Entertainment

‘बसों से उतारकर मार दिए जाते थे बेगुनाह…’, दिलजीत की ‘सतलुज’ पर बोलीं गुल पनाग, सुनाया बचपन का दर्द

Last Updated:July 08, 2026, 12:11 IST

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ विवादों में है. एक्ट्रेस गुल पनाग ने पंजाब के हिंसक दिनों को याद करते हुए फिल्म के समर्थन में बात की. उन्होंने बचपन में देखी क्रूरता और निर्दोषों की हत्या का जिक्र किया.'बसों से उतारकर मार दिए जाते थे बेगुनाह...', दिलजीत की 'सतलुज' पर बोलींZoom

एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ इन दिनों विवादों में घिरी हुई है. फिल्म को ओटीटी से बैन करने के बाद से इसे लेकर बहस चल रही है. दिलजीत के सपोर्ट में अब तक कई सितारे उतर चुके हैं. अब बॉलीवुड एक्ट्रेस गुल पनाग का रिएक्शन भी सामने आया है. जिन्होंने पंजाब के उन हिंसक दिनों को याद किया जब कई बेगुनाहों को मौत के घाट उतारा जा रहा था.

गुल पनाग ने बताया कि उनकी परवरिश पंजाब में बीती है. उन्हें अपने बचपन की बातें अभी बी याद है. जब पंजाब में हिंसाब चरम पर थी. उन्होंने खुद क्रूरता देखी है. कभी बसों को रोक कर निर्दोषों को मार दिया जाता तो कभी किसी को यातनाएं दी जाती.

एक्ट्रेस ने सुनाई आपबीती‘सतलुज’ विवाद के बीच गुल पनाग ने एक्स पर एक ट्वीट किया. उन्होंने कहा, ‘मैं हिंसक के क्रूर सालों को बहुत पास से देखा है. मेरी पंजाब में ही परवरिश हुई. आज भी मुझे न्यूजपेपर की हैडलाइन अच्छे से याद है. जब बताया जाता था कि कैसे बसों को रोककर निर्दोष यात्रियों को बाहर निकालकर मार डाल देते थे. मुझे आज भी अच्छे से याद है कि कैसे मेरे ही गांव के कुछ लड़कों को उठाकर हिरासत में लिया जाता और तरह तरह की यातनाएं दी गई थीं. जबकि उनका आंदोलन से कोई लेना देना नहीं था.’

पंजाब में हिंसक घटनागुल पनाग ने ऐसी घटनाओं को बताते हुए माना कि इतिहास के ऐसे पन्नों से असहज नहीं होना चाहिए. न ही ऐसी कहानियां सुनानी बंद करनी चाहिए. बता दें यहां गुल ने ‘सतलुज’ जैसी कहानियों को बैन करने पर अहसमति जताई है.

क्यों सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो पाई थी ‘सतलुज’सेंसर बोर्ड के पास ‘सतलुज’ साल 2022 में पहुंची थीं. लेकिन 21 कट और टाइटल में घल्लूघारा को पंजाब 95 करने का निर्देश दिया गया. इसके बाद फिल्म का प्रोडक्शन हाउस RSVP ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया. इस बीच फिल्म का टोरोंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी स्क्रीनिंग हुई.

सतलुज विवादवहां दूसरी ओर हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद फिल्म को दोबारा सेंसर बोर्ड की संशोधित समिति के पास संशोधन के लिए भेजा. लेकिन इस बार 21 की जगह 127 कट का सुझाव दिया गया. इस तरह फिल्म का नाम पंजाब 95 से सतलुज रखा गया और सालों तक फिल्म रिलीज के लिए तरसती रही. अब फिल्म को मेकर्स ने ओटीटी पर रिलीज किया तो यहां भी इसे बैन का सामना करना पड़ा.

About the AuthorVarsha

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj