Rajasthan

‘अब तो ऊंचा पुल बना दो’, स्कूल जाना हो या अस्पताल, यहां हर रास्ते में मौत का डर

Last Updated:August 04, 2026, 12:18 IST

Pratapgarh Ground Report : प्रतापगढ़ के सुहागपुरा में पुलिया पर पानी भरने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है. उन्हें स्कूल-अस्पताल आने-जाने में दिक्कत हो रही है. इसी परेशानी को देखते हुए लोग ऊंचे पुल की मांग कर रहे हैं. नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुलिया पानी में गायब हो जाती है और दोनों गांवों के बीच संपर्क लगभग टूट जाता है. फिर भी लोगों को जरूरी काम के लिए इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है.

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अब तो ऊंचा पुल बना दो; स्कूल जाना हो या अस्पताल, यहां हर रास्ते में मौत का डरZoomप्रतापगढ़ में सड़कें बनीं दरिया, ग्रामीण कर रहे पुल की मांग

प्रतापगढ़. प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा क्षेत्र में हर मानसून एक जैसी तस्वीर सामने आती है. एक तरफ तेज बहाव वाली नदी और दूसरी तरफ गांव के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें. घर से निकलना है तो इसी पुलिया से गुजरना पड़ता है. चाहे स्कूल जाने वाले बच्चे हों, खेत जाने वाले किसान, महिलाएं, बुजुर्ग या फिर अस्पताल ले जाए जा रहे मरीज. सभी को अपनी जान जोखिम में डालकर पानी से भरी पुलिया पार करनी पड़ती है.

इस बार भी लगातार बारिश के बाद कुण्डाल-गणावा और ठिकरिया गांवों के बीच बनी छोटी पुलिया पूरी तरह पानी में डूब गई है. पुलिया के ऊपर करीब 2 से 3 फीट पानी बह रहा है. इसके बावजूद लोगों के पास दूसरा आसान रास्ता नहीं है. मजबूरी ऐसी है कि खतरा सामने दिखने के बाद भी लोग इसी रास्ते से गुजर रहे हैं.

हर बारिश में दोहराई जाती है वही परेशानीग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं है. हर साल बरसात आते ही यही हाल हो जाता है. नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुलिया पानी में गायब हो जाती है और दोनों गांवों के बीच संपर्क लगभग टूट जाता है. फिर भी लोगों को जरूरी काम के लिए इसी रास्ते का सहारा लेना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि पुलिया पार करते समय पैर तक संभालना मुश्किल हो जाता है. पानी का बहाव तेज होने के कारण हर कदम डर के साथ उठाना पड़ता है.

मरीजों के लिए सबसे बड़ी मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है जब किसी मरीज को अस्पताल ले जाना होता है. पुलिया पर पानी होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती. ऐसे में मरीज को पहले किसी तरह सुरक्षित जगह तक लाया जाता है, फिर आगे इलाज के लिए ले जाया जाता है. अगर वैकल्पिक रास्ते से अस्पताल जाना पड़े तो करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ता है. इससे समय भी ज्यादा लगता है और आपात स्थिति में परेशानी कई गुना बढ़ जाती है.

बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावितइस पुलिया का असर सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है. स्कूल जाने वाले बच्चों को भी हर दिन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल पहुंचने में करीब एक घंटा अतिरिक्त समय लग जाता है. कई छोटे बच्चों ने भी सुरक्षित पुल बनाने की मांग की है. उनका कहना है कि बारिश के मौसम में स्कूल जाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. कई बार परिवार वाले भी डर के कारण बच्चों को स्कूल नहीं भेजते.

वर्षों से कर रहे हैं ऊंचे पुल की मांगग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए जा चुके हैं. लोगों ने यहां ऊंचे और स्थायी पुल के निर्माण की मांग बार-बार उठाई, लेकिन अब तक कोई ठोस काम शुरू नहीं हो पाया. ग्रामीण चेतन कुमार और मांगीलाल सहित कई लोगों ने बताया कि पुलिया की वजह से बच्चों की पढ़ाई, किसानों का खेतों तक पहुंचना, मरीजों का इलाज और रोज का आवागमन सभी प्रभावित हो रहे हैं. उनका कहना है कि हर मानसून में पूरा इलाका खतरे के साये में जीने को मजबूर हो जाता है. अब ग्रामीणों ने फिर प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द यहां मजबूत और ऊंचे पुल के निर्माण को मंजूरी देकर काम शुरू कराया जाए. उनका कहना है कि अगर समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Location :

Pratapgarh,Pratapgarh,Rajasthan

First Published :

August 04, 2026, 12:18 IST

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