Sikar News: सीकर में 24 छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, वीरांगनाओं और ओबीसी विद्यार्थियों के लिए नया हॉस्टल बना

Last Updated:June 20, 2026, 23:29 IST
Hostels In Sikar: सीकर जिले में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए अपने 24 छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें लगभग 1100 विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा. ओबीसी वर्ग के लिए 50 सीटों वाला नया छात्रावास भी शुरू किया है. इच्छुक विद्यार्थी 30 जून तक एसएसओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. छात्रावासों में रहने और भोजन की निःशुल्क सुविधा दी जाएगी, जबकि चयन के लिए राजस्थान का मूल निवासी होना, 6वीं से 12वीं तक अध्ययनरत होना, न्यूनतम 40% अंक और वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक की शर्तें निर्धारित की गई हैं.
सीकर जिले में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए अपने छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है. विभाग के अधीन संचालित होने वाले 24 छात्रावासों में इस साल लगभग 1100 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा. विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की हैं. इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में काफी मदद मिलेगी और उन्हें सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण मिल सकेगा.
इस बार विभाग ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से अलग छात्रावास शुरू किया है. पिपराली चौराहे के पास स्थित इस नए छात्रावास में कुल 50 सीटों की व्यवस्था की गई है. विभाग का उद्देश्य ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है. यदि निर्धारित समय तक सभी सीटों पर ओबीसी वर्ग के विद्यार्थी प्रवेश नहीं लेते हैं तो रिक्त सीटों पर अन्य पात्र वर्गों के विद्यार्थियों को भी प्रवेश दिया जाएगा, ताकि सीटें खाली न रहें.
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की उप निदेशक प्रियंका पारीक ने बताया कि छात्रावासों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. इच्छुक विद्यार्थी राज्य सरकार के एसएसओ पोर्टल के माध्यम से 30 जून तक आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है और नवीन प्रवेश पोर्टल पर सिम्स प्रणाली के जरिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं. इससे विद्यार्थियों को घर बैठे आवेदन करने की सुविधा मिलेगी और प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी बनेगी.
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विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में विद्यार्थियों के रहने और भोजन की निशुल्क व्यवस्था की गई है. इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए भी विशेष आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों और महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी पढ़ाई और रोजगार संबंधी गतिविधियों को जारी रख सकें. यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लाभार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी.
प्रवेश के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई है, केवल राजस्थान के मूल निवासी विद्यार्थी ही आवेदन कर सकेंगे. इसके साथ ही छठी से बारहवीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं ही प्रवेश के पात्र होंगे. छात्रावास से पांच किलोमीटर की परिधि में निवास करने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. विभाग का मानना है कि छात्रावास की सुविधा उन विद्यार्थियों तक पहुंचनी चाहिए जो दूरस्थ क्षेत्रों से आते हैं और प्रतिदिन आवागमन करने में कठिनाई का सामना करते हैं.
विभाग ने शैक्षणिक और आर्थिक पात्रता भी निर्धारित की है. आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य रखा गया है. इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय अधिकतम 8 लाख रुपये तक होनी चाहिए. इन मानकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रावासों का लाभ वास्तव में जरूरतमंद और पात्र विद्यार्थियों को मिल सके. इससे सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित होगा और योग्य विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिलेगी.
इधर सैनिक कल्याण विभाग ने भी विद्यार्थियों और वीरांगनाओं के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं. विभाग द्वारा शिवसिंहपुरा स्थित परिसर में वीरांगनाओं के लिए 20 फ्लैट आरक्षित किए गए हैं. वहीं सैनिक आश्रितों और उनके पुत्रों के लिए 80 सीटों वाला छात्रावास संचालित किया जा रहा है. छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को 750 रुपये मासिक शुल्क देना होगा, जबकि वीरांगनाओं के लिए फ्लैट का किराया 1000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया है. भोजन व्यवस्था के लिए प्रतिदिन 90 रुपये अतिरिक्त लिए जाएंगे. दोनों संस्थानों में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, हालांकि अंतिम तिथि अभी घोषित नहीं की गई है.
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