PBM Hospital Bikaner High Tech Laundry System

Last Updated:August 04, 2026, 16:23 IST
PBM Hospital Bikaner High Tech Laundry System: बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में मरीजों को संक्रमणमुक्त वातावरण देने के लिए अत्याधुनिक हाईटेक लॉन्ड्री संचालित की जा रही है. यहां ऑटोमैटिक मशीनों द्वारा 55 मिनट में 80 बेडशीट धोई जाती हैं और हर महीने 1 लाख से अधिक कपड़ों की धुलाई होती है. ओटी के कपड़ों को रोगाणुमुक्त करने के लिए अलग विशेष तकनीक का उपयोग किया जाता है. 25 कर्मचारियों की टीम सुबह 7 से रात 10 बजे तक काम करती है. अस्पताल में साफ-सफाई की सख्त निगरानी के लिए सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग रंगों की बेडशीट बिछाने का नियम भी लागू है.
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Bikaner: बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से जुड़े प्रसिद्ध पीबीएम अस्पताल में मरीजों को पूरी तरह से स्वच्छ और संक्रमणमुक्त माहौल देने के लिए एक अत्याधुनिक लॉन्ड्री सिस्टम का संचालन किया जा रहा है. अस्पताल परिसर में स्थित वस्त्र विभाग में प्रतिदिन हजारों बेडशीट, चादरों और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के कपड़ों की आधुनिक ऑटोमैटिक मशीनों से सफाई की जाती है. आंकड़ों के अनुसार, यहां हर महीने एक लाख से अधिक कपड़ों की धुलाई, सुखाई और प्रेस का काम पूरी निष्ठा से किया जाता है. इस आधुनिक तकनीक से न केवल कपड़ों की लाइफ और गुणवत्ता बनी रहती है, बल्कि अस्पताल में होने वाले विभिन्न संक्रमणों का खतरा भी बहुत कम हो जाता है.
पीबीएम अस्पताल के वस्त्र विभाग प्रभारी कैलाश छंगाणी ने बताया कि अस्पताल में रोजाना लगभग 2,800 सामान्य बेडशीट और 700 ऑपरेशन थिएटर के विशेष कपड़ों की धुलाई होती है. यहां स्थापित अत्याधुनिक ऑटोमैटिक मशीनों की क्षमता इतनी ज्यादा है कि एक बार में 80 बेडशीट आसानी से धोई जा सकती हैं. यह पूरा धुलाई चक्र महज 55 मिनट के भीतर संपन्न हो जाता है. धोने के तुरंत बाद कपड़ों को मशीनों में ही सुखाया जाता है. इसके बाद ऑटोमैटिक प्रेस मशीनों की सहायता से उन्हें इस्त्री करके अलग-अलग वार्डों में भेज दिया जाता है.
ओटी के कपड़ों के लिए विशेष सफाई तकनीकअस्पताल में सामान्य वार्ड के कपड़ों और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के कपड़ों को धोने की प्रक्रिया पूरी तरह अलग रखी गई है. ओटी के कपड़ों पर लगे खून और अन्य जैविक धब्बों को साफ करने के लिए उन्हें सबसे पहले एक विशेष पानी के घोल में भिगोकर रखा जाता है. इसके बाद संक्रमण नियंत्रण के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करते हुए उन्हें अलग मशीनों में लिक्विड डिटर्जेंट से धोया जाता है. इससे सर्जरी और ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाले कपड़े 100 प्रतिशत रोगाणुमुक्त और सुरक्षित बने रहते हैं.
25 कर्मचारियों की टीम और निजी फर्म का संचालनइस वस्त्र विभाग में कुल 25 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 15 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल हैं. विभाग का संचालन रोजाना सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक निरंतर चलता है. वार्डों से एक दिन गंदे कपड़े इकट्ठा किए जाते हैं और अगले दिन वे पूरी तरह से धुलकर, सूखकर और प्रेस होकर वापस वार्डों में पहुंच जाते हैं. यह पूरी व्यवस्था पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत निजी फर्म ‘निकिता एंटरप्राइजेज’ द्वारा संचालित की जा रही है. सरकार ने इसके लिए भूमि उपलब्ध कराई है, जबकि करीब एक करोड़ रुपये की लागत वाली मशीनरी फर्म द्वारा लगाई गई है.
सात दिनों के लिए सात अलग रंग की बेडशीटसफाई की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए पीबीएम अस्पताल में सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग रंगों की बेडशीट बिछाने का नियम लागू है. सोमवार को पीली, मंगलवार को गुलाबी, बुधवार को हरी, गुरुवार को आसमानी, शुक्रवार को बैंगनी, शनिवार को नीली और रविवार को सफेद रंग की बेडशीट इस्तेमाल होती है. इस अनूठी व्यवस्था से वार्डों में बेडशीट बदलने की निगरानी करना आसान हो जाता है और मरीजों को प्रतिदिन साफ कपड़ा मिलना सुनिश्चित होता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bikaner,Bikaner,Rajasthan
First Published :
August 04, 2026, 16:23 IST



