NEET Re-Exam: शर्ट में मोबाइल लेकर पहुंची लड़की, 30 हजार में फर्जी पेपर, छात्र काटता रहा सेंटर का चक्कर, सामने आईं चौंकाने वाली घटनाएं

NEET UG 2026 का री-एग्जाम देशभर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित हुआ. लाखों छात्रों ने परीक्षा दी, लेकिन परीक्षा के दिन और उससे पहले कुछ ऐसे मामले भी सामने आए जिन्होंने एक बार फिर दिखाया कि इतनी बड़ी परीक्षा की राह इतनी आसान नहीं है. कहीं एक छात्रा शर्ट के अंदर मोबाइल छिपाकर परीक्षा केंद्र पहुंच गई, कहीं वीडियो कॉल पर कथित प्रश्नपत्र दिखाकर 30 हजार रुपये मांगे गए तो कहीं एक छात्र गलत जानकारी के कारण परीक्षा ही नहीं दे पाया हालांकि इन घटनाओं का दायरा सीमित रहा लेकिन ये मामले बताते हैं कि परीक्षा के दौरान सतर्कता और व्यवस्थाओं की अहमियत कितनी ज्यादा होती है.
शर्ट के अंदर मोबाइल छिपाकर पहुंची छात्रा
राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित NEET री-एग्जाम के दौरान एक छात्रा के पास मोबाइल मिलने से हड़कंप मच गया. मामला बिंदायका स्थित राजकीय स्कूल परीक्षा केंद्र का है.जानकारी के अनुसार छात्रा परीक्षा शुरू होने से करीब 10 मिनट पहले केंद्र पहुंची थी. परीक्षा चल रही थी तभी एक महिला सुपरीटेंडेंट को उस पर शक हुआ. शाम करीब पांच बजे तलाशी लेने पर छात्रा के पास से मोबाइल बरामद हुआ. बताया गया कि उसने मोबाइल शर्ट के अंदर छिपाकर रखा था.मामले की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और डीसीपी प्रशांत किरण परीक्षा केंद्र पहुंचे.छात्रा के परिजन भी मौके पर पहुंच गए.फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि मोबाइल सिर्फ साथ लाया गया था या परीक्षा के दौरान उसका इस्तेमाल भी किया गया. जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी.
वीडियो कॉल पर दिखाया कथित पेपर, मांगे 30 हजार रुपये
परीक्षा से ठीक एक दिन पहले राजस्थान के अजमेर में एक अलग तरह का मामला सामने आया. यहां कुछ लोगों ने छात्रों को फोन कर दावा किया कि उनके पास NEET का असली प्रश्नपत्र है और वे परीक्षा से पहले उपलब्ध करा सकते हैं.मामले की शुरुआत तब हुई जब डीएवी कॉलेज की एक छात्रा के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को पेपर उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति बताते हुए दावा किया कि उसके पास असली प्रश्नपत्र है.जब छात्रा ने सबूत मांगा तो आरोपी ने वीडियो कॉल कर कुछ पन्ने दिखाए और उन्हें प्रश्नपत्र बताया. छात्रा को शक हुआ और उसने इसकी जानकारी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष कृष्ण सिंह ठाकुर को दी.
QR कोड भेजकर मांगी रकम
छात्रसंघ अध्यक्ष ने खुद उस नंबर पर संपर्क किया. बातचीत के दौरान आरोपी ने पूरा पेपर देने के बदले 30 हजार रुपये की मांग कर दी. रकम लेने के लिए उसने फोनपे का QR कोड भी भेजा.बताया गया कि आरोपी केवल वीडियो कॉल पर ही बात कर रहा था ताकि अपनी पहचान छिपा सके. इस पूरे घटनाक्रम के स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित कर लिए गए.
भीलवाड़ा तक पहुंचा ठगी का जाल
छात्र नेताओं का दावा है कि अजमेर में कई छात्र ऐसे झांसे में आकर पैसे गंवा चुके हैं. इसी तरह का मामला भीलवाड़ा में भी सामने आया जहां कुछ छात्रों से चार-चार हजार रुपये लेकर कथित प्रश्नपत्र देने का वादा किया गया.प्रारंभिक जांच में यह किसी साइबर ठग गिरोह की गतिविधि लग रही है जो प्रतियोगी परीक्षाओं से पहले छात्रों की बेचैनी और तनाव का फायदा उठाने की कोशिश करता है.
पुलिस के पास पहुंचे डिजिटल सबूत
अजमेर के एडिशनल एसपी हिमांशु जांगिड़ को पूरे मामले की शिकायत दी गई. मोबाइल नंबर, QR कोड और अन्य डिजिटल साक्ष्य पुलिस को सौंपे गए हैं.अब साइबर सेल मोबाइल नंबर की लोकेशन, बैंक खातों और वीडियो कॉल के जरिए दिखाई गई सामग्री की जांच कर रही है.पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामला केवल साइबर ठगी का है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है.
पुलिस की अपील-पेपर लीक के दावों पर भरोसा न करें
अजमेर एसपी उषा यादव ने छात्रों को सावधान रहने की सलाह दी है. उनका कहना है कि परीक्षा के समय कई साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं और पेपर लीक या प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर छात्रों को निशाना बनाते हैं.पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी ऑफर पर विश्वास न करें और तुरंत पुलिस या साइबर सेल को इसकी सूचना दें.
सतना में गलत जानकारी से छूट गई NEET परीक्षा
मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने एक छात्र का पूरा साल दांव पर लगा दिया.सेमरी गांव के रहने वाले ध्रुव गौतम का परीक्षा केंद्र पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 था. छात्र का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पहुंचने पर जांच में लगे एक व्यक्ति ने उसे गलत जानकारी देते हुए दूसरे विद्यालय भेज दिया.ध्रुव जब बताए गए केंद्र पर पहुंचा तो वहां उसे पता चला कि उसका सेंटर वहां नहीं है.इसके बाद वह वापस अपने वास्तविक केंद्र पहुंचा, लेकिन तब तक प्रवेश का निर्धारित समय समाप्त हो चुका था.नतीजा यह हुआ कि उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला और वह NEET की परीक्षा नहीं दे सका.
छात्र ने कहा-एक गलती से भविष्य दांव पर लग गया
ध्रुव गौतम का कहना है कि एक कर्मचारी की गलत जानकारी के कारण उसकी वर्षों की मेहनत प्रभावित हो गई. उसने मामले की शिकायत एसडीएम को सौंप दी है.एनएसयूआई ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. संगठन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर मामला अदालत तक ले जाया जाएगा.एसडीएम राहुल सिलाडिया ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और जांच का आश्वासन दिया है.
सुरक्षा कड़ी थी, फिर भी सामने आए कुछ सवाल
NEET री-एग्जाम के लिए देशभर में बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. मध्य प्रदेश में 30 जिलों में 283 केंद्र बनाए गए, जबकि सतना जिले में सात परीक्षा केंद्रों पर करीब तीन हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी.केंद्रों पर जिला प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात थे. प्रवेश से पहले जांच और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन कराया गया.इसके बावजूद जयपुर, अजमेर और सतना जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि परीक्षा सुरक्षा का नहीं बल्कि सतर्कता का भी मामला है.



