pali news I rajasthan news I बारिश के मौसम में पाली में घूमने के लिए खास जगह

Last Updated:June 20, 2026, 23:55 IST
सुमेरपुर और उसके आसपास का इलाका बारिश के मौसम में एक अलग ही रूप ले लेता है. अहमदाबाद से आते हुए यह जगह प्राकृतिक सौंदर्य, इतिहास और रोमांच का अनोखा संगम पेश करती है. यहां स्थित विशाल बांध, जिसे मारवाड़ का अमृत सरोवर भी कहा जाता है, प्रवासी पक्षियों और मगरमच्छों के लिए खास आकर्षण है, जबकि इसके आसपास के ग्रेनाइट पहाड़ सूर्यास्त के शानदार दृश्य प्रस्तुत करते हैं. जवाई क्षेत्र में होने वाली लेपर्ड सफारी इसे भारत की अनोखी वन्यजीव स्थलों में शामिल करती है.
<br />बारिश का मौसम आने वाला है ऐसे में बात सुमेरपुर की करे तो अगर आप अहमदाबाद की तरफ से आ रहे है तो बीच में सुमेरपुर एक ऐसी जगह है जहां आपको 5 ऐसी टॉप जगह देख सकते है जो विश्व स्तर पर अपनी पहचान रखते है. सुमेरपुर के सबसे नजदीक और पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा बांध होने के कारण यह पर्यटकों की पहली पसंद है. जोधपुर के पूर्व महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा बनवाया गया यह बांध ‘मारवाड़ का अमृत सरोवर’ भी कहलाता है. ग्रेनाइट की प्राचीन पहाड़ियों से घिरा यह विशाल जलाशय न केवल एक शानदार पिकनिक स्पॉट है, बल्कि सर्दियों के दिनों में यहां देश-विदेश से आने वाले कई तरह के प्रवासी पक्षियों और पानी में धूप सेकते मगरमच्छों को देखना एक अद्भुत अनुभव होता है. यहां के सूर्यास्त का नजारा देखने लायक होता है.
<br />आप रोमांच और वन्यजीवों के शौकीन हैं, तो सुमेरपुर के पास स्थित जवाई का जंगल आपके लिए सबसे बेहतरीन जगह है. इसे भारत की ‘लेपर्ड कैपिटल’ भी कहा जाता है. यहां की खास बात यह है कि यहां तेंदुए पिंजरों या बंद सीमाओं में नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से ग्रेनाइट की पहाड़ियों और गुफाओं में खुले घूमते हैं. यहां खुली जीप में सफारी के दौरान तेंदुओं को बहुत करीब से देखा जा सकता है, और सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां के स्थानीय रबारी समुदाय के लोगों और इन तेंदुओं के बीच सदियों से एक अनोखा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व देखने को मिलता है.
<br />जवाई की पहाड़ियों के बीचो-बीच स्थित देव गिरि मंदिर एक बेहद अनोखा और पवित्र धार्मिक स्थल है. एक ही विशाल चट्टान (को काटकर बनाए गए इस प्राकृतिक गुफा मंदिर में स्थानीय आराध्य देवी माता आशपुरा जी की पूजा होती है. इस मंदिर की सबसे विस्मयकारी बात यह है कि कई बार जंगली तेंदुए भी रात के समय या सुबह-सुबह इस मंदिर परिसर के आसपास बेखौफ घूमते हुए दिखाई दे जाते हैं. यहाँ पहुँचने के लिए थोड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है, जहाँ से आसपास की पूरी घाटी और जवाई का विहंगम दृश्य दिखाई देता है.
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<br />सुमेरपुर से मात्र कुछ ही दूरी पर स्थित अभिनव महावीर धाम जैन धर्म का एक बेहद भव्य और आधुनिक मंदिर है. इस मंदिर की वास्तुकला और नक्काशी इतनी खूबसूरत है कि यहाँ आने वाले सैलानी इसकी कलाकृति को देखकर दंग रह जाते हैं. मंदिर के भीतर बने भित्तिचित्रों के जरिए जैन इतिहास और संस्कृति को बहुत ही खूबसूरती से दर्शाया गया है. यदि आप भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कुछ समय ध्यान और असीम शांति के बीच बिताना चाहते हैं, तो यह शांत और आध्यात्मिक परिसर आपके लिए उत्तम है.
<br />सुमेरपुर से फालना-सांडेराव मार्ग की ओर स्थित निम्बो का नाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने अपनी माता कुंती के साथ अपने अज्ञातवास का कुछ समय यहां बिताया था और माता कुंती यहां भगवान शिव की आराधना किया करती थी. पहाड़ियों की गोद में बसा यह मंदिर अपनी प्राकृतिक शांति और आध्यात्मिक माहौल के लिए जाना जाता है. हर साल यहां आयोजित होने वाले मेलों और धार्मिक उत्सवों में भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होने आते हैं.
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