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त्योहारों में पनीर खरीदते समय रहें सावधान, इन 5 तरीकों से करें असली और ताजा पनीर की पहचान

फरीदाबाद: त्योहारों का समय चल रहा है और रक्षाबंधन जैसे त्योहार आने वाले हैं. ऐसे में मिठाइयों के साथ पनीर की मांग भी बाजार में बढ़ जाती है. घरों में पनीर से कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं. मांग बढ़ने के साथ ही मिलावटी और खराब पनीर का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में जरूरी है कि पनीर खरीदते समय थोड़ी सावधानी बरती जाए. असली और ताजा पनीर की पहचान करना बेहद जरूरी है.

Local18 ने विशेषज्ञ से जानी पनीर की पहचान

Local18 से बातचीत में फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की न्यूट्रीशन कंसलटेंट रितिका शर्मा बताती है कि त्योहारों के समय मिलावटी सामान बाजार में ज्यादा देखने को मिल सकता है. ऐसे में लोगों को पनीर खरीदते समय पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए. पैकेट वाला पनीर खरीदते समय उसके लेबल को जरूर देखना चाहिए. पैकेट पर एक्सपायरी डेट और यूज बाई डेट जरूर जांचें. साथ ही एफएसएसएआई का लाइसेंस और लेबल भी देखना चाहिए. इससे पनीर की गुणवत्ता को लेकर शुरुआती जानकारी मिल सकती है.

ताजा पनीर की पहचान ऐसे आसानी से करें

रितिका शर्मा बताती है कि खुला पनीर खरीदते समय उसकी दुकान और आसपास की साफ सफाई पर ध्यान देना जरूरी है. ताजा पनीर देखने में सामान्य और छूने पर थोड़ा स्पंजी होता है. अगर पनीर बहुत ज्यादा सख्त महसूस हो रहा है तो उसके खराब होने की आशंका हो सकती है. खराब पनीर का रंग थोड़ा पीला पड़ सकता है. इसके अलावा पनीर स्लाइमी और चिपचिपा भी महसूस हो सकता है. ऐसी स्थिति में पनीर खरीदने से बचना चाहिए.

पनीर की ताजगी घर पर ऐसे जांचें

रितिका शर्मा बताती है कि घर पर पनीर लाने के बाद भी उसकी जांच की जा सकती है. पनीर को इस्तेमाल करने से पहले उसका टेक्सचर देखना जरूरी है. अगर पनीर बहुत ज्यादा चिपचिपा या स्लाइमी महसूस हो तो उसे नहीं खाना चाहिए. पनीर को सूंघकर भी उसकी ताजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है. अगर उसमें पुरानी या फटे दूध जैसी गंध आ रही है तो सावधान हो जाना चाहिए. ताजा पनीर में सामान्य गंध और स्वाद होना चाहिए. उसमें खट्टापन महसूस नहीं होना चाहिए.

मिलावटी पनीर में अपनाए जाते हैं ये तरीके

रितिका शर्मा बताती है कि कई जगह पनीर तैयार करने में दूध के अलावा दूसरी चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है. कुछ जगहों पर वेजिटेबल ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा पनीर में स्टार्च मिलाने की बात भी सामने आती है. कुछ जगहों पर दूध की जगह पाउडर से तैयार सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. इससे पनीर का टेक्सचर और गुणवत्ता बदल जाती है. इसलिए केवल सस्ता पनीर देखकर खरीदना सही फैसला नहीं है.

नकली पनीर से पेट की समस्या हो सकती है

रितिका शर्मा बताती है कि खराब या मिलावटी पनीर खाने से सबसे पहले पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है. कुछ मामलों में फूड पॉइजनिंग जैसी स्थिति भी बन सकती है. इससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्या हो सकती है. कुछ लोगों को बुखार और कमजोरी भी महसूस हो सकती है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों को खराब पनीर खाने से परेशानी ज्यादा हो सकती है. इसलिए पनीर की गुणवत्ता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

बच्चों के लिए खराब पनीर ज्यादा नुकसानदायक

रितिका शर्मा बताती है कि बच्चों को खराब पनीर खिलाना उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इससे बच्चों के पाचन तंत्र पर असर पड़ सकता है. उन्हें अपच, पेट दर्द और लूज मोशन जैसी परेशानी हो सकती है. फूड पॉइजनिंग होने पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ सकती है. लंबे समय तक खराब गुणवत्ता वाला खाना बच्चों की सामान्य ग्रोथ और पोषण पर भी असर डाल सकता है. इसलिए बच्चों को पनीर खिलाने से पहले उसकी गुणवत्ता जरूर जांचनी चाहिए.

पनीर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

रितिका शर्मा बताती है कि त्योहारों के समय पनीर खरीदते हुए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. पैकेट वाला पनीर है तो लेबल, एक्सपायरी डेट और एफएसएसएआई लाइसेंस जरूर देखें. खुला पनीर खरीदते समय दुकान की साफ सफाई पर ध्यान दें. पनीर का रंग, टेक्सचर, गंध और स्वाद भी जांचें. अगर पनीर चिपचिपा है, बदबू आ रही है या स्वाद खट्टा है तो उसे खरीदने से बचें. थोड़ी सी सावधानी त्योहार की खुशी को खराब होने से बचा सकती है.

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