Kalyan Sagar Bikaner | बीकानेर का कल्याण सागर तालाब

Last Updated:May 01, 2026, 11:16 IST
Kalyan Sagar Bikaner: बीकानेर का कल्याण सागर तालाब 16वीं शताब्दी की एक अनमोल ऐतिहासिक धरोहर है, जो अपनी शाही छतरियों और कमल के फूलों के लिए प्रसिद्ध है. राव कल्याण मल के समय निर्मित यह तालाब आज युवाओं का पसंदीदा सनसेट प्वाइंट और फोटोग्राफी का केंद्र बन गया है. हालांकि, नियमित रखरखाव की कमी और जमा होती गंदगी इसकी खूबसूरती को नुकसान पहुँचा रही है. स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल के संरक्षण की अपील की है ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके.
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Kalyan Sagar Bikaner: राजस्थान के बीकानेर की ऐतिहासिक धरती पर स्थित कल्याण सागर तालाब केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि मरुस्थलीय जल प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है. स्थानीय निवासी विनोद कुमार के अनुसार, इस तालाब का निर्माण 16वीं शताब्दी में राव कल्याण मल के शासनकाल के दौरान किया गया था. विक्रम संवत 1630 के आसपास निर्मित यह तालाब उस दौर की दूरदर्शिता को दर्शाता है, जब पानी की एक-एक बूंद को सहेजना जीवन के लिए अनिवार्य था. देवी कुंड सागर के समीप स्थित यह स्थल बीकानेर राजपरिवार के पारंपरिक अंत्येष्टि स्थल के रूप में भी जाना जाता है, जो इसे ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है.
कल्याण सागर तालाब की सबसे प्रमुख विशेषता इसके चारों ओर निर्मित भव्य शाही छतरियां हैं. ये छतरियां बीकानेर के शासकों की स्मृति में बनाई गई हैं और राजस्थानी वास्तुकला की बारीकियों को जीवंत करती हैं. लाल पत्थर और कीमती संगमरमर से बनी इन संरचनाओं पर की गई बारीक नक्काशी और नयनाभिराम डिजाइन पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. इतिहास प्रेमी यहाँ आकर बीकानेर के राजाओं के शौर्य और कला के प्रति उनके प्रेम को साक्षात महसूस कर सकते हैं. इन छतरियों का प्रतिबिंब जब तालाब के शांत पानी में झलकता है, तो वह दृश्य अलौकिक प्रतीत होता है.
प्राकृतिक सौंदर्य और युवाओं का आकर्षणप्राकृतिक दृष्टिकोण से भी यह स्थान अनूठा है. तालाब के भीतर बड़ी संख्या में खिले कमल के फूल इसकी सुंदरता में चार चाँद लगा देते हैं. शांत जल के बीच तैरते कमल और शाम के समय डूबते सूरज की सुनहरी लालिमा इस स्थल को एक बेहतरीन सनसेट प्वाइंट में तब्दील कर देती है. आज यह स्थान बीकानेर के युवाओं के लिए एक क्रिएटिव हब बन चुका है, जहाँ कलाकार चित्रकारी करते हैं और फोटोग्राफर प्रकृति के इन सुंदर दृश्यों को अपने कैमरों में कैद करते हैं. सुकून और शांति की तलाश में आने वाले स्थानीय लोगों के लिए यह शहर के शोर-शराबे से दूर एक आदर्श स्थान है.
संरक्षण की पुकार और चुनौतियांइतनी समृद्ध विरासत होने के बावजूद, कल्याण सागर तालाब वर्तमान में अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है. उचित देखरेख और नियमित साफ-सफाई के अभाव में तालाब में गंदगी जमा हो रही है, जिससे इसकी पहचान और सुंदरता धूमिल होती जा रही है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन समय रहते इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर ध्यान दे, तो यह न केवल अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मानचित्र पर चमक सकता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा. इस अनमोल धरोहर को संवारना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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