Bharatpur News: बरसात में कच्चे मकानों की सुरक्षा कवच बनी मिट्टी-गोबर की लिपाई, सांप और बिच्छू का नहीं रहेगा खतरा

Last Updated:July 10, 2026, 19:56 IST
भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में बरसात के मौसम में कच्चे मकानों को सुरक्षित रखने के लिए आज भी मिट्टी और गोबर की पारंपरिक लिपाई का सहारा लिया जा रहा है. यह देसी उपाय दीवारों की दरारें भरने, पानी के रिसाव को कम करने और जहरीले जीवों से बचाव में मददगार साबित हो रहा है. सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण यह पुरानी परंपरा आज भी गांवों में लोगों का भरोसा बनी हुई है.
भरतपुर. बरसात का मौसम जहां एक ओर ठंडक और राहत लेकर आता है. वहीं ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए कई तरह की परेशानियां भी खड़ी कर देता है. खासकर कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए यह समय किसी चुनौती से कम नहीं होता. मिट्टी से बनी दीवारें बारिश के दौरान कमजोर पड़ जाती हैं और उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा दीवारों में बनने वाली दरारें सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों के घर में प्रवेश का रास्ता बन जाती हैं. इन्हीं समस्याओं से बचने के लिए भरतपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आज भी पारंपरिक उपायों को अपनाते नजर आ रहे हैं. बरसात शुरू होते ही गांवों में घरों की दीवारों पर मिट्टी और गोबर से लिपाई की जाती है.
यह तरीका वर्षों पुराना है, लेकिन आज भी उतना ही प्रभावी साबित हो रहा है. मिट्टी और गोबर से बनी यह परत दीवारों की दरारों को पूरी तरह भर देती है, जिससे दीवार मजबूत हो जाती है और पानी का रिसाव भी कम हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि इस लिपाई से न सिर्फ दीवारों की मजबूती बढ़ती है. बल्कि जहरीले जीवों के घर में घुसने की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाती है. गोबर में प्राकृतिक कीटरोधी गुण होते हैं जो सांप-बिच्छू जैसे जीवों को दूर रखने में मदद करते हैं. यही वजह है कि यह पारंपरिक जुगाड़ आज भी गांवों में भरोसेमंद माना जाता है. इसके साथ ही मिट्टी-गोबर की लिपाई घर को साफ-सुथरा और सुंदर भी बनाती है.
कई जगहों पर महिलाएं इस लिपाई के बाद दीवारों पर पारंपरिक डिज़ाइन भी बनाती हैं, जिससे घर की सुंदरता और बढ़ जाती है. यह तरीका पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ बेहद सस्ता और आसान भी है. कच्चे मकानों की सुरक्षा के लिए यह एक प्रभावी उपाय है. इसके साथ ही भारी बारिश के दौरान दीवारों की नियमित देख रेख भी जरूरी है. ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके बरसात के मौसम में मिट्टी और गोबर से की जाने वाली लिपाई ग्रामीण जीवन की एक ऐसी परंपरा है, जो आज भी लोगों को सुरक्षा मजबूती और स्वच्छता तीनों प्रदान कर रही है.
About the AuthorMonali Paul
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
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Bharatpur,Rajasthan



