Jhunjhunu News: शादी से पहले मिलेगा रिश्ते संभालने का प्रशिक्षण, झुंझुनूं में खुलेगा ‘तेरे मेरे सपने’ केंद्र

झुंझुनूं. वैवाहिक जीवन को मजबूत, स्वस्थ और विवाद-मुक्त बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग ने तेरे मेरे सपने पहल शुरू की है. यह मुहिम अब झुंझुनूं जिले में पहुंच रही है, आयोग ने जिले में प्री-मेरिटल कम्युनिकेशन सेंटर यानी विवाह-पूर्व संवाद केंद्र शुरू करने का फैसला किया है. इसका उद्देश्य शादी से पहले युवक-युवतियों को दांपत्य जीवन से जुड़ी जरूरी बातों की जानकारी और प्रशिक्षण देना है.
शादी के बाद दंपतियों के बीच बढ़ते विवाद, आपसी मतभेद और अलगाव की घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने यह जागरूकता अभियान शुरू किया है. आयोग की ओर से झुंझुनूं कलेक्टर डॉ. अरुण कुमार गर्ग को पत्र भेजकर केंद्र के संचालन के लिए प्रशासनिक सहयोग मांगा गया है. आयोग के उप निदेशक रामावतार सिंह ने केंद्र के उद्देश्यों और संचालन को लेकर प्रशासन को जानकारी दी है.
पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाएगा
केंद्र का मुख्य उद्देश्य युवाओं और होने वाले दंपतियों को शादी से पहले प्रभावी संवाद, आपसी समझ, मानसिक स्वास्थ्य, विवाद समाधान और पारिवारिक जिम्मेदारियों जैसे अहम विषयों के प्रति जागरूक करना है. यहां प्रशिक्षित सलाहकार युवक-युवतियों को वैवाहिक जीवन की चुनौतियों को समझने और उनसे बेहतर तरीके से निपटने के लिए मार्गदर्शन देंगे. इससे शादी के बाद होने वाले कई विवादों को शुरुआती स्तर पर रोकने में मदद मिल सकेगी.
यहां स्थापित होगा केंद्र
झुंझुनूं शहर के वार्ड 47 में महल स्कूल के पास विवाह-पूर्व संवाद केंद्र संचालित किया जाएगा. इसके संचालन की जिम्मेदारी जिला पर्यावरण सुधार समिति को सौंपी गई है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने जिला प्रशासन से केंद्र के सुचारू संचालन, संबंधित विभागों के बीच समन्वय और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने को कहा है. केंद्र शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर युवाओं और परिवारों को शादी से पहले एक्सपर्ट के राय की सुविधा मिल सकेगी.
काउंसलर विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन देंगे
विवाह-पूर्व संवाद केंद्र मैरिज ब्यूरो या विवाह पंजीकरण कार्यालय की तरह काम नहीं करेगा. यहां शादी की तैयारी कर रहे युवक-युवतियों और उनके परिवारों को प्रशिक्षित काउंसलर विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन देंगे. प्रभावी संवाद, आपसी विश्वास, मतभेदों का समाधान, भावनात्मक संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी. साथ ही वैवाहिक कानूनी अधिकारों और स्वस्थ पारिवारिक संबंधों को लेकर भी युवाओं को जागरूक किया जाएगा.
कई बड़े शहरों में खुल चुके केंद्र
इस अभियान के लिए महिला अधिकारिता विभाग की ओर से झुंझुनूं समेत प्रदेश के कई जिलों के मनो-सामाजिक और विधिक सलाहकारों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. अजमेर, भरतपुर, जोधपुर, बीकानेर, जयपुर, उदयपुर, कोटा, बाड़मेर-बालोतरा, पाली, जैसलमेर, जालौर, फलौदी, बारां और सिरोही के सलाहकारों को भी राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. इससे केंद्रों पर प्रशिक्षित विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी. राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस योजना की शुरुआत 8 मार्च को सीमित केंद्रों के साथ की थी. सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद इसका विस्तार किया गया है. वर्तमान में देश के 14 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 105 प्री-मेरिटल कम्युनिकेशन सेंटर संचालित किए जा रहे हैं.



