रेखा का वो हीरो, जिसे 3 एक्ट्रेस से हुआ प्यार, दो बन गईं जोगन, तीसरी ने बदला धर्म, बनी दूसरी बीवी

Last Updated:April 23, 2026, 22:09 IST
Sanjeev Kumar Superhit Movies : यह दास्ता बॉलीवुड के उस अभिनेता की है जिसके बिना अमिताभ बच्चन का स्टारडम अधूरा था. अमजद खान उर्फ गब्बर सिंह को बॉलीवुड में सही मुकाम इसी हीरो की वजह से मिला. इस एक्टर की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड की दो-दो एक्ट्रेस को इनसे प्यार हुआ. यह भी सच है कि दोनों ही एक्ट्रेस ‘जोगन’ बन गईं. जिस एक्ट्रेस से इस हीरो को प्यार हुआ, उसने धर्म बदल लिया और शादीशुदा हीरो की दूसरी बीवी बन गई. वो तीनों एक्ट्रेस कौन हैं, वो हीरो कौन था, आइये जानते हैं…..
बॉलीवुड में 70 के दशक में जहां अमिताभ बच्चन एंगीमैन बनकर उभरे, वहीं दूसरी ओर एक ऐसा वर्सटाइल एक्टर आया जिसने सिनेमा की परिभाषा बदल दी. एक्टर की परिभाषा बदलने का श्रेय भी इसी हीरो को जाता है. किसी भी तरह का रोल हो, इस एक्टर ने बखूबी निभाया और पर्दे पर छा गया. ‘सिलसिला’ फिल्म में इस एक्टर के अभिनय की खूब चर्चा हुई. जया बच्चन से बहुत अच्छे रिश्ते थे. हम सदाबहार अभिनेता संजीव कुमार की बात कर रहे हैं. संजीव कुमार तीन एक्ट्रेस से प्यार हुआ. ये एक्ट्रेस थीं : सुलक्षणा पंडित, नीता मेहता और हेमा मालिनी.
हाल ही में बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज ने एक सनसनीखेज बयान देते हुए कहा कि संजीव कुमार स्टार नहीं थे. वो अच्छे चरित्र अभिनेता थे. एक्ट्रेस ने कहा कि राजेश खन्ना, देवानंद और अमिताभ बच्चन सुपर स्टार थे. इन सितारों ने स्टारडम को जिया है. मुहमताज की बात बॉलीवुड की प्रचलित अवधारणा के हिसाब से सही हो सकती है लेकिन संजीव कुमार सही मायने में एक्टिंग के बादशाह थे. उन्होंने अपने पूरे करियर के दौरान अपने अंदर के कलाकार को चुनौती दी है. हर तरह के किरदार निभाए हैं. उन्होंने सिर्फ एक्टिंग पर ध्यान दिया, बाकी फैसला दर्शकों पर छोड़ दिया. शोले-त्रिशूल, सिलसिला, पति-पत्नी और वो, प्रोफेसर की पड़ोसन, मनचली, सत्यकाम, नमकीन, अनामिका, मौसम, आंधी, खिलौना, अंगूर और कालिया जैसी फिल्मों में उनके द्वारा निभाए गए किरदारों को भला कौन भुला सकता है. उन्होंने हर किरदार में अपनी छाप छोड़ी.
संजीव कुमार का मूल नाम ‘हरिभाई जेठालाल जरीवाला’ था लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें संजीव कुमार के नाम से पहचान मिली. जन्म 9 जुलाई 1938 को सूरत में हुआ था. उन्होंने बचपन में ही एक्टर बनने का फैसला ले लिया था. शुरुआत गुजराती नाटकों से की. ‘फिल्मालय’ स्कूल में एडमिशन लिया. फिर गुजराती सिनेमा में खूब काम किया. 1960 में पहली बार ‘हम हिंदुस्तानी’ फिल्म में उनके काम को बॉलीवुड में नोटिस किया गया. 1968 में धर्मेंद्र-आशा पारेख की फिल्म ‘शिकार’ में भी उन्होंने एक छोटी सी लेकिन अहम भूमिका निभाई. 1968 में ही दिलीप कुमार के सामने उन्होंने गजब का अभिनय किया. फिल्म थी संघर्ष. उन्होंने अपने इरादे जाहिर कर दिए थे.
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शम्मी कपूर-साधना की फिल्म ‘सच्चाई’ (1969) में भी वो नजर आए. फिल्म हिट रही. 1970 की ‘खिलौना’ फिल्म से संजीव कुमार बॉलीवुड में छा गए. यह फिल्म गुजराती मूवी ‘जीवन पेले पार’ का रीमेक थी. 1972 में ‘परिचय’, 1973 में ‘कोशिशि’ जैसी फिल्मों से उन्होंने अपनी एक नई पहचान बनाई.
साल 1975 संजीव कुमार के करियर का गोल्डन पीरियड कहा जा सकता है. इस साल उनकी तीन फिल्मों में तहलका मचा दिया. मौसम और आंधी के अलावा इसी साल धर्मेंद्र-अमिताभ बच्चन-अमजद खान स्टारर फिल्म ‘शोले’ में उन्होंने ठाकुर की भूमिका निभाई थी. ‘शोले’ हिंदी सिनेमा की सार्वकालिक महान फिल्म में शुमार है.
संजीव कुमार पर्दे पर जितना शानदार अभिनय करते रहे, उनकी लव लाइफ उतनी ही ट्रेजडी से भरी रही. संजीव कुमार को तीन-तीन एक्ट्रेस से प्यार हुआ. इसमें हेमा मालिनी से उनका प्यार एकतरफा था. सीता और गीता (1972) में दोनों ने काम किया था. इसी ब्लॉकबस्टर फिल्म का एक गाना ‘हवा के साथ-साथ, घटा के संग-संग’ दोनों पर फिल्माया गया था. कहा जाता है कि संजीव कुमार ने अपना प्रपोजल जीतेंद्र के जरिये हेमा मालिनी तक पहुंचाया था. हेमा मालिनी ने उनका प्रपोजल ठुकरा दिया था. इस स्टोरी का एक वर्शन के मुताबिक, हेमा मालिनी को यह रिश्ता मंजूर था लेकिन वो चाहती थीं कि उनकी बेटी फिल्मों में काम करती रहे. संजीव कुमार इसके पक्ष में नहीं थे. संजीव कुमार सोचते थे कि हेमा अपनी फैमिली को समझाएंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हेमा मालिनी ने धर्म बदलकर शादीशुदा धर्मेंद्र से शादी कर ली.
संजीव कुमार का नाम एक्ट्रेस नीता मेहता के साथ भी जोड़ा जाता है. नीता ने ‘पोंगा पंडित’ फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया. फिर ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’, ‘स्वर्ग से सुंदर’, और ‘आखिरी इंसाफट जैसी फिल्मों से इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली. नीता की संजीव कुमार से नजदीकियां बढ़ीं. कहा जाता है कि दोनों की सगाई हो गई थी लेकिन संजीव कुमार चाहते थे कि शादी के बाद नीता एक्टिंग छोड़ दें. नीता अपने करियर में आगे बढ़ना चाहती थीं. इसकी वजह से दोनों का रिश्ता टूट गया. बाद में नीता फिल्मों से दूर हो गईं. उन्होंने ज्वेलरी का बिजनेस शुरू किया. फिर वो साध्वी बन गईं. अब वो स्वामी नित्यानंद गिरी के नाम से जानी जाती हैं और प्रवचन देती हैं.
फिर संजीव कुमार को एक और एक्ट्रेस सुलक्षणा पंडित ने अपना दिल दिया. दोनों की मुलाकात फिल्मों में काम करने के दौरान ही हुई थी. सुलक्षणा को संजीव कुमार की सादगी और गंभीरता पसंद थी. दोनों को एकदूसरे के प्रति भावनात्मक जुड़ाव महसूस हुआ. दोनों कई प्रोग्राम्स में साथ दिखे. जब सुलक्षणा ने संजीव कुमार के सामने शादी का प्रस्ताव रखा तो उन्होंने विनम्रता से इसे ठुकरा दिया. संजीव कुमार तो हेमा मालिनी को दिल दे चुके थे मगर उनका वो प्यार अधूरा रह गया था. इससे सुलक्षणा का ऐसा दिल टूटा कि उन्होंने कभी शादी नहीं की. पूरी जिंदगी ‘जोगन’ बनकर गुजार दी. फिल्मों से भी दूरी बना ली. आज दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं.
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April 23, 2026, 22:09 IST



