Rajasthan Poultry Farming Scheme | Rajasthan Poultry Development Program | राजस्थान मुर्गी पालन योजना | एलआईटी चूजे की खासियत |

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खेती के साथ शुरू करें मुर्गी पालन, सरकार दे रही चूजे और लोन की सुविधा
Last Updated:August 27, 2026, 10:15 IST
Rajasthan Poultry Farming Scheme: अगर आप किसान हैं और खेती के साथ अतिरिक्त कमाई का जरिया तलाश रहे हैं तो मुर्गी पालन एक अच्छा विकल्प हो सकता है. कम जगह में शुरू होने वाले इस व्यवसाय से ग्रामीण परिवार अपनी आय बढ़ा सकते हैं. हालांकि मुनाफा मुर्गियों की नस्ल, दाना, स्वास्थ्य प्रबंधन, उत्पादन और बाजार भाव पर निर्भर करता है. राजस्थान सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पोल्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कुक्कुट विकास कार्यक्रम चला रही है. इसमें पात्र लाभार्थियों को एलआईटी पक्षियों के चूजे उपलब्ध कराने का प्रावधान है. कार्यशील पूंजी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से अल्पकालीन ऋण की सुविधा भी मिल सकती है. इच्छुक किसान राज किसान साथी पोर्टल या पशुपालन विभाग से पात्रता और आवेदन की जानकारी ले सकते हैं.
खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने के लिए किसान अब पशुपालन के साथ मुर्गी पालन की ओर भी रुख कर रहे हैं. कम जगह और अपेक्षाकृत कम शुरुआती लागत में शुरू होने वाला मुर्गी पालन ग्रामीण परिवारों के लिए आय का अतिरिक्त जरिया बन सकता है. हालांकि इसमें मुनाफा उत्पादन के तरीके, मुर्गियों की नस्ल, दाना, स्वास्थ्य प्रबंधन और बाजार भाव पर निर्भर करता है. किसान इसे छोटे स्तर से शुरू कर धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं.
मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं भी संचालित हैं. राजस्थान में प्रत्येक लाभार्थी को एक बैच में 200 पक्षियों की दर से दो बैच में कुल 400 एलआईटी पक्षी के चूजे दिए जाने का प्रावधान है. चूजों में नर और मादा का अनुपात 50:50 रखा जाता है और दूसरे बैच का वितरण 18 महीने बाद किया जाता है. इससे ग्रामीण परिवारों को मुर्गी पालन की शुरुआत करने में शुरुआती स्तर पर सहायता मिल सकती है.
मुर्गी पालन शुरू करने वाले किसानों के लिए सबसे जरूरी है कि वे पहले बाजार की मांग को समझें और उसी के अनुसार अंडा या मांस उत्पादन का मॉडल चुनें. मुर्गियों के लिए साफ-सुथरा और हवादार शेड, पर्याप्त पानी, संतुलित दाना और समय पर टीकाकरण व स्वास्थ्य जांच जरूरी है. बीमारी से बचाव और मृत्यु दर कम रखने के लिए पशु चिकित्सा विभाग की सलाह लेना भी फायदेमंद हो सकता है.
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सरकार की सहायता केवल चूजों तक सीमित नहीं है. राजस्थान के राज किसान पोर्टल पर पशुपालन विभाग के अंतर्गत मुर्गीपालन कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं विस्तार योजना और मुर्गी पालन से जुड़ी अन्य सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध है. इसके अलावा पशुपालकों और मुर्गीपालन करने वालों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कार्यशील पूंजी की सुविधा का भी प्रावधान है, जिसमें मुर्गीपालन की आवर्ती लागत आदि के लिए अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है.
राजस्थान सरकार के मुर्गी पालन (कुक्कुट विकास) कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर पोल्ट्री को बढ़ावा देना, सीमांत एवं लघु किसानों में उद्यमिता विकसित करना और उनकी आय बढ़ाना है. राज किसान पोर्टल के अनुसार इस कार्यक्रम में चयनित जिलों में ग्रामीण परिवारों के क्लस्टर बनाकर पोल्ट्री विकास किया जाता है. योजना में मदर यूनिट के माध्यम से लाभार्थियों को एलआईटी पक्षियों के चूजे उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है.
भीलवाड़ा सहित राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेती के साथ छोटे स्तर पर मुर्गी पालन शुरू कर अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं. इच्छुक किसान योजना की पात्रता, वर्तमान जिलेवार लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी राज किसान साथी पोर्टल और रिलेटेड पशुपालन विभाग के कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं. राज किसान पोर्टल पर कृषि एवं संबंधित योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, इसलिए किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले मौजूदा नियम और पात्रता की पुष्टि करना जरूरी है.
First Published :
August 27, 2026, 10:15 IST



