National

मेरठ के वेदव्यास पुरी में 800 करोड़ से 36 हजार वर्गमीटर में बनेगा ज्वैलरी पार्क, मौजूद होंगी आधुनिक सुविधाएं, जाने

Last Updated:June 18, 2026, 18:47 IST

मेरठ विकास प्राधिकरण की तरफ से वेदव्यास पुरी में लगभग 36 हजार वर्गमीटर जमीन पर ज्वलैरी पार्क का निर्माण किया जाएगा. पार्क में शोरूम, थोक व्यापार केंद्र, कारीगर कार्यशालाएं, उत्पादन इकाइयां, प्रदर्शनी स्थल, बैंकिंग सुविधाएं और साझा सेवा केंद्र विकसित किए जाएंगे. दरअसल, शासन की ज्वैलरी कारोबार से जुड़ी सभी गतिविधियां एक ही परिसर में संचालित की जाने की योजना है. परियोजना में एक मुख्य प्रवेश द्वार, अलग-अलग व्यापारिक खंडों के लिए पृथक प्रवेश व्यवस्था रहेगी

मेरठः क्रांति धरा मेरठ को स्वर्ण नगरी के तौर पर भी जाना जाता है. मेरठ में तैयार होने वाली ज्वेलरी की डिमांड देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी देखने को मिलती है. एशिया के प्रमुख बाजार में भी मेरठ सराफा बाजार  विशेष स्थान रखता है. इसीलिए लंबे समय से मेरठ सर्राफा व्यापारियों द्वारा ज्वेलरी पार्क की मांग केंद्र में प्रदेश सरकार से लगातार की जा रही थी. जिसका अब सार्थक असर देखने को मिल रहा है. ज्वेलरी पार्क के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है. जिसमें की 800 करोड़ की लागत से बनने वाले ज्वेलरी पार्क का डिजाइन लगभग फाइनल हो गया है.

स्वर्ण नगरी के लिए ऐतिहासिक पल

लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्वर्ण नगरी के लिए ऐतिहासिक पल है. क्योंकि वर्षों का सपना साकार होते हुए दिखाई दे रहा है. उन्होंने बताया कि झुमके के आकार का प्रवेश द्वार और संपूर्ण नक्शा जो क्राउन के आधार पर बनाया गया है. यह अपने आप में काफी खास है. उन्होंने बताया कि वर्षो से ज्वेलरी पार्क की मांग की जा रही थी. क्योंकि सराफा बाजार में तंग गलियों के कारण लोग या बड़ी मात्रा में नहीं आ पाते है. ऐसे में जब ज्वेलरी पार्क का निर्माण हो जाएगा. तो यहां देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी बड़ी संख्या में व्यापारी आएंगे. जिससे मेरठ व्यापार के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा.

युवाओं को भी मिलेगा बेहतर अवसर

सर्राफा एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने लोकल18 से खास बातचीत करते बताया कि सर्राफा बाजार में अभी युवाओं का रुझान कम होता जा रहा था. वह अन्य तरह के बिजनेस में काफी जिज्ञासा दिखा रहे थे. क्योंकि वहां पर आधुनिक सुविधाओं के बीच कार्य कर रहे थे. इन्हीं बातों को ध्यान में लगातार लगातार विभिन्न जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार से ज्वेलरी पार्क की मांग कर रहे थे. उन्होंने बताया कि ऐसे में अब शासन द्वारा मेरठ को अंतरराष्ट्रीय बुलंदियों पर ले जाने के लिए जो ज्वेलरी पार्क के लिए 800 करोड़ रुपए के प्रस्ताव पेश किया है. यह काफी बेहतर है उन्होंने बताया कि वेदव्यास पुरी में बनने वाला यह ज्वेलरी पार्क काफी खास होगा.  डिजाइन में विभिन्न सुविधाओं का ध्यान रखा गया है. तो निश्चित तौर पर युवाओं की से जिज्ञासा भी बढ़ेगी. साथ ही अन्य युवाओं के लिए रोजगार की भी हजारों अवसर होंगे.

36 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होगा पार्क

बताते चलें कि मेरठ विकास प्राधिकरण की तरफ से वेदव्यास पुरी में लगभग 36 हजार वर्गमीटर जमीन पर ज्वलैरी पार्क का निर्माण किया जाएगा. पार्क में शोरूम, थोक व्यापार केंद्र, कारीगर कार्यशालाएं, उत्पादन इकाइयां, प्रदर्शनी स्थल, बैंकिंग सुविधाएं और साझा सेवा केंद्र विकसित किए जाएंगे. दरअसल, शासन की ज्वैलरी कारोबार से जुड़ी सभी गतिविधियां एक ही परिसर में संचालित की जाने की योजना है. परियोजना में एक मुख्य प्रवेश द्वार, अलग-अलग व्यापारिक खंडों के लिए पृथक प्रवेश व्यवस्था रहेगी.

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ ही खरीदारों और विक्रेताओं को ठहरने की सुविधा भी दी जाएगी.  इसके साथ ही बिजनेस तो बिजनेस डीलिंग एवं बिजनेस टू कस्टमर डीलिंग के लिए भी विशेष रूप से प्रावधान किए गए हैं. जिससे कि बिजनेस के क्षेत्र में इतिहास रचा जा सके. साथ ही के लिए दुकानदारों के लिए जो रेट निर्धारित किए गए हैं. वह भी काफी बेहतर है.

About the AuthorRajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Meerut,Uttar Pradesh

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj