‘सेना हटाओ, हथियार भी छोड़ो’… पाकिस्तान को बलूचिस्तान का खुला अल्टीमेटम

19 अगस्त 2026: बलूचिस्तान की आजादी की मांग कर रहे ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ ने पाकिस्तान को एक बार फिर अल्टीमेटम दिया है. संगठन ने पाकिस्तान की सेना और अन्य सुरक्षा बलों से बलूचिस्तान से वापस जाने को कहा है. अपने बयान में उसने पाकिस्तान की सैन्य मौजूदगी को ‘अवैध कब्जा’ बताया है और दावा किया है कि स्वतंत्र देश के रूप में बलूचिस्तान को अपने क्षेत्र में मौजूद पाकिस्तानी बलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अधिकार है.
पाकिस्तानी सेना पर संसाधन लूटने का आरोपबयान में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों का इस्तेमाल कर रही है. संगठन का कहना है कि सैन्य मौजूदगी की वजह से आम लोगों की जान, संपत्ति, कारोबार और शांति पर खतरा बना हुआ है.
‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ ने पाकिस्तानी सेना को अपने क्षेत्र में बाहरी और आक्रमणकारी ताकत बताते हुए कहा है कि पाकिस्तान के सभी सैन्य बलों की मौजूदगी को अवैध माना जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मान्यता की मांगसंगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की अपील की है. उसने पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बलों को वापस भेजने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की है. बयान में पाकिस्तान के सैन्य बलों के अलावा फ्रंटियर कॉर्प्स (FC), पुलिस, वायुसेना और नौसेना की मौजूदगी का भी विरोध किया गया है.
हथियार और सैन्य सामान छोड़ने की मांगबयान का सबसे बड़ा दावा सैन्य हथियारों और उपकरणों को लेकर है. ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ ने कहा है कि पाकिस्तान के गैर-बलूच नागरिकों को, जो सेना, FC, पुलिस या दूसरे संस्थानों में काम कर रहे हैं, हथियार सौंपकर वापस पंजाब जाना चाहिए.
संगठन ने यह भी मांग की है कि पाकिस्तानी सेना लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, टैंक, भारी तोपें, नौसैनिक जहाज और अन्य सैन्य उपकरण बलूच बलों के लिए वहीं छोड़कर जाए. उसका दावा है कि इन हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद में बलूचिस्तान के संसाधनों से हुई कमाई का इस्तेमाल हुआ है.
1947, 1971 और अफगानिस्तान का दिया उदाहरणअपने बयान में संगठन ने भारत के विभाजन के बाद 1947, 1971 के बांग्लादेश युद्ध और अफगानिस्तान से विदेशी सेनाओं की वापसी के उदाहरण दिए हैं. उसने दावा किया कि इन घटनाओं में पीछे हटने वाली सेनाओं ने सैन्य उपकरण छोड़े थे और इसी तरह पाकिस्तान को भी बलूचिस्तान छोड़ते समय हथियार और सैन्य सामान वहीं छोड़ना चाहिए.
संगठन ने पाकिस्तान से अपनी सेना की वापसी की तारीख और समयसीमा घोषित करने की मांग की है. साथ ही कहा है कि वापसी के दौरान पाकिस्तान को सैन्य सामान अपने साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी.
पाकिस्तान को दी चेतावनीबयान में बलूचिस्तान में जारी संघर्ष को लेकर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी गई है. संगठन ने दावा किया है कि पाकिस्तान पहले ही जमीनी लड़ाई हार चुका है और आगे भी संघर्ष जारी रखना उसके लिए नुकसानदेह होगा.
बयान में बलूचिस्तान में बड़ी संख्या में लोगों की मौत का आरोप लगाया गया है. साथ ही पाकिस्तान पर आगे भी हिंसा बढ़ाने के बजाय अपनी सेना वापस बुलाने का दबाव बनाया गया है.
‘बलूचिस्तान अब स्वतंत्र देश है’ का दावा‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ ने अपने बयान के अंत में फिर दावा किया कि बलूचिस्तान अब एक स्वतंत्र देश है और पाकिस्तान की सुरक्षा इसी में है कि वह इसे मान्यता दे.



