सावन सोमवार पर शिवभक्ति में डूबा श्रीगंगानगर, शिवालय में उमड़ी भक्तों की भीड़, बेलपत्र चढ़ाकर मांगी मनोकामना

Last Updated:August 10, 2026, 14:21 IST
Sriganganagar Sawan Somwar: सावन के पहले सोमवार पर श्रीगंगानगर के शुक्रनाथ जी की बगीची स्थित प्राचीन शिवालय में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. अलसुबह से ही भक्त भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं. श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया, वहीं भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की. मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है. सावन सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है. सुबह से मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला लगातार जारी है.
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सावन के दूसरे सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
श्रीगंगानगर. पवित्र सावन मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर सीमावर्ती शहर श्रीगंगानगर में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. शहर के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक शुक्रनाथ जी की बगीची स्थित प्राचीन शिवालय में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा. भोलेनाथ की भक्ति में लीन श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन और पूजन के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं, जिससे पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र शिवमय हो उठा है.
सोमवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही शिवालय के पट खुलते ही भक्तों का आगमन शुरू हो गया था. समय बीतने के साथ श्रद्धालुओं की कतारें लंबी होती गईं. बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी हाथों में जल, दूध और पूजन सामग्री की थाली लिए कतारों में अपनी बारी का धैर्यपूर्वक इंतजार करते नजर आए. जैसे ही भक्तों ने गर्भगृह में प्रवेश किया, “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” और “जय शिव शंभू” के गगनभेदी जयघोषों से पूरा वातावरण अध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस से सराबोर हो गया.
भगवान आशुतोष का विधि-विधान से पूजन कियासावन के पहले सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व मानते हुए श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का विधि-विधान से पूजन किया. पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भक्तों ने शिवलिंग पर पवित्र नदियों के जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से जलाभिषेक तथा दुग्धाभिषेक किया. इसके साथ ही देवाधिदेव महादेव की प्रिय वस्तुएं बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, आक के फूल और भस्म अर्पित की गईं. श्रद्धालुओं ने अपने परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और निरोगी काया की कामना करते हुए मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष प्रार्थना की.
मनमोहक श्रृंगार और महाआरतीइस अवसर पर शुक्रनाथ जी की बगीची स्थित प्राचीन शिवालय के मुख्य शिवलिंग का अलौकिक एवं मनमोहक श्रृंगार किया. ताजे पुष्पों, भस्म और विशेष वस्त्रों से बाबा भोलेनाथ का रूप सजाया गया, जिसके दर्शन पाकर भक्त भावविभोर हो उठे. दोपहर में आयोजित विशेष महाआरती के दौरान ढोल-नगाड़ों, घंटी और शंख की मधुर ध्वनियों ने वातावरण में अद्भुत दिव्य ऊर्जा का संचार किया.
सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाममंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. कतारों को व्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेडिंग की गई है, ताकि महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को दर्शन में कोई असुविधा न हो. इसके अलावा, पेयजल और छाया की भी विशेष व्यवस्था की गई है. सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल और सेवादार जगह-जगह तैनात हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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August 10, 2026, 14:21 IST



