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Mayank Yadav: बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए पिता ने की फैक्ट्री में मजदूरी, भारतीय टीम में चयन के लिए आया, फिर एक गलती से सब खत्म कर दिया

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क्रिकेटर बेटे के लिए पिता ने की मजदूरी, फिर एक गलती से हुआ सब खत्म

Last Updated:April 23, 2026, 13:39 IST

Mayank Yadav struggle story: आईपीएल में अपनी रफ्तार से सनसनी मचाने वाले तेज गेंदबाज मयंक यादव इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपना पहला मैच खेला. मयंक ने अपने पहले ही ओवर में 145 kmph की रफ्तार से बॉलिंग. मयंक घरेलू क्रिकेट में दिल्ली के लिए खेलते हैं. हालांकि, आज मयंक जिस मुकाम पर हैं उन्हें यहां तक पहुंचने में कड़ी मेहनत करनी पड़ी.क्रिकेटर बेटे के लिए पिता ने की मजदूरी, फिर एक गलती से हुआ सब खत्मZoomभारतीय क्रिकेट टीम

नई दिल्ली: तेज गेंदबाज मयंक यादव आईपीएल 2026 में पहली बार रजास्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में मैदान पर उतरे. मयंक ने इस मैच में लखनऊ के लिए 4 ओवर में 56 रन लुटा दिए और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला. ये वही मयंक यादव हैं, जिन्होंने आईपीएल के 15वें सीजन में डेब्यू करते हुए अपने पहले दो मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता था. उस समय मयंक की उम्र महज 21 साल थी और उन्होंने लगातार 150kmph की रफ्तार से गेंद डालकर सनसनी मचाई थी.

हालांकि, मयंक को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. एक साधारण परिवार से आने वाले मयंक घरेलू क्रिकेट में दिल्ली के लिए खेलते हैं. मयंक ने दिल्ली के प्रसिद्ध सोनेट क्लब में कोच तारक सिन्हा से ट्रेनिंग ली है. आशीष नेहरा, शिखर धवन, ऋषभ पंत और आयुष बडोनी जैसे खिलाड़ी भी इसी क्लब से निकले हैं. मयंक ने छोटी उम्र में ही अपनी पेस से बल्लेबाजों को परेशान करना शुरू कर दिया था. ऐसे में कोच तारक सिन्हा ने उन्हें सीनियर प्लेयर के साथ ट्रेनिंग के लिए भेज दिया.

रफ्तार के लिए मयंक ने गांठ बांध ली पिता की बात

मयंक के पिता का नाम प्रभु यादव है. वह मूल रूप से बिहार के सुपौल जिले के हैं. मयंक के दादा जी खेती-किसानी का काम करते थे, लेकिन उनके पिता ने बेहतर भविष्य के लिए दिल्ली का रुख कर लिया. मयंक का जन्म भी दिल्ली में ही हुआ है. मयंक के पिता वेस्टइंडीज के कर्टनी वाल्श को बहुत पसंद करते थे. ऐसे में एक बार जब प्रभु यादव ने मयंक को सोनेट क्लब में ट्रेनिंग करते हुए देखा तो उन्होंने बेटे से एक बात कही.

प्रभु यादव ने मयंक से कहा कि अगर तुम्हें सफल होना है तो सिर पर गेंद मारने वाला गेंदबाज बनों. फिर क्या था मयंक ने अपने पिता की बात को गांठ बांध लिया और उन्होंने अपनी गति पर काम करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते दिल्ली क्रिकेट में मयंक यादव के नाम का खौफ हो गया. मयंक ने यादव ने एक बार बताया था कि उन्हें सर्विसेस की तरफ से खेलने का ऑफर मिला था. ट्रायल में वह सिलेक्ट भी हो गए थे, लेकिन उनकी चाहत थी कि वह दिल्ली के लिए खेले. मयंक यादव के फैसले से कोच तारक सिन्हा नाराज भी हो गए थे, लेकिन उन्होंने जो कहा वह कर दिखाया.

चोट मयंक यादव को कर दिया पीछे

लखनऊ सुपरजायंट् के लिए डेब्यू के साथ मयंक यादव ने सनसनी मचा दी. उन्हें लेकर ये कहा जाने लगा कि वह भारतीय टीम के फ्यूचर स्पीडस्टर हैं, लेकिन चोट के वह पीछे हो गए. हालांकि, तब भी उन्हें टीम इंडिया के लिए टी20 में डेब्यू का मौका मिल गया और 3 मैच में 4 विकेट भी लिए लेकिन फिटनेस की समस्या के कारण अब वह सिलेक्शन की दौर से बाहर हैं, लेकिन इसके बावजूद मयंक की रफ्तार में कमी नहीं आई है. ऐसे में अब उन्हें लेकर उम्मीद की जा रहा है कि इस सीजन में लखनऊ के लिए बचे हुए सभी मैचों में एक्शन में दिखें और रफ्तार के साथ-साथ अपनी फिटनेस को भी कायम रखें ताकि फिर से वह टीम इंडिया में एंट्री पा सके.

About the AuthorJitendra Kumar

जितेंद्र कुमार डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में बीते 10 सालों से सक्रिय हैं. इस वक्त नेटवर्क 18 समूह में हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, ह…और पढ़ें

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Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

April 23, 2026, 13:39 IST

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