Rajasthan

पाली में लगता है गजब का मेला, यहां पिटने के लिए देते हैं पैसे, मलूका के सोटों से भागते लोग, परंपरा ने किया हैरान

Last Updated:May 02, 2026, 15:24 IST

Maluka fair Pali, Rajasthan : पाली में नृसिंह जयंती के मौके पर एक अनोखी परंपरा देखने को मिली, जहां लोग खुद पिटने के लिए पैसे देते नजर आए. ‘मलूका मेले’ में हिरण्यकश्यप के रूप में युवक सोटे बरसाता है और लोग उससे बचने के लिए भागते हैं. 151 साल पुरानी यह परंपरा आस्था, रोमांच और अनोखे अनुभव का संगम बनकर हर किसी को हैरान कर देती है.

ख़बरें फटाफट

पाली : क्या आपने कभी ऐसा मेला देखा है जहां लोग पिटने के लिए पैसे देते हैं? जी हां, राजस्थान के पाली में एक ऐसी परंपरा है. 151 सालों से चली आ रही इस रस्म में ‘मलूका’ हाथ में सोटा लेकर निकलता है और फिर शुरू होती है भागम-भाग! लोग पिटते भी हैं, भागते भी हैं और मुस्कुराते हुए पैसे भी देते हैं.

नृसिंह जयंती महोत्सव के मौके पर नृसिंह अवतार के बाद मलूका मेला आयोजित किया गया. इसमें काले कपड़े पहन मलूका(हिरण्यकश्यप) बने युवक ने शहरवासियों पर सोटे बरसाए. युवा बचने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए. मेले को देखने आए सैकड़ों शहरवासियों ने इस नजारे को अपने मोबाइल में कैद किया.

पाली में नृसिंह जयंती का भव्य उत्सवराजस्थान के पाली जिले में आस्था और परंपरा का एक ऐसा संगम देखने को मिला, जिसे देख हर कोई दंग रह गया. शहर के प्राचीन सोमनाथ मंदिर और गोपीनाथ मंदिर में नृसिंह जयंती महोत्सव के अवसर पर भगवान नृसिंह का अवतरण दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया गया.

मलूका मेले में सोटों से मचा हड़कंपमलूका का आतंक और सोटों की मार नृसिंह अवतार के बाद आयोजित हुए प्रसिद्ध ‘मलूका मेले’ ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. काले कपड़े पहनकर हिरण्यकश्यप का रूप धरे ‘मलूका’ ने जब शहर की गलियों में सोटे बरसाना शुरू किया, तो युवाओं में बचने की होड़ मच गई.

परंपरा ऐसी की बचने के लिए देने पड़ते है पैसेअनोखी राम: मलूका की मार से बचने के लिए लोग उसे रुपए देते नजर आए.उत्साह: सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस हैरतअंगेज नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया.जयकारे: पूरा मंदिर परिसर भगवान नृसिंह के जयकारों से गूंज उठा.

सूर्यास्त के समय हुआ नृसिंह अवतारसोमनाथ मंदिर के पुजारी ललित दवे ने बताया कि यह परंपरा पिछले 151 वर्षों से अनवरत चली आ रही है. आयोजन के मुख्य आकर्षण सूर्यास्त से ठीक पहले भगवान सोमनाथ की भव्य महाआरती की गई.जीवंत झांकी: जैसे ही सूर्य अस्त हुआ, मंदिर के गर्भगृह से भगवान नृसिंह प्रकट हुए. भक्त प्रहलाद की रक्षा और अहंकारी दैत्यराज हिरण्यकश्यप (मलूका) के मर्दन की जीवंत झांकी ने दर्शकों को त्रेतायुग की याद दिला दी.

जाने पीछे की मान्यताभगवान विष्णु ने ब्रह्माजी के वरदान का दुरुपयोग करने वाले हिरण्यकश्यप का अंत करने के लिए आधा नर और आधा सिंह (नृसिंह) का अवतार लिया था. पाली की यह परंपरा इसी पौराणिक प्रसंग को आज की पीढ़ी से जोड़े हुए है.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj