सावन में अनोखी कांवड़ यात्रा, उज्जैन से भीलवाड़ा तक गौसेवा का संदेश लेकर निकला युवक, जानें क्या है संकल्प

Last Updated:August 12, 2026, 18:50 IST
Bhilwara Hindi News: गौसेवा और सनातन संस्कृति के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए भीलवाड़ा के निर्भय पाराशर ने एक अनूठी पहल शुरू की है. गौपुत्र निर्भय पाराशर ने बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से भीलवाड़ा के हरणी महादेव मंदिर तक 345 किलोमीटर की पैदल कावड़ यात्रा शुरू की है.
ख़बरें फटाफट
भीलवाड़ा – गौसेवा और सनातन संस्कृति के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए भीलवाड़ा के निर्भय पाराशर ने एक अनूठी पहल शुरू की है. गौपुत्र निर्भय पाराशर ने बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से भीलवाड़ा के हरणी महादेव मंदिर तक 345 किलोमीटर की पैदल कावड़ यात्रा शुरू की है. भगवान शिव की भक्ति और गौसेवा के संकल्प के साथ शुरू हुई यह यात्रा अब लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. यात्रा के दौरान रास्ते में अलग-अलग शहरों और गांवों में श्रद्धालुओं की ओर से निर्भय पाराशर का स्वागत किया जा रहा है.
कहीं पुष्पवर्षा की जा रही है तो कहीं शिवभक्त और गौभक्त जयकारों के साथ यात्रा में शामिल हो रहे हैं. यात्रा का मकसद गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने, गौसंरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करने और गौसेवकों के कल्याण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है. निर्भय पाराशर का कहना है कि यह यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि गौसेवा, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का एक प्रयास है. उनका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को गौसंरक्षण से जोड़ना है. यह कावड़ यात्रा 17 अगस्त को हरणी महादेव मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ पूरी होगी.
गांव गांव जगह पर श्रद्धालु और ग्रामीण सहायताभीलवाड़ा निवासी पंडित निर्भय पराशर ने बताया कि गौ सेवा और सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए हमने उज्जैन से पवित्र जल लेकर कावड़ यात्रा करते हुए भीलवाड़ा शहर के हरनी महादेव मंदिर पहुंचेंगे यह यात्रा करीब 345 किलोमीटर की होगी जिसमें सावन के तीसरे सोमवार के दिन हम भीलवाड़ा पहुंचेंगे. यह यात्रा हम अपने खुद के खर्चे पर कर रहे हैं और रुकने और खाने के लिए गांव गांव जगह पर श्रद्धालु और ग्रामीण सहायता करते हैं.
गौ माता की सेवा और सनातन मूल्यों की रक्षापंडित निर्भय पाराशर ने बताया कि यह यात्रा केवल शिवभक्ति की आस्था नहीं है, यह एक आध्यात्मिक यात्रा है जिसमें वे विभिन्न गांवों, कस्बों और शहरों से गुजरते हुए स्थानीय लोगों को भारतीय संस्कृति, गौ सेवा, धर्म और अध्यात्म से जुड़ने का संदेश दे रहे हैं. यात्रा के दौरान वे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जीवदया और शुद्ध आहार-विहार की प्रेरणा देकर जनमानस को संवेदनशील बना रहे हैं. यह संदेश विशेष रूप से युवाओं को समर्पित है, जिनसे वे आग्रह करते हैं कि वे भी गौ माता की सेवा और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आएं. हमारा यह संकल्प और समर्पण वास्तव में अद्वितीय है. वे हर पड़ाव पर अपने इस कार्य को हर कदम गौ माता को समर्पित करते हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
और पढ़ेंLocation :
Bhilwara,Rajasthan
First Published :
August 12, 2026, 18:50 IST



