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15 साल का बच्चा है, थोड़ा सब्र रखो…, वैभव सूर्यवंशी के लिए आगे आए राहुल द्रविड़, ‘उतार-चढ़ाव से मत घबराना’

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15 साल का बच्चा है, थोड़ा सब्र रखो…, वैभव सूर्यवंशी के लिए आगे आए द्रविड़

Last Updated:August 22, 2026, 18:21 IST

Rahul Dravid big statement for Vaibhav Sooryavanshi: राहुल द्रविड़ ने वैभव सूर्यवंशी के ऑल-फॉर्मेट विकास पर जोर दिया है. टी20 डेब्यू के बाद अब दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए रेड-बॉल क्रिकेट खेलने जा रहे वैभव को लेकर द्रविड़ ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट के विकास के लिए ऐसे युवाओं का लंबे फॉर्मेट में टिकना जरूरी है. द्रविड़ ने फैंस और विशेषज्ञों से अपील की कि वे 15 साल के वैभव के प्रति धैर्य रखें, क्योंकि करियर में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है.15 साल का बच्चा है, थोड़ा सब्र रखो..., वैभव सूर्यवंशी के लिए आगे आए द्रविड़ Zoomवैभव सूर्यवंशी रविवार से दलीप ट्रॉफी में खेलने उतरेंगे.

नई दिल्ली. पूर्व कप्तान और ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ का कहना है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की हर फॉर्मेट में जरूरत है.द्रविड़ का मानना है कि वैभव जैसे असाधारण और दुर्लभ प्रतिभा वाले खिलाड़ी का व्हाइट-बॉल के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट में रेड-बॉल फॉर्मेट खेलना भारतीय क्रिकेट के लिए एक शानदार संकेत है. इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस य15 साल के क्रिकेटर के लंबे और सफल करियर को सुरक्षित रखने के लिए एक्सपोजर और धैर्य की सख्त आवश्यकता है.

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने बहुत ही कम उम्र में क्रिकेट जगत में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से तहलका मचाया है. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपने धमाकेदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा और इसी सनसनीखेज प्रदर्शन की बदौलत उन्हें इसी साल जून में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की टी20 इंटरनेशनल टीम में डेब्यू करने का सुनहरा अवसर मिला. हालांकि, टी20 फॉर्मेट की चकाचौंध और आक्रामक खेल के बाद अब वैभव के असली तकनीकी कौशल और धैर्य की परीक्षा लाल गेंद के क्रिकेट में होने जा रही है. वह आगामी दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की ओर से मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जहां उनका सामना देश के बेहतरीन और अनुभवी गेंदबाजों से होगा.

वैभव सूर्यवंशी रविवार से दलीप ट्रॉफी में खेलने उतरेंगे.

रेड-बॉल के आंकड़े और खेल की हकीकतटी20 क्रिकेट में वैभव का बल्ला भले ही जमकर बोला हो, लेकिन पारंपरिक लाल गेंद के प्रारूप में उनके आंकड़े अभी भी एक युवा खिलाड़ी के सीखने के दौर को बयां करते हैं. रणजी ट्रॉफी प्लेट लीग के अपने तीन अलग-अलग सत्रों में वैभव ने अब तक 12 पारियां खेली हैं, जिनमें उनका औसत महज 17.25 का रहा है. इन आंकड़ों के पीछे एक बड़ी वजह यह भी रही कि उनका घरेलू रेड-बॉल सत्र भारत की अंडर-19 टीम की जिम्मेदारियों और अंतरराष्ट्रीय दौरों के चलते लगातार बाधित होता रहा. उन्हें कभी भी लंबे समय तक लगातार लाल गेंद से खेलने और इस फॉर्मेट की पेचीदगियों को गहराई से समझने का नियमित अवसर नहीं मिल सका.

द्रविड़ का संतुलित दृष्टिकोण और टेस्ट क्रिकेट की अहमियतवैभव के विकास पर बात करते हुए राहुल द्रविड़ ने कहा कि एक युवा खिलाड़ी के लिए दोनों प्रारूपों के बीच सही संतुलन तलाशना सबसे जरूरी कदम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बेहद सकारात्मक बात है कि वैभव को आईपीएल के जरिए भारत में शीर्ष स्तर पर व्हाइट-बॉल क्रिकेट का अनुभव मिल रहा है. लेकिन उससे भी ज्यादा अच्छी बात यह है कि उनके पास घरेलू क्रिकेट के सिस्टम में वापस जाकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और इस प्रारूप में अपने करियर को तराशने का पूरा समय उपलब्ध है.

द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर भी गहरी बात कही. उनका मानना है कि क्रिकेट जगत का हर व्यक्ति चाहता है कि टेस्ट क्रिकेट न केवल जीवित रहे, बल्कि और अधिक समृद्ध हो. खेल के इस सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रारूप को आगे ले जाने के लिए हमें वैभव सूर्यवंशी जैसे बहुमुखी युवा खिलाड़ियों की जरूरत है, जो भविष्य में तीनों फॉर्मेट में मजबूती से देश का प्रतिनिधित्व कर सकें.

राजस्थान रॉयल्स का मेंटॉरशिप और सीखने की प्रक्रियाराहुल द्रविड़ ने आईपीएल 2025 के दौरान राजस्थान रॉयल्स में वैभव सूर्यवंशी के साथ बतौर कोच काफी समय बिताया है. वह इस किशोर बल्लेबाज की अपार क्षमता और उनकी तकनीकी सीमाओं दोनों से भली-भांति वाकिफ हैं. द्रविड़ का मानना है कि लगातार रेड-बॉल क्रिकेट खेलना वैभव के लिए बेहद मूल्यवान साबित होगा, क्योंकि अब तक उन्हें इस लंबे फॉर्मेट में निरंतरता के साथ खेलने का मौका नहीं मिला है. द्रविड़ ने इस बात को रेखांकित किया कि वैभव ने अब तक लाल गेंद के मुकाबले सफेद गेंद से अधिक क्रिकेट खेला है. रेड-बॉल क्रिकेट में क्रीज पर टिकने का संयम, स्विंग होती गेंदों का सामना करने की तकनीक और परिस्थितियों के हिसाब से पारी को बुनने की समझ समय के साथ ही आती है.

धैर्य की जरूरत, उतार-चढ़ाव खेल का हिस्सावैभव की उम्र का जिक्र करते हुए द्रविड़ ने क्रिकेट फैंस और विश्लेषकों से संयम बरतने की भावुक अपील की. उन्होंने कहा कि वैभव अभी केवल 15 साल के हैं. उन्हें अपनी तकनीक को निखारने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढलने के लिए वक्त और अनुभव की जरूरत होगी. द्रविड़ के अनुसार, वैभव को बहुत कम उम्र में सीधी और बड़ी सफलता मिल गई है, लेकिन किसी भी युवा क्रिकेटर के करियर में उतार-चढ़ाव आना तय है. आने वाले समय में जब वह खराब दौर से गुजरें, तो चयनकर्ताओं, विशेषज्ञों और प्रशंसकों को उनके प्रति बेहद धैर्यवान रहना होगा. अनुभव ही उन्हें एक संपूर्ण और महान बल्लेबाज बनाएगा.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

August 22, 2026, 18:21 IST

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