बारिश में 250 फीट की ऊंचाई से बह निकला धौलपुर का दमोह झरना, मनमोहक नजारा देखने पहुंचे लोग

Last Updated:August 13, 2026, 09:20 IST
Damoh Waterfall Dholpur: धौलपुर के सरमथुरा स्थित दमोह झरना बारिश के बाद 250 फीट की ऊंचाई से पूरे वेग के साथ बह रहा है. इसका प्राकृतिक सौंदर्य मसूरी के केम्पटी फॉल जैसा अहसास दिलाता है, जिसे देखने राजस्थान, यूपी और एमपी से पर्यटक पहुंच रहे हैं. हालांकि, संकरे फिसलन भरे रास्ते, गहरे कुंड और सुविधाओं की कमी के कारण यहां हादसों का खतरा बना रहता है. स्थानीय लोग इसे सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे हैं.
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Dholpur: राजस्थान के धौलपुर जिले में मानसून की बारिश के बाद प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर है. सरमथुरा उपखंड की झिरी पंचायत स्थित प्रसिद्ध दमोह झरना करीब 250 फीट की ऊंचाई से पूरे वेग के साथ बहने लगा है. घने जंगलों और लाल पथरीली पहाड़ियों के बीच से नीचे गिरता पानी पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
प्रकृति की गोद में बसे इस झरने का दृश्य इतना मनमोहक है कि यहां आने वाले सैलानियों को मसूरी के केम्पटी फॉल का अहसास होने लगता है. चारों तरफ फैली हरियाली, पहाड़ों का मनमोहक नजारा और पानी के तेजी से गिरने की गर्जना पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है. धौलपुर के अलावा पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग इस प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंच रहे हैं.
प्राकृतिक सुंदरता के बीच सुविधाओं और सुरक्षा का अभावदमोह झरना इतना खूबसूरत पर्यटन स्थल होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के कारण पर्यटकों को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:
संकरा व फिसलन भरा रास्ता: झरने तक पहुंचने का मार्ग बेहद ऊबड़-खाबड़, संकरा और पथरीला है. बारिश के कारण रास्ते में फिसलन बढ़ जाती है और एक तरफ गहरी खाई होने से हादसे का खतरा बना रहता है.
गहरा कुंड और काई जमा चट्टानें: झरने के नीचे स्थित कुंड काफी गहरा है. इसके आसपास की चट्टानों पर जमा काई की वजह से पर्यटकों के फिसलने का डर रहता है.
जंगली जानवरों का खतरा: पूरा क्षेत्र सघन वन विभाग के अंतर्गत आता है, जहां बघेरे, पैंथर और मगरमच्छ जैसे वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है. इसके बावजूद सुरक्षा के लिहाज से वनकर्मियों की पर्याप्त तैनाती नहीं है.
मूलभूत सुविधाओं की कमी: परिसर में पीने के पानी, शौचालय, प्राथमिक उपचार केंद्र तथा बैठने की कोई उचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है.
सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांगस्थानीय निवासियों और पर्यटकों का कहना है कि दमोह झरना धौलपुर की एक अनमोल प्राकृतिक विरासत है. यदि राज्य सरकार और पर्यटन विभाग यहां सुरक्षित पक्के रास्ते, सुरक्षा रेलिंग, वनकर्मियों की तैनाती और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए, तो यह स्थान देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल हो सकता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Dhaulpur,Dhaulpur,Rajasthan
First Published :
August 13, 2026, 09:20 IST



