Monsoon beauty tips: मानसून में फेशियल स्टीमिंग के होते हैं कई फायदे, स्किन नहीं होगी चिपचिपी, ब्लैकहेड्स, मुंहासे भी होंगे दूर

Facial steaming during monsoon and its benefits: मानसून बेशक गर्मी से राहत दिलाता है, लेकिन साथ ही ये स्किन संबंधित भी कई तरह की समस्याओं को बढ़ा देता है. बारिश के मौसम में नमी बढ़ने, स्किन पर चिपचिपापन रहना (खासकर ऑयली स्किन), पोर्स का बंद होना, एक्ने, मुंहासे होने की समस्या काफी बढ़ जाती है. ऐसे में मानसून में स्किन की केयर हर दिन सही तरीके से ना करने से त्वचा अनहेल्दी नजर आती है. बारिश के मौसम में रेगुलर स्किन केयर, साफ-सफाई के साथ ही स्टीमिंग यानी भाप लेना भी स्किन को हेल्दी रखने का बेस्ट तरीका है. सप्ताह में एक से दो बार स्टीमिंग करने से स्किन के बंद पोर्स खुलते हैं. गंदगी निकलती है. स्किन से डेड स्किन सेल्स निकल जाती हैं. जानिए, मानसून में स्किन स्टीमिंग के और क्या फायदे हो सकते हैं.
मानसून में फेशियल स्टीमिंग के फायदे
– बारिश के दिनों में फेशियल स्टीमिंग करने से बंद पोर्स खुलते हैं. त्वचा के नीचे की परत में घुसी गंदगी निकल जाती है. रोमछिद्र खुलने से स्किन खुलकर सांस लेती है. भाप के कारण एक्स्ट्रा ऑयल, जमी हुई गंदगी भी निकल जाती हैं, जिससे स्किन साफ-सुथरी नजर आती है.
– जब भाप लेते हैं तो गंदगी निकलती है. इस तरह से मुंहासे, एक्ने, फोड़े-फुंसी होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है. चेहरे पर मौजूद मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया हट जाते हैं.
– स्किन पर भाप लेने से ब्लैकहेड्स, वाइटहेड्स भी आसानी से निकल जाते हैं. तेल, प्रदूषण, धूल-मिट्टी के कारण बंद रोमछिद्र भाप लेने से खुलते हैं. इससे आपकी स्किन तरोताजा नजर आती है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.
– चेहरे पर सप्ताह में एक या दो बार भी आप भाप लेते हैं तो ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है. इससे अधिक ऑक्सीजन मिलती है. स्किन नेचुरल तरीके से हेल्दी और दमकती हुई नजर आती है.
– मानसून में नमी काफी बढ़ जाती है. इससे त्वचा ऑयली हो जाती है. स्टीम लेने से एक्स्ट्रा सीबम हट जाता है. स्टीमिंग के बाद आप एक लाइट क्लिंजर का इस्तेमाल करके स्किन को हेल्दी बना सकते हैं.
– नाक, गाल के आसपास जिद्दी ब्लैकहेड्स गर्म पानी का भाप लेने से ढीले पड़ जाते हैं. ऐसे में बिना एक्स्ट्रा प्रेशर डाले ही आसानी से निकल आते हैं. ब्लैकहेड्स या मुंहासों को अधिक छूने, नाखूनों से नोचने से बचना चाहिए वरना दाग पड़ने के साथ ही इंफेक्शन भी हो सकता है. स्किन पर गड्ढे, दाग-धब्बे भी बन जाते हैं.
-चेहरे पर भाप लेने से त्वचा की सतह पर नमी का स्तर बढ़ता है, जिससे त्वचा की नमी में सुधार होता है. भाप लेने के बाद अच्छी क्वालिटी का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं, ताकि नमी को बनाए रखें.
-भाप लेने से स्किन की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं. दिनभर की थकान दूर होती है. यह एक सरल सेल्फ-केयर रूटीन है, जिससे आपको ताजगी का एहसास होगा.



