Jalore Farmers Pomegranate Desi Jugaad | अनार की खेती जालोर

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जालोर के किसानों का देसी जुगाड़, अनार की फसल के लिए बनाया सुरक्षा कवच
Last Updated:June 19, 2026, 06:36 IST
Jalore Pomegranate Farming: जालोर के किसान सावलाराम और अन्य ग्रामीणों ने अनार की फसल को सुरक्षित रखने के लिए प्लास्टिक शीट, शेड नेट और लोहे की जाली का उपयोग कर एक अनोखा देसी जुगाड़ विकसित किया है. यह किफायती तकनीक पौधों को तेज धूप, लू, बेमौसम बारिश के साथ-साथ आवारा पशुओं और पक्षियों के नुकसान से भी बचा रही है. इस सुरक्षित माहौल के कारण अनार के फलों की चमक और गुणवत्ता बेहतर हुई है, जिससे बाजार में किसानों को उपज के ऊंचे दाम मिल रहे हैं और उनकी आय में भारी बढ़ोतरी हुई है.
जालोर जिले के किसानों ने इस बार अनार की फसल को बचाने के लिए जिस तरह देसी जुगाड़ अपनाया है वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि बढ़ती गर्मी, तेज धूप और मौसम में अचानक होने वाले बदलावों ने जहां खेती को चुनौतीपूर्ण बना दिया है वहीं किसानों ने अपनी समझदारी और अनुभव से इसका हल ढूंढते हुए पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर फसल सुरक्षा का एक नया मॉडल तैयार किया है.
कई खेतों में किसानों ने अनार के पौधों के चारों ओर प्लास्टिक शीट और मोटी पॉलीथीन का इस्तेमाल कर अस्थायी सुरक्षा कवच तैयार किया है जिससे न केवल तेज धूप और लू से पौधों को बचाव मिल रहा है बल्कि ओस और हल्की बारिश का असर भी सीधे फलों पर नहीं पड़ रहा है और किसानों का कहना है कि यह तरीका कम खर्चीला होने के साथ-साथ बेहद प्रभावी भी साबित हो रहा है.
इसके अलावा कई जगह शेड नेट और लोहे की जाली का उपयोग कर फसलों को पशु-पक्षियों से सुरक्षित किया जा रहा है क्योंकि आवारा जानवर और पक्षी अक्सर अनार के फलों को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन इस देसी जुगाड़ ने इस समस्या को काफी हद तक कम कर दिया है और फसल सुरक्षित बनी हुई है.
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किसानों का कहना है कि इस तरीके से सिर्फ फसल की सुरक्षा ही नहीं हो रही है बल्कि अनार की क्वालिटी भी अच्छी हो रही है क्योंकि सुरक्षित माहौल मिलने से फल ज्यादा स्वस्थ, चमकदार, आकर्षक और ताजे दिख रहे हैं जिससे बाजार में उन्हें बेहतर दाम मिल रहे हैं और इस देसी जुगाड़ से किसानों की कमाई भी लगातार बढ़ रही है.
जालोर के किसानों का यह देसी जुगाड़ खेती में नवाचार का एक बेहतरीन उदाहरण है क्योंकि आधुनिक तकनीक और पुराने अनुभव को मिलाकर उन्होंने कम खर्च में फसल को सुरक्षित करने का अनोखा तरीका अपनाया है जो आने वाले समय में दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है और इससे साफ है कि कम संसाधनों में भी समझदारी और मेहनत से अच्छे नतीजे पाए जा सकते हैं.



