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Alok Nath: डॉक्टर का बेटा बना संस्कारी ‘बाबूजी’, जवानी के दिनों में दिए बोल्ड सीन, आलोक नाथ का ये रूप देख रह जाएंगे दंग

Last Updated:July 09, 2026, 17:10 IST

आलोक नाथ, जिन्हें ‘बाबूजी’ के नाम से जाना जाता है, ने ‘मैंने प्यार किया’ जैसी फिल्मों में पिता की भूमिका निभाई. उन्होंने ‘कामाग्नि’ में रोमांटिक किरदार भी निभाया था.डॉक्टर का बेटा बना संस्कारी 'बाबूजी', जवानी के दिनों में दिए बोल्ड सीनZoom

जब भी बॉलीवुड में संस्कारी पिता, प्यार करने वाले परिवार के मुखिया और आदर्शवादी ‘बाबूजी’ की बात होती है, तो सबसे पहले अभिनेता आलोक नाथ का नाम याद आता है. बड़े पर्दे से लेकर छोटे पर्दे तक आलोक नाथ ने अपनी एक ऐसी छवि बनाई, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया. ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘विवाह’ जैसी फिल्मों में उनके पिता के किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई. आज जिन आलोक नाथ को दर्शक एक आदर्श पिता के रूप में देखते हैं, उन्होंने अपने शुरुआती दौर में रोमांटिक हीरो की भूमिका भी निभाई थी.

अपनी शांत, सादगी भरी और संस्कारी छवि के लिए मशहूर आलोक नाथ ने साल 1987 में आई फिल्म ‘कामाग्नि’ में एक अलग अंदाज दिखाया था. इस फिल्म में उन्होंने रोमांटिक किरदार निभाया था. फिल्म में उनके कुछ बोल्ड और रोमांटिक सीन की उस समय काफी चर्चा हुई थी.

आलोक नाथ के माता पिताआलोक नाथ का जन्म 10 जुलाई 1956 को देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था. उनके पिता डॉक्टर थे और मां गृहिणी थीं. उनके पिता चाहते थे कि आलोक भी उनकी तरह डॉक्टर बनें, लेकिन किस्मत ने उन्हें अभिनय की दुनिया में पहुंचा दिया. उन्होंने दिल्ली से अपनी पढ़ाई पूरी की. कॉलेज के दिनों में उनका झुकाव थिएटर की तरफ बढ़ा और वह रुचिका थिएटर ग्रुप से जुड़ गए. इसके बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से तीन साल तक अभिनय की बारीकियां सीखीं.

आलोक नाथ का कैसे शुरू हुआ सफरकहा जाता है कि साल 1980 में फिल्म ‘गांधी’ के लिए कास्टिंग डायरेक्टर डॉली ठाकुर नए कलाकारों की तलाश में नेशनल School ऑफ ड्रामा पहुंची थीं. कई कलाकारों के ऑडिशन के बाद उन्होंने आलोक नाथ को चुना. इस फिल्म के लिए उन्हें करीब 20 हजार रुपये मिले थे और यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई.

मिलने लगा धीरे धीरे फिल्मों में काम‘गांधी’ के बाद आलोक नाथ मुंबई पहुंचे, लेकिन यहां से आगे का रास्ता इतना आसान नहीं था. उन्हें अपनी दूसरी फिल्म के लिए करीब पांच साल तक इंतजार और संघर्ष करना पड़ा. इस दौरान उन्होंने थिएटर में भी काम किया. संघर्ष के इसी दौर में उन्हें फिल्म ‘मशाल’ में छोटा सा किरदार मिला. इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा.

आलोक नाथ की फिल्में और सीरियलसाल 1988 में आई फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ के बाद आलोक नाथ की पहचान बढ़ने लगी. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में पिता और परिवार के बड़े सदस्य की भूमिकाएं निभाईं. आलोक नाथ ने अपने करियर में करीब 140 फिल्मों और 15 से ज्यादा टीवी सीरियल्स में काम किया है. उनकी ज्यादातर भूमिकाएं ‘बाबूजी’ के किरदार की रहीं. हालांकि, आलोक नाथ को एक समय जितेंद्र के पिता का किरदार निभाने का ऑफर मिला था, जिसे उन्होंने मना कर दिया था.

About the AuthorVarsha

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें

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