250 फीट की ऊंचाई से गिरता दमोह जलप्रपात बना पर्यटकों की पहली पसंद

Last Updated:August 09, 2026, 13:58 IST
Dholpur Damoh Waterfall: धौलपुर के सरमथुरा स्थित दमोह जलप्रपात मानसून की बारिश के साथ ही पर्यटकों का केंद्र बन गया है. 250 फीट की ऊंचाई से गिरता झरना और घनी हरियाली पर्यटकों को आकर्षित कर रही है. हालांकि, संकरा-पथरीला रास्ता, पीने के पानी की कमी और सुरक्षा इंतजाम न होना बड़ी चिंता का विषय है. यह क्षेत्र टाइगर्स, पैंथर और मगरमच्छों का आवास है, फिर भी लोग बिना सुरक्षा झरने के पास पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक विकास और सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग की है.
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Dholpur Damoh Waterfall: 250 फीट से गिरता झरना देख उमड़े पर्यटक, सुरक्षा इंतजाम नदारद
Dholpur: मानसून की बारिश के साथ ही राजस्थान के धौलपुर जिले में प्रकृति का अनुपम सौंदर्य देखने को मिल रहा है. सरमथुरा उपखंड के झिरी पंचायत क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध ‘दमोह जलप्रपात’ एक बार फिर पूरी लय में बह निकला है. करीब 250 फीट की ऊंचाई से गिरते पानी का कलकल बहता मनमोहक दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है. हरियाली से घिरी अरावली की सुंदर पहाड़ियों के बीच यह झरना राजस्थान ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है.
दमोह झरने के नीचे बना विशाल कुंड और आसपास का शांत व सुंदर वातावरण हर किसी को रोमांचित कर देता है. पर्यटकों का कहना है कि दमोह जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के मामले में देश के किसी भी बड़े पर्यटन स्थल से कम नहीं है. यदि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन इसे व्यवस्थित रूप से विकसित करे, तो यह धौलपुर का सबसे बड़ा पर्यटन हब बन सकता है. हालांकि, इस खूबसूरत झरने तक पहुंचने की राह बेहद कठिन है. यहां आने का रास्ता संकरा, पथरीला और ऊबड़-खाबड़ है. बारिश के दिनों में पत्थरों पर काई जमने से फिसलन बढ़ जाती है, जिससे हर पल हादसे की आशंका बनी रहती है. इसके अलावा, यहां पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी भारी अभाव है.
खूंखार वन्यजीवों का निवास क्षेत्र, बिना सुरक्षा जान जोखिम में डाल रहे लोगदमोह झरना सघन वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है. यह इलाका टाइगर्स, पैंथर्स और कुंड में रहने वाले मगरमच्छों सहित कई हिंसक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास (Natural Habitat) है. इसके बावजूद रोजाना सैकड़ों पर्यटक जान जोखिम में डालकर झरने के बेहद करीब पहुंच रहे हैं. कुंड की गहराई, चिकनी चट्टानें और पास में स्थित गहरी खाइयां किसी बड़े खतरे को न्योता दे रही हैं. झरने के आसपास न तो कोई सुरक्षा रेलिंग लगाई गई है और न ही प्रशासन की ओर से कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं.
स्थानीय निवासियों ने की पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांगप्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए स्थानीय लोगों ने मांग उठाई है कि दमोह जलप्रपात पर पर्यटकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं. ग्रामीणों के अनुसार, यहां तुरंत प्रभाव से सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी बोर्ड, सुरक्षित पहुंच मार्ग, पेयजल और वन विभाग की निगरानी चौकी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि इस अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लोग बिना किसी भय के ले सकें.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Dhaulpur,Dhaulpur,Rajasthan
First Published :
August 09, 2026, 13:58 IST



