Samay Raina Controversy: समय रैना के बिहारी कमेंट पर विवाद, अब मनोज बाजपेयी का आया रिएक्शन, बोले- अगर मजाक में हो रहा है तो दिक्कत नहीं

नई दिल्ली. कॉमेडियन समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ एक बार फिर विवादों में आ गया है. दूसरे सीजन के एक एपिसोड में समय ने बिहार के लोगों पर मजाक में कुछ ऐसी बात कही, जिसकी खूब आलोचना हो रही है. अब मनोज बाजपेयी ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर मजाक में हो रहा है तो दिक्कत नहीं. हमें खुद पर और एक-दूसरे पर हंसना सीखना चाहिए, सम्मान के साथ. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में बस ड्राइवर के ए बिहारी कहने का अपना किस्सा भी सुनाया.
मनोज बाजपेयी ने हाल ही में अपनी आने वाली फिल्म ‘लास्ट मैन इन टॉवर’ के प्रमोशन के दौरान आईएएनएस से बात की. जब उन्हें कॉमेडियन के शो में हुई उस घटना के बारे में बताया गया, तो उन्होंने कहा कि अगर यह सब मजाक में हो रहा है, तो मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है. इस शो में शेरोन वर्मा और समय रैना ने मजाक-मजाक में एक-दूसरे के बैकग्राउंड का मजाक उड़ाया था.
क्या है ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ से जुड़ा पूरा मामला?
समय ने मजाक करते हुए कहा कि ‘शेरोन वर्मा एक बिहारी हैं जो नौकरी की तलाश में मुंबई आ गईं. जस्ट बिहारी थिंग्स’. फिर शैरोन ने पलटवार करते हुए कहा कि ‘कम से कम, मैंने अपनी मर्जी से अपना राज्य छोड़ा है.’ अब ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ में मजाक-मजाक में कही इन बातों ने तूल पकड़ लिया है.
भावनाओं को आहत किए बिना एक-दूसरे पर हंसना चाहिए
मनोज बाजपेयी ने इस विवाद पर बात करते हुए कहा, ‘हमें खुद पर और साथ में भी हंसना सीखना चाहिए. किसी को भावनाओं को आहत किए बिना एक-दूसरे पर हंसना चाहिए और फिर बुरा नहीं मानना चाहिए. हमें यही सीखना चाहिए. हमारे अंदर खुद को लेकर ह्यूमर होना चाहिए, लेकिन साथ ही सम्मान भी होना चाहिए न सिर्फ अपने लिए, बल्कि उस व्यक्ति के लिए भी जिसके साथ आप बैठे हैं और वह व्यक्ति कहां से आया है, इसके लिए भी. यह बहुत जरूरी है. अगर दो लोग एक-दूसरे के साथ सहज होते हैं, तो वे हमेशा एक-दूसरे पर हंसते हैं.’
मनोज बाजपेयी ने अपने साथ हुई घटना का किया जिक्र
इसके बाद एक्टर ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने शुरुआती दिनों की एक घटना का जिक्र किया, जब एक बस ड्राइवर ने उनसे सख्ती से बात की थी. उन्होंने आगे कहा, ‘जब मैं दिल्ली में था, तब मैं 18 साल का था और मैं बस में सामने वाले दरवाजे से चढ़ने की कोशिश कर रहा था क्योंकि यह मेरा पहला अनुभव था. इसलिए, मुझे शहर के नियमों का पता नहीं था. ड्राइवर ने मेरी तरफ देखा और चिल्लाया, ए बिहारी, पिछले गेट से चढ़ो. उसे पता नहीं था कि मैं बिहार से हूं, लेकिन असल में मैं बिहार से ही हूं. उसके लिए, जो भी व्यक्ति ऐसी बेवकूफी भरी गलती करता था, वह बिहार से ही होता था. मुझे बुरा नहीं लगा क्योंकि पहली बात, वह सही था कि मैं बिहार से हूं. दूसरी बात, मैं भी गलत नहीं था क्योंकि मैं शहर में नया था और बिल्कुल अनजान था.’
मनोज बाजपेयी ने बताई कब होती है दिक्कत
उन्होंने आगे कहा, ‘जब मैंने अलग-अलग राज्यों के लोगों से दोस्ती की, तो हम एक-दूसरे पर हंसा करते थे. हमें कभी बुरा नहीं लगा या हम कभी आहत नहीं हुए. लेकिन हां, समस्या तब होती है जब कोई बाहर से आकर आपके लिए या समुदाय के लिए परेशानी का कारण बन जाता है. तब दिक्कत होती है. उससे पहले तो हमें एक-दूसरे पर और खुद पर भी हंसने में सक्षम होना चाहिए. यह एक बहुत ही स्वस्थ समाज की निशानी है.’



