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Stress Incontinence Disease Treatment: इस बीमारी को बताने में शर्माइए मत! शरीर के लिए गंभीर खतरा, डॉक्टर ने कहा- सही इलाज से मिल सकती है राहत

Last Updated:June 22, 2026, 14:25 IST

Health News: कुछ बीमारियों ऐसी होती हैं, जिसे लोग सबके सामने बताने में शर्माते हैं. लेकिन ऐसा करना आपने शरीर के लिए घातक हो सकता है. उन्हीं में से एक बीमारी है स्ट्रेस इनकॉन्टिनेंस, जिसे लोग अनदेखा कर देते हैं. आइए इस बीमारी के बारे में और इसके इलाज के बारे में बताते हैं.

फरीदाबाद: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं. लेकिन कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं जिन्हें लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. बार-बार पेशाब आना, रात में कई बार उठकर शौचालय जाना, हंसते, खांसते या छींकते समय पेशाब निकल जाना जैसी समस्याएं भी उन्हीं में से एक हैं. अक्सर लोग सोचते हैं कि यह उम्र बढ़ने का असर है और इसका इलाज संभव नहीं है, जबकि सच यह है कि ये लक्षण शरीर में चल रही कई दूसरी बीमारियों की तरफ इशारा कर सकते हैं. समय रहते इन संकेतों को पहचानकर डॉक्टर की सलाह ली जाए तो समस्या का इलाज संभव है और भविष्य में होने वाली गंभीर परेशानियों से भी बचा जा सकता है.

क्यों होती हैं ये समस्याएं?अमृता अस्पताल फरीदाबाद में वरिष्ठ सलाहकार आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शुभ्रा रैना बताती हैं कि बार-बार पेशाब आना हमेशा सामान्य बात नहीं होती. लोकल 18 से बातचीत में वह बताती हैं कि यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है. पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने, प्रोस्टेट की सर्जरी होने या प्रोस्टेट कैंसर के इलाज के बाद ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

वहीं महिलाओं में हार्मोन में बदलाव और पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों के कमजोर होने के कारण इस तरह की दिक्कतें शुरू हो सकती हैं. खासतौर पर जिन महिलाओं की सामान्य प्रसव के जरिए डिलीवरी हुई होती है, उनमें यह समस्या अधिक देखने को मिलती है.

सही जांच और इलाज बेहद जरूरीडॉ. शुभ्रा रैना बताती हैं कि मोटापा भी इस समस्या का एक बड़ा कारण है. इसके अलावा डायबिटीज, किडनी में पथरी, किडनी की अन्य बीमारियां और ओवरएक्टिव ब्लैडर जैसी स्थितियों में भी बार-बार पेशाब आने या पेशाब रोकने में परेशानी हो सकती है. कई बार लोग केवल लक्षणों को देखते हैं, लेकिन उसके पीछे छिपी बीमारी को नहीं समझ पाते. ऐसे में सही जांच और इलाज बेहद जरूरी हो जाता है.

क्या होती है स्ट्रेस इनकॉन्टिनेंस बीमारी?डॉ. शुभ्रा रैना बताती हैं कि महिलाओं में छींकने, खांसने या जोर से हंसने पर पेशाब निकल जाने की समस्या काफी आम है. इसका मुख्य कारण शरीर का अधिक वजन होना और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों का कमजोर हो जाना है. पेट और गर्भाशय को सहारा देने वाली नीचे की मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं, जिससे पेशाब को रोककर रखना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में पेट पर थोड़ा सा भी दबाव पड़ता है तो पेशाब निकल जाता है. इस स्थिति को स्ट्रेस इनकॉन्टिनेंस कहा जाता है.

क्या है इसका इलाज?डॉ. शुभ्रा रैना बताती हैं कि इस समस्या का इलाज संभव है. इसके लिए पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने वाली विशेष एक्सरसाइज कराई जाती हैं. यदि मरीज रोजाना इन एक्सरसाइज को करता है, तो मांसपेशियों की ताकत वापस आ सकती है और काफी हद तक समस्या दूर हो सकती है. इसलिए शर्म या झिझक के कारण इस परेशानी को छिपाने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

दवा या सर्जरी की जरूरतडॉ. शुभ्रा रैना बताती हैं कि आमतौर पर यह समस्या 40 वर्ष की उम्र के बाद अधिक देखने को मिलती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कम उम्र के लोगों में यह नहीं हो सकती. पुरुष और महिलाएं दोनों इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं. जैसे ही ऐसे लक्षण दिखाई दें, तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए.कई मामलों में केवल कुछ एक्सरसाइज से राहत मिल जाती है, जबकि कुछ मरीजों को दवा या सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है.

डॉ. शुभ्रा रैना बताती हैं कि पुरुष इस तरह की परेशानी होने पर मूत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह ले सकते हैं. वहीं महिलाएं मूत्र रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ स्त्री रोग विशेषज्ञ से भी परामर्श कर सकती हैं. सबसे जरूरी बात यह है कि बार-बार पेशाब आना या पेशाब पर नियंत्रण न रहना कोई ऐसी समस्या नहीं है, जिसे छिपाया जाए. समय पर इलाज कराने से व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है और कई गंभीर बीमारियों का पता भी शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है.

About the Authorआर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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