Rajasthan

प्रसूताओं की सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी! पावटा केस के बाद उम्मेद अस्पताल पहुंचीं गायत्री राठौड़, किया निरीक्षण

Last Updated:June 23, 2026, 13:17 IST

Gayatri Rathore Visit Umaid Hospital: पावटा अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद राजस्थान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी तेज कर दी है. इसी क्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जोधपुर के उम्मेद अस्पताल का निरीक्षण किया. उन्होंने लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड का दौरा कर मरीजों, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ से बातचीत की. निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मेडिकल प्रोटोकॉल और एसओपी की पालना की समीक्षा की गई. गायत्री राठौड़ ने बताया कि वर्ष 1938 से संचालित उम्मेद अस्पताल प्रदेश के प्रमुख मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल है, जहां हर साल लगभग 25 हजार प्रसव होते हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.

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स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर! उम्मेद अस्पताल पहुंचीं गायत्री राठौड़Zoomस्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर! केस के बाद उम्मेद अस्पताल पहुंचीं गायत्री राठौड़

जोधपुर: जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में मंगलवार को चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. हाल ही में पावटा अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले के बाद शासन स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी बढ़ा दी गई है. इसी कड़ी में गायत्री राठौड़ ने लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड का निरीक्षण किया तथा मरीजों, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ से भी बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मेडिकल प्रोटोकॉल की पालना की समीक्षा की.

राज्य की प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़ ने जोधपुर के उम्मेद अस्पताल का निरीक्षण करते हुए कहा कि यह प्रदेश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्थानों में से एक है. वर्ष 1938 से संचालित इस अस्पताल में प्रतिवर्ष करीब 25 हजार प्रसव होते हैं, जिनमें लगभग 40 प्रतिशत सिजेरियन डिलीवरी शामिल हैं. उन्होंने लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों, चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ से बातचीत की. राठौड़ ने कहा कि अस्पताल में आने वाली महिलाओं को बेहतर उपचार और सुरक्षित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है तथा सभी मेडिकल प्रोटोकॉल और एसओपी की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जा रही है.

स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर चर्चापावटा अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रभावित महिलाओं में से अधिकांश की हालत में सुधार है और उन्हें जल्द ही छुट्टी दी जा सकेगी. कुछ मरीज पहले से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में थीं, जिनका उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है. उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग का पूरा फोकस अस्पतालों में निर्धारित एसओपी, दवा प्रबंधन, नर्सिंग मॉनिटरिंग और पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल की प्रभावी पालना पर है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि की संभावना न रहे. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, दवाओं, ग्लव्स और कैनुला की पर्याप्त उपलब्धता की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर चर्चा की.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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