इसे कहते हैं ‘चट मंगनी, पट ब्याह’, सगाई करने आए थे, बात पक्की होते ही हाथोंहाथ करवा डाले फेरे

Last Updated:April 21, 2026, 16:28 IST
Unique Viral Wedding : राजस्थान के झुंझुनूं के चिड़ावा कस्बे में एक दिन पहले हुई एक अनोखी शादी सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है. यह ‘शादी चट मंगनी और पट ब्याह’ का बेहतरीन उदाहरण है. यहां एक लड़का और लड़की की सगाई की बात पक्की होते ही उनके परिवार वालों ने उसी दिन दोनों के फेरे करवा दिए. इस शादी में कोई तामझाम नहीं किया गया था. बिना दहेज के हुई यह शादी पूरे चिड़ावा कस्बे समेत पूरे झुंझुनूं जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है. इस शादी ने बता दिया कि जब लड़का और लड़की तथा उनके परिवार सब राजी हो तो ऐसी शादी के मॉडल को बेझिझक अपनाना चाहिए. यह शादी समाज में बेहद सकारात्मक संदेश दिया है.
इस शादी से दूल्हा और दुल्हन दोनोें बेहद खुश हैं.
झुंझुनूं. आपने ‘चट मंगनी पट ब्याह’ की कहावत तो सुनी होगी. लेकिन क्या कभी आपने देखा कि ‘चट मंगनी और पट ब्याह’ कैसे होता है? इसका बेहतरीन उदाहरण राजस्थान के झुंझुनूं जिले में सामने आया है. झुंझुनूं के चिड़ावा कस्बे में हुई चट मंगनी और पट ब्याह ने शादी ने परंपराओं की परिभाषा ही बदलकर रख दिया. यहां एक लड़के का परिवार शादी के लिए लड़की देखने (गोद भराई के लिए) आया था. वहां सगाई पक्की होते ही दोनों ने परिवारों ने बिना कोई देरी किए और बिना किसी तामझाम के दोनों के फेरे करवा डाले. यह शादी चिड़ावा ही नहीं बल्कि आसपास के इलाके में भी चर्चा का विषय बनी हुई है.
जानकारी के अनुसार चिड़ावा कस्बे के वार्ड नंबर 14 में हुआ यह अनोखा विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां सगाई की रस्म के दौरान ही लिया गया फैसला कुछ ही देर में सात फेरों तक पहुंच गया. नवलगढ़ निवासी जगदीश प्रसाद का परिवार चिड़ावा के वार्ड 14 निवासी पप्पू वर्मा के यहां सोमवार को सगाई के लिए उनकी बेटी देखने आया था. सभी बातें तय होने के बाद सगाई की रस्म के दौरान ही दोनों परिवारों के बीच आपस में चर्चा हुई. दोनों परिवारों ने तय किया कि अजय और निकिता की शादी आज ही करवा दी जाए.
किसी प्रकार का कोई दिखावा नहीं किया गयाउसके बाद बिना किसी देरी के पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सादगीपूर्ण माहौल में अजय और निकिता का विवाह संपन्न कर दिया गया. इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि इसमें न तो दहेज लिया गया और न ही किसी प्रकार का दिखावा किया गया. घर परिवार के सीमित सदस्यों की मौजूदगी में पूरी तरह सादगी से शादी का यह आयोजन किया गया. यह शादी समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आई है. स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में फैल रही दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया.
दूल्हा और दुल्हन परिवार के इस फैसले से बेहद खुश हैंअजय और निकिता के परिवार समेत उनके रिश्तेदारों का कहना है कि युवाओं और अन्य माता-पिता के लिए यह शादी एक अनूठा उदाहरण है. यह शादी अन्य परिवारों को प्रेरित करेंगी कि वे भी सादगीपूर्ण और दहेज मुक्त विवाह को अपनाएं. दूल्हा और दुल्हन भी परिवार के इस फैसले से बेहद खुश हैं. उन्होंने युवाओं से इस तरह की पहल करने की अपील की है. बहरहाल यह शादी चिड़ावा समेत आसपास के इलाकों में सोशल मीडिया में भी छाई हुई है. इन दो परिवारों की सोच ने बता कि दिया लड़का और लड़की सहमत हो और दोनों परिवार राजी हो तो फिर शादी के इस मॉडल को अपनाने में कोई बुराई नहीं है. इससे जहां फिजूलखर्ची नहीं होती है वहीं समय की भी बचत होती है.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
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Location :
Jhunjhunu,Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
April 21, 2026, 16:28 IST



