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rajasthan mein chand kab nikelga aaj | aaj chand kitne baje niklega

Last Updated:October 29, 2026, 12:59 IST

Rajasthan mein chand kitne baje niklega aaj: आज 29 अक्टूबर 2026 को देशभर के साथ राजस्थान में भी करवा चौथ का पावन पर्व अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, बेहतर …और पढ़ेंKarwa Chauth 2026: राजस्थान में करवा चौथ पर कब दिखेगा चांद? Zoom

Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: राजस्थान के प्रमुख शहरों में करवा चौथ का चांद निकलने का समय

Karwa Chauth 2026 Moonrise Time Rajasthan: आज 29 अक्टूबर 2026 को संपूर्ण राजस्थान में करवा चौथ का पावन पर्व अत्यंत उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है. यह त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है. इस दिन विवाहित महिलाएं प्रातःकाल से ही अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की मंगलकामना करते हुए कठिन निर्जला व्रत रखती हैं. शास्त्रों के अनुसार, करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के रिश्ते में प्रगाढ़ता और अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है.

दिन भर निर्जला उपवास रखने के बाद शाम को माता करवा, भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश की विधिवत पूजा की जाती है. पूजा संपन्न होने के बाद व्रती महिलाओं को रात में चंद्रमा के दर्शन का बेसब्री से इंतजार रहता है. मान्यता है कि चंद्रमा को अर्घ्य देकर और पति के हाथों जल ग्रहण करके ही यह व्रत पूर्ण होता है.

राजस्थान के विभिन्न जिलों में चांद निकलने का संभावित समयराजस्थान का भौगोलिक विस्तार काफी बड़ा है, जिसके कारण प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी जिलों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर देखने को मिलता है. इसी वजह से राजस्थान के अलग-अलग शहरों में चांद निकलने के समय में भी कुछ मिनटों का अंतर रहेगा. प्रदेश की राजधानी जयपुर से लेकर सीमावर्ती जिले जैसलमेर तक चंद्रदर्शन के समय में भिन्नता रहेगी.

सुहागिन महिलाओं की सुविधा के लिए राजस्थान के सभी प्रमुख जिलों में आज रात चांद निकलने का संभावित समय इस प्रकार है:

जयपुर: रात 08:23 बजे से 08:28 बजे के बीच

जोधपुर: रात 08:36 बजे

उदयपुर: रात 08:38 बजे

कोटा: रात 08:27 बजे

अजमेर: रात 08:29 बजे

बीकानेर: रात 08:30 बजे

जैसलमेर: रात 08:44 बजे

भरतपुर: रात 08:15 बजे

बाड़मेर: रात 08:44 बजे

भरतपुर जैसे पूर्वी जिलों में चांद सबसे पहले दिखाई देगा, जबकि जैसलमेर और बाड़मेर जैसे पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों में चंद्रदर्शन थोड़ा विलंब से होगा.

October 29, 202612:59 IST

करवा चौथ व्रत और चंद्र अर्घ्य का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष विधान है. चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है और उन्हें अर्घ्य समर्पित करने से जीवन में शीतलता, सुख और मानसिक शांति का आगमन होता है. व्रती महिलाएं छलनी के माध्यम से पहले चंद्रमा के दर्शन करती हैं और फिर अपने पति का चेहरा देखकर उनका आशीर्वाद लेती हैं. इस दौरान तांबे के लोटे से चंद्रमा को जल, दूध और अक्षत अर्पित किया जाता है. इसके पश्चात पति अपनी पत्नी को जल पिलाकर और मिष्ठान खिलाकर उनका निर्जला व्रत खुलवाते हैं. इस पावन अवसर पर राजस्थान के बाजारों और मंदिरों में भी विशेष रौनक देखने को मिल रही है, जहाँ महिलाएं पारंपरिक परिधानों और सोलह श्रृंगार में सज-धजकर पूजा की तैयारियों में जुटी हुई हैं.

Location :

Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

October 29, 2026, 12:57 IST

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