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Ground Report | Sikar News

Last Updated:June 16, 2026, 10:50 IST

Sikar News : सीकर जिले के खाचरियावास गांव में रहने वाले धर्मचंद मेहरा और उनका परिवार हर बारिश के साथ एक नई परेशानी का सामना करता है. जिस घर को उन्होंने वर्षों की मेहनत से बनाया, वही घर अब बरसात के मौसम में उनके लिए चिंता का कारण बन जाता है. बारिश शुरू होते ही आसपास का पानी घर की ओर बहने लगता है और कुछ ही समय में आंगन से लेकर कमरों तक जलभराव हो जाता है. परिवार के सदस्य बिस्तर, राशन, कपड़े और जरूरी सामान को बचाने में जुट जाते हैं. महिलाओं के लिए खाना बनाना मुश्किल हो जाता है, जबकि बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है. धर्मचंद मेहरा का आरोप है कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत और प्रशासन को समस्या से अवगत कराया, लेकिन समाधान नहीं मिला. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई. अब परिवार स्थायी समाधान और नालियों के निर्माण की मांग कर रहा है.

Ground Report: यह खबर केवल जलभराव की समस्या की नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार की पीड़ा की कहानी है जो अपने ही घर में सुकून से रहने का अधिकार खोता जा रहा है. सीकर जिले के खाचरियावास गांव में रहने वाले धर्मचंद मेहरा और उनका परिवार हर बारिश के साथ एक नए डर के साए में जीने को मजबूर है. जिस घर को उन्होंने अपने सपनों और मेहनत से बनाया था, वही घर अब बरसात के दिनों में उनके लिए मुसीबत का कारण बन गया है.

बारिश की कुछ बूंदें जहां लोगों के लिए राहत और खुशी लेकर आती हैं, वहीं धर्मचंद मेहरा के परिवार के लिए चिंता और परेशानी का कारण बन जाती हैं. जैसे ही बारिश शुरू होती है, आसपास का पानी उनके घर की ओर बहने लगता है. देखते ही देखते आंगन से लेकर कमरों तक पानी भर जाता है. परिवार के सदस्य अपने सामान को बचाने के लिए इधर-उधर भागते हैं. बिस्तर, कपड़े, राशन और जरूरी घरेलू सामान पानी में भीगने का खतरा झेलते हैं.

अपने ही घर में रहना किसी सजा से कम नहींपरिवार की महिलाओं का कहना है कि बरसात के दिनों में खाना बनाना तक मुश्किल हो जाता है. छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है. रात भर जागकर पानी निकालना पड़ता है, ताकि घर रहने लायक बना रहे. कई बार तो हालात इतने खराब हो जाते हैं कि घर किसी तालाब जैसा दिखाई देने लगता है. ऐसे में अपने ही घर में रहना किसी सजा से कम नहीं लगता.

प्रशासन के सामने बेबस धर्मचंद का परिवार धर्मचंद मेहरा का दर्द केवल पानी भरने तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि इस समस्या को लेकर उन्होंने ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला. समाधान आज तक नहीं हुआ. परिवार को उम्मीद थी कि प्रशासन उनकी परेशानी समझेगा, लेकिन वर्षों से चली आ रही यह समस्या अब उनकी उम्मीदों को भी कमजोर करने लगी है.

प्रशासनिक लापरवाही से जीवन को मुश्किलग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसका खामियाजा आज धर्मचंद मेहरा का परिवार भुगत रहा है. एक छोटी सी प्रशासनिक लापरवाही ने उनके जीवन को मुश्किल बना दिया है.अब परिवार प्रशासन और ग्राम पंचायत से हाथ जोड़कर गुहार लगा रहा है कि जल्द से जल्द नालियों का निर्माण कर पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए. उनका कहना है कि वे कोई विशेष सुविधा नहीं मांग रहे, सिर्फ इतना चाहते हैं कि बारिश होने पर उनका घर घर ही रहे, तालाब न बने.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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Sikar,Sikar,Rajasthan

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