Baran News: शाहाबाद के जंगलों में फिर चीतों की दस्तक, कूनो से पहुंची OKAD-1 और OKAD-2

Last Updated:August 26, 2026, 13:45 IST
कूनो नेशनल पार्क से निकलकर दो मादा चीते राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र के राजपुर-बेहटा जंगलों में पहुंच गई हैं. OKAD-1 और OKAD-2 नाम से पहचानी जा रही दोनों चीतों की उम्र करीब ढाई वर्ष है और वे फरवरी 2026 में बोत्सवाना से भारत लाए गए नौ चीतों के दल में शामिल थी. चीतों की लगातार मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग और कूनो की टीमें निगरानी में जुटी हैं.
शाहाबाद क्षेत्र के राजपुर-बेहटा जंगलों में पहुंचे OKAD-1 और OKAD-2
बारां. मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकलकर दो मादा चीते एक बार फिर राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गए हैं. दोनों चीते बारां जिले के शाहाबाद क्षेत्र के राजपुर-बेहटा जंगलों में पहुंच गए हैं. इनकी पहचान OKAD-1 और OKAD-2 के रूप में की गई है. दोनों की उम्र करीब ढाई वर्ष बताई जा रही है, चीतों की लगातार बदलती लोकेशन को देखते हुए कूनो नेशनल पार्क और राजस्थान वन विभाग की टीमें उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं.
OKAD-1 और OKAD-2 उन नौ चीतों में शामिल हैं, जिन्हें फरवरी 2026 में बोत्सवाना से भारत लाया गया था. भारत आने के बाद इन्हें कूनो नेशनल पार्क में रखा गया था. कूनो में कुछ समय रहने के बाद अब दोनों मादा चीते राजस्थान के शाहाबाद क्षेत्र के जंगलों में पहुंच गए हैं. वन विभाग इनके मूवमेंट पर लगातार नजर रख रहा है और उनकी सुरक्षा को लेकर आवश्यक निगरानी की जा रही है.
वीरा के बाद दो और चीतों की दस्तक
शाहाबाद क्षेत्र के जंगलों में चीतों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है, करीब चार दिन पहले इसी वन क्षेत्र में मादा चीता वीरा भी विचरण कर रही थी. बाद में वीरा वापस मध्य प्रदेश की सीमा में लौट गई, अब दो अन्य चीतों के राजस्थान पहुंचने से वन विभाग ने निगरानी और बढ़ा दी है. डीएफओ विवेकानंद बड़े लगातार चीतों की गतिविधियों की जानकारी ले रहे हैं. वनकर्मियों की टीमें जंगल में उनकी लोकेशन पर नजर रख रही हैं, ताकि किसी भी स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाया जा सके.
चीतों के लिए अनुकूल माना जा रहा शाहाबाद का जंगल
शाहाबाद क्षेत्र के जंगलों में लगातार चीतों की मौजूदगी को वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चीतों का बार-बार इस क्षेत्र में पहुंचना संकेत देता है कि यहां का प्राकृतिक वातावरण और जंगल उनके विचरण के लिए अनुकूल हो सकता है. वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि वे चीतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उन्हें देखने के लिए भीड़ न लगाएं. किसी भी व्यक्ति को चीते दिखाई देने पर उसके पीछे जाने या नजदीक पहुंचने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है. विभाग का उद्देश्य चीतों की सुरक्षित निगरानी के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Baran,Rajasthan
First Published :
August 26, 2026, 13:45 IST



