क्या डायबिटीज, बीपी पेशेंट भी कर सकता है ऑर्गन डोनेट? एक्सपर्ट ने बताया ट्रांसप्लांट के लिए क्या चीज जरूरी

Last Updated:August 16, 2026, 11:06 IST
Organ Donation Facts: अंगदान को महादान कहा जाता है. हमारे शरीर में कई ऐसे अंग है जिसे हम दूसरों को दान कर सकते हैं और दूसरे की जान बचा सकते हैं साथ ही खुद भी एक नॉर्मल जिंदगी जी सकते हैं. लेकिन जब व्यक्ति खुद ही डायबिटीज, बीपी जैसी मेडिकल कंडीशन से जूझ रहा हो तो वो दूसरे की जान बचाने के लिए क्या ही कर सकता है? यदि आप भी ऐसा सोचते हैं, तो इस लेख में एक्सपर्ट से जानिए ऑर्गन डोनेशन के लिए क्या चीज होना जरूरी है?
ख़बरें फटाफट
अंगदान किसी व्यक्ति को नई जिंदगी देने का सबसे बड़ा और नेक काम माना जाता है. फिर भी आज भी कई लोगों के मन में इसे लेकर कई तरह की गलतफहमियां हैं. सबसे आम धारणा यह है कि केवल पूरी तरह स्वस्थ व्यक्ति ही अंगदान कर सकते हैं. इसी वजह से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या अन्य पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि वे अंगदान नहीं कर सकते हैं. लेकिन मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा जरूरी नहीं है.
गाजियाबाद स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में लिवर ट्रांसप्लांट और बिलियरी साइंसेज, रोबोटिक सर्जरी, पीडियाट्रिक लिवर ट्रांसप्लांट के डायरेक्टर डॉ. राजेश डे बताते हैं कि अंगदान के लिए सबसे जरूरी बात यह होती है कि दान किया जाने वाला अंग कितना स्वस्थ और उपयोगी है. किसी व्यक्ति को कोई बीमारी होने का मतलब यह नहीं है कि उसके सभी अंग ट्रांसप्लांट के लिए खराब हैं.
डॉक्टर कैसे तय करते हैं योग्यता?अंगदान से पहले मेडिकल टीम डोनर की पूरी मेडिकल हिस्ट्री की जांच करती है. इसके साथ कई जरूरी टेस्ट किए जाते हैं और प्रत्येक अंग का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाता है. डॉक्टर यह देखते हैं कि संबंधित अंग ट्रांसप्लांट के लिए सुरक्षित और उपयोगी है या नहीं.
कब अंगदान संभव नहीं होता?कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जिनमें अंगदान की अनुमति नहीं दी जाती. उदाहरण के लिए, सक्रिय संक्रमण, कुछ प्रकार के कैंसर या किसी अंग की गंभीर बीमारी उस अंग को ट्रांसप्लांट के लिए अनुपयुक्त बना सकती है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति के सभी अंग या ऊतक उपयोग के लायक नहीं होंगे. हर निर्णय मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाता है.
जीवित और मृत व्यक्ति के अंगदान में अंतरजीवित व्यक्ति द्वारा अंगदान करने की स्थिति में और भी सावधानी बरती जाती है. डॉक्टर यह सुनिश्चित करते हैं कि किडनी या लिवर का हिस्सा दान करने के बाद डोनर की सेहत पर कोई नकारात्मक असर न पड़े. इसलिए पहले से बीमारी होने पर अतिरिक्त जांच की जरूरत पड़ सकती है.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
और पढ़ेंLocation :
New Delhi,Delhi
First Published :
August 16, 2026, 11:06 IST



