक महत्ता और स्रोत को लेकर जांच जारी है. सातों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खेत में मिली निधि का संबंध किस काल या ऐतिहासिक स्रोत से हो सकता है और इस मामले में अन्य कोई व्यक्ति शामिल है या नहीं.



