Rajasthan Kal Ka Mausam |Rajasthan Monsoon Update

Rajasthan Ka Mausam 22 June 2026. राजस्थान में 22 जून यानी सोमवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है. आईएमडी ने राजस्थान के कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. खासकर पूर्वी राजस्थान के अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में बारिश की अच्छी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. कई क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है.
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है. इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. वहीं झुंझुनूं और सीकर जिले में मौसम और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है, जहां हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इन जिलों में वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा.
बीकानेर, चूरू और हनुमानगढ़ में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना
पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा. बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, फलौदी और श्रीगंगानगर जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मेघगर्जन होने और बारिश की संभावना है. इसके अलावा डीडवाना-कुचामन और नागौर जिलों में भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है. प्री-मानसून गतिविधियों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बना हुआ है. तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
राजस्थान में 22 जून को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है.
मौसम विभाग ने जारी की विशेष एडवायजरी
मौसम विभाग ने किसानों के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी की है. विभाग ने कहा है कि खेतों में कटाई के बाद खुले में रखी फसल, अनाज और बीजों को सुरक्षित स्थान पर रख लिया जाए. कृषि मंडियों और धान मंडियों में खुले में रखे कृषि उत्पादों को तिरपाल से ढकने या सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है, ताकि संभावित बारिश से नुकसान न हो. अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है. ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है. राजस्थान में मानसून की औपचारिक एंट्री भले अभी बाकी हो, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों ने बारिश का माहौल बना दिया है.
आईएमडी ने पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है.
बारां के अटरू में सर्वाधिक 62 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई
राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान प्री-मानसून गतिविधियों का असर देखने को मिला. कई जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. बारां जिले के अटरू में सर्वाधिक 62 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई. मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहीं, जिससे कई इलाकों में तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली. राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान फलोदी में 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हनुमानगढ़ के संगरिया में न्यूनतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस रहा. दूसरी ओर सीकर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. कई क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे और गरज-चमक के साथ मौसम सुहावना बना रहा.
फलोदी में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज
23 से 24 जून के बीच मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है
राजस्थान में परिस्थितियां यदि सामान्य रहती तो राजस्थान में मानसून की औपचारिक एंट्री हो जाती है, लेकिन इस बार मानसून की रफ्तार थम गई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून पिछले करीब 12 दिनों से महाराष्ट्र और तेलंगाना क्षेत्र में अटका हुआ है. बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम विकसित नहीं होने, अरब सागर से आने वाली नमी भरी हवाओं के कमजोर पड़ने, एल नीनो के प्रभाव और एमजेओ के कमजोर चरण के कारण मानसूनी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं. इसके अलावा राजस्थान में चल रही गर्म और शुष्क हवाओं ने भी मानसून की प्रगति को धीमा कर दिया. मौसम विभाग का अनुमान है कि 23 से 24 जून के बीच मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में जून के अंतिम सप्ताह तक मानसूनी गतिविधियां शुरू होने की संभावना है, जबकि जयपुर तक मानसून जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंच सकता है.
22 जून को राजस्थान के किन जिलों में बारिश की संभावना है
22 जून को पूर्वी राजस्थान के अजमेर, जयपुर, भरतपुर, अलवर, दौसा, धौलपुर, टोंक, करौली और सवाई माधोपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और फलौदी में भी मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
किन जिलों में सबसे तेज हवाएं चलने का अनुमान है
झुंझुनूं, सीकर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और फलौदी जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके अलावा कई अन्य जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं का अनुमान है. तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
क्या 22 जून को वज्रपात का खतरा भी रहेगा
हां, मौसम विभाग ने कई जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई है. विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान और बीकानेर संभाग के जिलों में बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है. खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए.
किसानों के लिए मौसम विभाग की क्या सलाह है
मौसम विभाग ने किसानों को कटाई के बाद खुले में रखी फसल, अनाज और बीजों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है. कृषि मंडियों में खुले में रखे कृषि उत्पादों को तिरपाल से ढकने या सुरक्षित गोदामों में रखने को कहा गया है. इससे संभावित बारिश और तेज हवाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा.
क्या राजस्थान में मानसून पहुंच गया है
नहीं, राजस्थान में अभी मानसून की औपचारिक एंट्री नहीं हुई है. हालांकि प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके कारण कई जिलों में बारिश और आंधी देखने को मिल रही है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं तथा जून के अंतिम सप्ताह में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मानसून पहुंचने की संभावना है.



