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स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए बड़ी खबर, आ गया Aadhaar ऐप को लेकर सरकार का नया फैसला, कंपनियों ने जताई राहत

Last Updated:April 18, 2026, 08:58 IST

केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन्स में Aadhaar ऐप को अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल करने की योजना फिलहाल रोक दी है. Apple, Samsung और दूसरी कंपनियों ने सुरक्षा, प्राइवेसी और लागत को लेकर चिंता जताई थी. जानिए पूरा मामला.

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स्मार्टफोन यूज़र्स के लिए बड़ी खबर, आ गया Aadhaar ऐप को लेकर सरकार का नया फैसलZoomक्या हर फोन में आने वाला था Aadhaar ऐप? जानिए पूरा मामला

UIDAI और केंद्र सरकार ने फिलहाल स्मार्टफोन्स में Aadhaar ऐप को पहले से इंस्टॉल करने की योजना को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है. यानी अब ऐपल,  सैमसंगऔर दूसरी स्मार्टफोन कंपनियों को अपने फोन में Aadhaar ऐप प्री-इंस्टॉल करके देने की अनिवार्यता नहीं होगी. कुछ समय पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि सरकार चाहती थी कि भारत में बिकने वाले स्मार्टफोन्स में आधार ऐप पहले से मौजूद हो, ताकि यूज़र्स को पहचान वेरिफिकेशन, बैंकिंग, टेलीकॉम सेवाओं और एयरपोर्ट एंट्री जैसी सुविधाओं में आसानी हो सके.

आधार भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले पहचान दस्तावेजों में से एक है और करीब 1.34 अरब लोगों के पास इसका 12 अंकों वाला यूनिक आईडी नंबर मौजूद है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी में UIDAI ने IT मंत्रालय से कहा था कि वह ऐपल, गूगल और दूसरे स्मार्टफोन कंपनियों से बात करे, ताकि आधार ऐप को फोन में पहले से इंस्टॉल करने पर विचार किया जा सके. लेकिन अब IT मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है.

ऐसा हुआ तो क्या हो होगा?बताया जा रहा है कि स्मार्टफोन कंपनियों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था. उनका कहना था कि इससे डिवाइस की सुरक्षा और सॉफ्टवेयर कम्पैटिबिलिटी पर असर पड़ सकता है. साथ ही, कंपनियों को भारत के लिए अलग मैन्युफैक्चरिंग लाइन बनानी पड़ती, जिससे लागत भी बढ़ जाती. खासतौर पर ऐपल और सैमसंग ने सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर चिंता जताई थी.

सरकार ने भी माना कि हर सरकारी ऐप को फोन में पहले से डालना जरूरी नहीं है. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, IT मंत्रालय केवल उन्हीं ऐप्स के प्री-लोडिंग के पक्ष में है, जो वास्तव में बहुत जरूरी हों. यानी फिलहाल यूज़र्स को आधार ऐप खुद ही डाउनलोड करना होगा.

पिछले दो सालों में यह छठी बार था जब सरकार ने किसी सरकारी ऐप को स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल कराने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार इंडस्ट्री की तरफ से इसका विरोध हुआ. इस बार भी कंपनियों की राय और तकनीकी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पीछे हटने का फैसला लिया. यह फैसला स्मार्टफोन कंपनियों के लिए राहत की खबर है.

About the AuthorAfreen Afaq

Afreen Afaq has started her career with Network 18 as a Tech Journalist, and has more than six years experience in ‘Mobile-Technology’ beat. She is a high-performing professional with an established and proven …और पढ़ें

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Delhi,Delhi,Delhi

First Published :

April 18, 2026, 08:55 IST

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