Rajasthan SI Vacancy| Rajasthan Police SI Result 2026: पेपर लीक, SOG जांच, भर्ती रद्द..क्या है राजस्थान पुलिस भर्ती की पूरी कहानी?

Rajasthan Police SI Result 2026: राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती एक बार फिर चर्चा में है. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने आज यानी 19 जून 2026 को SI भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है लेकिन इस भर्ती की कहानी सिर्फ रिजल्ट तक सीमित नहीं है. यह भर्ती पिछले कई वर्षों से पेपर लीक, गिरफ्तारी, कोर्ट की सुनवाई और भर्ती रद्द होने जैसे विवादों के कारण सुर्खियों में रही है. ऐसे में जानिए इस पूरी भर्ती की शुरुआत से लेकर अब तक की पूरी टाइमलाइन…
कब आया था नोटिफिकेशन और कितने पद थे?
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने फरवरी 2021 में राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर भर्ती 2021 का नोटिफिकेशन जारी किया था. इस भर्ती के जरिए कुल 859 पदों पर नियुक्तियां की जानी थीं. इनमें सब-इंस्पेक्टर (AP), सब-इंस्पेक्टर (IB), प्लाटून कमांडर और अन्य पद शामिल थे.बाद में इन पदों की संख्या 1,076 कर दी गई थी.भर्ती के लिए लाखों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया और इसे राजस्थान की सबसे बड़ी पुलिस भर्तियों में से एक माना गया.
सितंबर 2021 में हुई थी लिखित परीक्षा
RPSC ने 13 से 15 सितंबर 2021 के बीच SI भर्ती की लिखित परीक्षा आयोजित की. परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने का दावा किया गया था, लेकिन बाद में इसी परीक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर पेपर लीक और नकल के आरोप सामने आए.
रिजल्ट के बाद शुरू हुआ विवाद
परीक्षा परिणाम आने के बाद कुछ अभ्यर्थियों और जांच एजेंसियों ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू किए. जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी कुछ लोगों तक पहुंच चुकी थी. आरोप यह भी लगे कि डमी कैंडिडेट्स और संगठित गिरोहों की मदद से कई उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाया गया.
SOG जांच में कई गिरफ्तारियां
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान पेपर लीक नेटवर्क, बिचौलियों और कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई. बाद में जांच में RPSC के तत्कालीन कुछ सदस्यों के नाम भी सामने आए.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस मामले में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया जिनमें पेपर माफिया, डमी उम्मीदवार और अन्य आरोपी शामिल थे.
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
भर्ती में गड़बड़ियों को लेकर कई याचिकाएं राजस्थान हाईकोर्ट में दाखिल की गईं. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि जब परीक्षा प्रक्रिया ही प्रभावित हो चुकी है तो पूरी भर्ती को रद्द किया जाना चाहिए.लंबी सुनवाई के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं और पेपर लीक ने पूरी परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अगस्त 2025 में हाईकोर्ट ने भर्ती रद्द कर दी
28 अगस्त 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट की एकल पीठ ने बड़ा फैसला सुनाते हुए SI भर्ती 2021 को रद्द कर दिया. अदालत ने कहा कि पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं ने पूरी चयन प्रक्रिया को प्रभावित किया है और ऐसे में भर्ती को जारी नहीं रखा जा सकता.कोर्ट ने यह भी कहा कि भर्ती में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुईं और कुछ तत्कालीन RPSC सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
हाईकोर्ट ने भी फैसले को बरकरार रखा
भर्ती रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई लेकिन अप्रैल 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भी एकल पीठ के फैसले को सही ठहराया. अदालत ने माना कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी थी और इसे जारी रखना उचित नहीं होगा.
RPSC ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया
राज्य सरकार की सिफारिश और अदालत के आदेश के बाद RPSC ने मई 2026 में SI भर्ती 2021 को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया और दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की. आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल वही अभ्यर्थी नई परीक्षा में शामिल हो सकेंगे जिन्होंने 2021 की मूल परीक्षा दी थी.इसके बाद आयोग ने 20 सितंबर 2026 को पुनर्परीक्षा की तारीख भी घोषित कर दी.
फिर 2026 का रिजल्ट क्यों आया?
19 जून 2026 को जारी रिजल्ट उस भर्ती प्रक्रिया के एक चरण से जुड़ा है जिसके तहत उम्मीदवारों को अगले चरण यानी फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों के रोल नंबर पीडीएफ के रूप में जारी किए हैं हालांकि SI भर्ती से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को लेकर अभी भी यह मामला राजस्थान की सबसे चर्चित भर्ती विवादों में गिना जाता है.
क्यों याद रखी जाएगी यह भर्ती?
राजस्थान SI भर्ती 2021 को राज्य की सबसे विवादित भर्तियों में से एक माना जाता है. यह भर्ती पेपर लीक, SOG जांच, RPSC सदस्यों पर आरोप, हाईकोर्ट के फैसलों और पुनर्परीक्षा तक पहुंच गई. यही वजह है कि यह भर्ती केवल एक सरकारी नौकरी की परीक्षा नहीं, बल्कि राजस्थान की भर्ती व्यवस्था पर उठे बड़े सवालों का प्रतीक भी बन गई.



