बुखार के साथ पेट में है दर्द और हो रही है उल्टी तो हो जाएं सावधान, लिवर एब्सेस हो सकता है वजह.. जानिए लक्षण और इलाज का तरीका

वर्तमान समय में लिवर एब्सेस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. इसकी एक बड़ी वजह छोटी-छोटी लापरवाहियां और अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन है. अगर आप भी अधिक अल्कोहल का सेवन करते हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि लिवर एब्सेस एक गंभीर बीमारी है और समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है. आइए जानते हैं क्या है लिवर एब्सेस, इसके लक्षण और इससे बचाव के तरीके.
क्या है लिवर एब्सेस?
लोकल 18 से बातचीत करते हुए प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. मोहम्मद अरशद बताते हैं कि लिवर एब्सेस एक प्रकार का संक्रमण है, जो बैक्टीरियल या पैरासाइटिक इंफेक्शन के कारण हो सकता है. बैक्टीरियल इंफेक्शन में कई तरह के बैक्टीरिया लिवर में संक्रमण पैदा कर देते हैं, जिसके कारण लिवर में पस का संग्रह बन जाता है. इसी स्थिति को लिवर एब्सेस कहा जाता है.
यह बीमारी कई कारणों से हो सकती है. डायबिटीज के मरीजों में भी इसका खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन करने वालों में भी लिवर से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है. यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और समय पर इलाज न होने पर जानलेवा भी हो सकती है.
शुरुआत में दवा से हो सकता है इलाज
डॉ. मोहम्मद अरशद के मुताबिक, लिवर एब्सेस के शुरुआती चरण में मरीज का इलाज दवाओं के माध्यम से किया जा सकता है. लेकिन अगर बीमारी बढ़ जाए और लिवर में पस का संग्रह अधिक हो जाए तो डॉक्टर को प्रक्रिया के जरिए पस निकालना पड़ सकता है. इसलिए शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर ही डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
लिवर एब्सेस के प्रमुख लक्षण
लिवर एब्सेस होने पर मरीज को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. इसके प्रमुख लक्षणों में हल्का या लगातार पेट दर्द, बुखार, मतली और उल्टी शामिल हैं. इसके अलावा मरीज को काफी कमजोरी और थकान भी महसूस हो सकती है.
अगर शरीर में इस तरह के लक्षण लगातार दिखाई दे रहे हैं तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर जांच और उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है.
डायबिटीज के मरीज रखें खास ध्यान
डॉक्टर के अनुसार, जिन लोगों को डायबिटीज है उन्हें अपने ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना चाहिए. डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं समय पर लेते रहना जरूरी है. अनियंत्रित डायबिटीज के कारण कई तरह के संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए नियमित रूप से शुगर की जांच और नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए.
अल्कोहल का सेवन तुरंत बंद करें
अगर कोई व्यक्ति अल्कोहल का सेवन करता है और उसे लिवर एब्सेस की समस्या हो गई है तो उसे अल्कोहल का सेवन बंद कर देना चाहिए. लिवर से जुड़ी बीमारी के दौरान अल्कोहल का सेवन स्थिति को और गंभीर बना सकता है. इसलिए इस बीमारी के दौरान शराब से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी है.
लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से कराएं जांच
अगर लिवर एब्सेस के कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो बिना देरी किए योग्य चिकित्सक से जांच और इलाज कराना चाहिए. इस बीमारी में लापरवाही करने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और कई मामलों में जान का खतरा भी पैदा हो सकता है.
बढ़ने पर प्रक्रिया के जरिए निकाली जाती है पस
लिवर एब्सेस में लिवर के अंदर पस का संग्रह बन जाता है. कई मामलों में यह दवाओं से ठीक हो सकता है, लेकिन यदि पस का संग्रह अधिक बढ़ जाए या दवाओं से सुधार न हो तो डॉक्टर प्रक्रिया के माध्यम से इसे बाहर निकाल सकते हैं. यह उपचार डॉक्टर मरीज की स्थिति और जांच रिपोर्ट के आधार पर तय करते हैं.
खान-पान का भी रखें ध्यान
अगर आप लिवर एब्सेस से पीड़ित हैं तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार खान-पान पर ध्यान देना चाहिए. इस दौरान अधिक तेल-मसाले और मिर्च वाले भोजन से परहेज करना बेहतर होता है. साथ ही अल्कोहल का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए. सबसे जरूरी है कि डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें और इलाज को बीच में न छोड़ें.



