सरकारी अस्पताल की बड़ी सफलता; डॉक्टरों ने तीर से घायल नवोदय के छात्र की बचाई जान

Last Updated:August 12, 2026, 18:16 IST
Udaipur News : उदयपुर के एमबी अस्पताल में डॉक्टरों ने तीरंदाजी के दौरान सीने में तीर लगने से घायल छात्र विकास नानोमा की जान बचाई. तीर दिल के दाहिने हिस्से तक पहुंच गया था. चार घंटे की सर्जरी के बाद छात्र अब ठीक हो रहा है. सीटी स्कैन में पता चला कि तीर स्टर्नम यानी छाती की मुख्य हड्डी और पेरिकार्डियम को पार करते हुए दिल के दाहिने वेंट्रिकल में फंस गया था. दिल से लगातार खून बहने के कारण उसके चारों ओर खून जमा हो गया था
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उदयपुर. उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय के चिकित्सकों ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता और तत्परता का परिचय देते हुए एक बेहद जटिल ऑपरेशन में आदिवासी छात्र की जान बचाई है. डूंगरपुर के सागवाड़ा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में तीरंदाजी की प्रैक्टिस के दौरान 17 वर्षीय छात्र विकास नानोमा के सीने में तीर घुस गया था. तीर सीने की हड्डी को पार करते हुए सीधे दिल के दाहिने हिस्से तक पहुंच गया था. गंभीर हालत में छात्र को उदयपुर के एमबी अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने रात में ही इमरजेंसी सर्जरी करने का फैसला लिया.
जानकारी के अनुसार स्कूल में बच्चे तीरंदाजी का अभ्यास कर रहे थे. इसी दौरान विकास अचानक तीर चलने के रास्ते में आ गया और तीर उसके सीने में जा घुसा. स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोग उसे गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे. प्रारंभिक इलाज के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे उदयपुर रेफर किया गया.
सीटी स्कैन में सामने आई दिल तक पहुंच चुके तीर की स्थितिएमबी अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचने पर डॉक्टरों ने तुरंत उसकी जांच शुरू की. सीटी स्कैन में पता चला कि तीर स्टर्नम यानी छाती की मुख्य हड्डी और पेरिकार्डियम को पार करते हुए दिल के दाहिने वेंट्रिकल में फंस गया था. दिल से लगातार खून बहने के कारण उसके चारों ओर खून जमा हो गया था और कार्डियक टैम्पोनैड की जानलेवा स्थिति बन गई थी. इसमें दिल के चारों ओर बढ़ा दबाव उसकी खून पंप करने की क्षमता को प्रभावित करता है.
आधी रात को शुरू हुई करीब चार घंटे की सर्जरीहालात की गंभीरता को देखते हुए आधी रात को ही छात्र को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया. कार्डिक सर्जन डॉ. विनय नैथानी के नेतृत्व में करीब चार घंटे तक सर्जरी चली. डॉक्टरों ने दाहिनी तरफ थोराकोटॉमी कर पेरिकार्डियम को खोला और दिल के चारों ओर जमा खून को बाहर निकाला. इसके बाद तीर को बेहद सावधानी से बाहर निकाला गया और दाहिने वेंट्रिकल में हुई चोट से हो रहे रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया. सर्जरी के दौरान छात्र को चार यूनिट खून भी चढ़ाया गया.
डॉक्टरों की पूरी टीम ने संभाला मोर्चाऑपरेशन में डॉ. विनय नैथानी के साथ डॉ. नरेश और डॉ. जसवंत ने सहयोग किया. एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. संदीप शर्मा और डॉ. अंजुरी गोयल ने संभाली, जबकि नर्सिंग स्टाफ से दुर्गा मीणा ने सहायता की. इमरजेंसी विभाग में शुरुआत में डॉ. विष्णु प्रताप ने छात्र की स्थिति को स्थिर किया. रेडियोलॉजिकल जांच डॉ. कुशल गहलोत ने की. अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रिंसिपल और कंट्रोलर डॉ. राहुल जैन तथा मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आर.एल. सुमन भी छात्र के इलाज और स्वास्थ्य सुधार पर लगातार नजर बनाए हुए थे. करीब चार घंटे की चुनौतीपूर्ण सर्जरी के बाद छात्र के सीने से दिल के आर-पार पहुंच चुका तीर सफलतापूर्वक निकाल लिया गया.
अब तेजी से रिकवर कर रहा छात्रसर्जरी के बाद विकास की हालत अब स्थिर बताई जा रही है. वह सामान्य रूप से खाना खा रहा है और तेजी से रिकवर कर रहा है. इस जटिल केस में एमबी अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने समय पर निर्णय लेते हुए जिस तरह रात में ही ऑपरेशन कर छात्र की जान बचाई, उसे सरकारी अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं और विशेषज्ञता की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Udaipur,Rajasthan
First Published :
August 12, 2026, 18:16 IST



