SOG का बड़ा खुलासा! 60 लाख में बिका कृषि शिक्षक भर्ती का पेपर, RPSC के पूर्व सदस्य कटारा फिर गिरफ्तार

Last Updated:May 10, 2026, 16:44 IST
Rajasthan Paper Leak SOG Press Conference: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में SOG ने बड़ा खुलासा किया है. ADG विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2022 की कृषि प्रथम श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जी दस्तावेज और पेपर लीक के जरिए चयन कराया गया. आरोपी अशोक कुमार यादव ने पूछताछ में पेपर लीक गिरोह से प्रश्नपत्र लेने की बात स्वीकार की है. जांच में RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा का नाम फिर सामने आया है. SOG के अनुसार कटारा ने 60 लाख रुपए लेकर पेपर उपलब्ध कराया था. मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच लगातार जारी है.
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राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में SOG ने बड़ा खुलासा किया
जयपुर. राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल माफिया के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी कड़ी में वर्ष 2022 की कृषि प्रथम श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है. SOG के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी.
ADG विशाल बंसल ने बताया कि कृषि प्रथम श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक, फर्जी दस्तावेज और संगठित गिरोह के जरिए अभ्यर्थियों को पास कराने का बड़ा नेटवर्क सामने आया है. जांच में यह भी सामने आया कि एक अभ्यर्थी अशोक कुमार यादव पहले से सरकारी नौकरी में कार्यरत था, लेकिन उसने कृषि प्रथम श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर चयन प्राप्त किया. पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने पेपर लीक गिरोह से प्रश्नपत्र हासिल कर परीक्षा पास की थी.
अशोक यादव को ऐसे उपलब्ध कराया था पेपर
SOG की जांच में खुलासा हुआ कि अशोक कुमार यादव को यह पेपर विनोद रेवाड़ और अनिल उर्फ शेर सिंह गिरोह के जरिए उपलब्ध कराया गया था. इसके बाद SOG ने कार्रवाई करते हुए अनिल उर्फ शेर सिंह को गिरफ्तार कर लिया. वहीं फरार आरोपी विनोद रेवाड़ की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है. पूछताछ के दौरान एक बार फिर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा का नाम सामने आया है.
बाबूलाल कटारा को चौथी बार किया गया है गिरफ्तार
ADG विशाल बंसल ने बताया कि बाबूलाल कटारा को इस मामले में चौथी बार गिरफ्तार किया गया है. जांच में सामने आया है कि बाबूलाल कटारा ने 60 लाख रुपए लेकर कृषि विषय का पेपर शेर सिंह को उपलब्ध कराया था. इसके अलावा अपने भतीजे विनोद दामोर को भी पेपर देकर परीक्षा पास कराने की बात सामने आई है. SOG अधिकारियों के अनुसार बाबूलाल कटारा से लगातार गहन पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से जुड़े और कितने अभ्यर्थियों को पेपर उपलब्ध कराया गया तथा भर्ती परीक्षा में किन-किन स्तरों पर गड़बड़ियां की गईं.
NEET परीक्षा का पेपर पर भी व्हाट्सएप पर हुआ था लीक
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ADG विशाल बंसल ने NEET परीक्षा को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि कुछ इनपुट मिले हैं कि कथित रूप से पेपर गैस पेपर के रूप में व्हाट्सएप पर प्रसारित हुआ था और उसकी कॉपी एक फोटोकॉपी की दुकान पर भी मिली थी. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. SOG का कहना है कि राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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