मौत सामने थी… फिर भी नहीं टूटा हौसला! 15 मिनट तक मगरमच्छ से भिड़ा पशुपालक, सूझबूझ से बचाई अपनी जिंदगी

Last Updated:July 05, 2026, 22:22 IST
Karauli Crocodile Attack News: एक पशुपालक ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए मगरमच्छ के साथ करीब 15 मिनट तक संघर्ष किया और आखिरकार अपनी जान बचाने में सफल रहा. जानकारी के अनुसार, मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया, लेकिन घबराने के बजाय पशुपालक ने सूझबूझ दिखाई. संघर्ष के दौरान उसने मगरमच्छ की आंख पर वार किया, जिससे शिकारी का पकड़ कमजोर हुई और उसे भागने का मौका मिल गया. इस घटना ने आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि मगरमच्छ की आंखें उसके शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा होती हैं, इसलिए आत्मरक्षा की स्थिति में वहां प्रहार प्रभावी साबित हो सकता है. घटना के बाद घायल पशुपालक का उपचार कराया गया.
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चंबल नदी के घूसई घाट पर एक पशुपालक ने मगरमच्छ के जानलेवा हमले का डटकर मुकाबला कर अपनी जान बचा ली
करौली। सपोटरा उपखंड के करणपुर क्षेत्र में चंबल नदी के घूसई घाट पर एक पशुपालक ने मगरमच्छ के जानलेवा हमले का डटकर मुकाबला कर अपनी जान बचा ली. मगरमच्छ उसे हाथ पकड़कर करीब 30 से 40 फीट तक गहरे पानी में खींच ले गया, लेकिन पशुपालक ने उसकी आंख पर हमला कर और लगातार संघर्ष करते हुए खुद को छुड़ा लिया. ग्रामीणों ने भी लाठी-डंडों से मगरमच्छ पर हमला कर घायल को बचाया. गंभीर रूप से घायल पशुपालक को करणपुर अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद करौली जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है.
पायल पूरण ने बताया की घटना करौली जिले के घूसई घाट स्थित चंबल नदी की है. धूसई गांव निवासी 55 वर्षीय पूरण मीणा पुत्र रामफूल मीणा रविवार दोपहर करीब 2- 2:30 बजे बकरियां चराने के दौरान उन्हें पानी पिलाने के लिए चंबल नदी पर गया था. इसी दौरान प्यास लगने पर वह बोतल में पीने का पानी भरने के लिए नदी के किनारे बैठा.
मगरमच्छ की आंख पर जोरदार वार कियापूरण मीणा ने बताया कि अचानक एक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसके दाहिने हाथ को अपने जबड़ों में दबोच लिया. इसके बाद मगरमच्छ उसे करीब 30 से 40 फीट दूर गर्दन तक गहरे पानी में खींच ले गया. जान बचाने के लिए पूरण ने हिम्मत नहीं हारी. संघर्ष के दौरान उसका हाथ मगरमच्छ की आंख तक पहुंच गया. उसने मगरमच्छ की आंख पर जोरदार वार किया और लगातार संघर्ष करता रहा. इसी बीच उसने शोर मचाकर आसपास मौजूद मोतीलाल और प्यारेलाल को मदद के लिए बुलाया.
मगरमच्छ ने पूरण का हाथ छोड़ दिया और नदी में वापस चला गयाआवाज सुनकर दोनों ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों से मगरमच्छ पर हमला कर दिया. करीब 10 से 15 मिनट तक चले संघर्ष के बाद आंख और शरीर पर चोट लगने से मगरमच्छ ने पूरण का हाथ छोड़ दिया और नदी में वापस चला गया. घटना के बाद ग्रामीण गंभीर रूप से घायल पूरण मीणा को तुरंत करणपुर अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां चिकित्सक डॉ. रामराज मीणा और डॉ. महेश मीणा ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए करौली जिला अस्पताल रेफर कर दिया. जिला अस्पताल में घायल का उपचार जारी है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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Location :
Karauli,Rajasthan



