Rajasthan

अब इंची टेप भी हुआ डिजिटल! कोटा के इस आविष्कार के मुरीद हुए बिड़ला-रिलायंस, खासियत कर देगी हैरान

कोटा. शिक्षा की नगरी कोटा से एक ऐसी उपलब्धि सामने आई है, जिसने गारमेंट इंडस्ट्री में नई तकनीक की दिशा तय कर दी है. कोटा के स्टार्टअप क्रिएटिव टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने करीब चार साल की रिसर्च और लगातार मेहनत के बाद एक स्मार्ट डिजिटल मेजरमेंट टेप विकसित की है. कंपनी का दावा है कि यह डिजिटल टेप पारंपरिक दर्जी के फीते की तुलना में पांच गुना अधिक तेजी से काम करती है और नाप लेने के दौरान होने वाली मानवीय गलतियों को काफी हद तक कम कर देती है. इस तकनीक के जरिए नाप सीधे डिजिटल रूप में सुरक्षित हो जाता है, जिससे गारमेंट उद्योग में काम की गति और सटीकता दोनों बढ़ती हैं.

इस नवाचार को भारत सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है और देश की कई बड़ी गारमेंट कंपनियां इसका उपयोग कर रही हैं. कोटा में विकसित यह तकनीक अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुंच चुकी है. इस डिजिटल मेजरमेंट टेप को तैयार करने वाले जितेंद्र सिंह हैं. उन्होंने बेंगलुरु में करीब 20 वर्षों तक फैशन इंडस्ट्री में काम किया. वर्ष 2022 में वह कोटा लौटे और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की. इसके बाद उन्होंने आधुनिक आईआईओटी और ब्लॉकचेन तकनीक की मदद से स्मार्ट डिजिटल मेजरमेंट टेप और उससे जुड़े सॉफ्टवेयर का विकास किया. यह डिजिटल टेप ब्लूटूथ के माध्यम से सीधे मोबाइल या टैबलेट से कनेक्ट हो जाती है.

अब कागज पर नाप लिखने की जरूरत नहीं

जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि नाप लेने के बाद उसे अलग से कागज या डायरी में लिखने की आवश्यकता नहीं पड़ती. लिया गया प्रत्येक माप सीधे सॉफ्टवेयर में सुरक्षित हो जाता है. इससे लिखने, पढ़ने या नाप दर्ज करने में होने वाली गलतियों की संभावना कम हो जाती है. साथ ही सभी माप डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रहते हैं.

बड़ी फैक्ट्रियों से लेकर दर्जियों तक के लिए समाधान

कंपनी ने बड़ी गारमेंट फैक्ट्रियों के लिए एक आधुनिक क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम भी विकसित किया है. यह सिस्टम लाइव डेटा के आधार पर कपड़ों के आकार और उत्पादन प्रक्रिया में होने वाली त्रुटियों की पहचान करने में मदद करता है. वहीं छोटे दर्जियों और बुटीक संचालकों के लिए सीपी फैशन नाम से एक मोबाइल ऐप तैयार किया गया है. इसके माध्यम से ग्राहकों का माप, ऑर्डर और व्हाट्सएप संदेश एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रबंधित किए जा सकते हैं.

बड़ी कंपनियां कर रही हैं उपयोग

कंपनी के अनुसार इस स्वदेशी तकनीक का उपयोग आदित्य बिड़ला ग्रुप, रिलायंस और शाही जैसी प्रमुख गारमेंट एवं रिटेल कंपनियां कर रही हैं. स्टार्टअप को राजस्थान सरकार के आई-स्टार्ट कार्यक्रम और स्टार्टअप इंडिया से मान्यता मिली है. इसके अलावा आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से भी तकनीकी एवं मार्गदर्शन सहयोग प्राप्त हुआ है. कंपनी को अब तक करीब 1.5 करोड़ रुपये की फंडिंग भी मिल चुकी है.

भारत में पेटेंट, विदेशों में भी तैयारी

कंपनी की इस डिजिटल मेजरमेंट टेप को भारत के लीगल मेट्रोलॉजी विभाग से स्वीकृति मिल चुकी है और भारत सरकार ने इसका पेटेंट भी प्रदान किया है. कंपनी के अनुसार अमेरिका सहित कई अन्य देशों में भी पेटेंट प्रक्रिया जारी है. इस नवाचार को सिलिकॉन वैली के टियर-50 अवॉर्ड और इंडिया मोबाइल कांग्रेस जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है. वर्तमान में कोटा में विकसित यह तकनीक बांग्लादेश, श्रीलंका, यूरोप और अमेरिका सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच चुकी है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj