85 हजार लोगों को बड़ी राहत! इस महीने शुरू होगा 6 MLD STP, खत्म होगी गंदे पानी की समस्या

Last Updated:July 11, 2026, 20:00 IST
Sikar Sewerage Project: सीकर शहर के पांच बड़े क्षेत्रों के निवासियों को जल्द ही गंदे पानी और ओवरफ्लो सीवर की समस्या से मुक्ति मिलने वाली है. अमृत योजना 2.0 के तहत सालासर रोड पर बन रहा 6 MLD क्षमता का एसटीपी अब अंतिम चरण में है. इस माह के अंत तक इसके संचालन का लक्ष्य है, जिससे 85 हजार लोगों को सीधा लाभ होगा और 12,297 कनेक्शन सीवरेज व्यवस्था से जुड़ जाएंगे. वन विभाग के कारण पहले अटकी यह परियोजना अब पूरी होने को है, जिससे नानी बीड़ सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति में सुधार आएगा.
सीकर शहर के शास्त्री नगर, रामपुरा रोड, धोद रोड, कंवरपुरा रोड और पालवास रोड क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. लंबे समय से निर्माणाधीन सीवरेज परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. परियोजना के पूरा होने के बाद इन इलाकों में आधुनिक सीवरेज व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा. इससे वर्षों से चली आ रही गंदे पानी, जलभराव और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं से लोगों को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है. स्थानीय लोगों को लंबे समय से सीवरेज व्यवस्था की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. अब परियोजना पूरी होने के बाद शहर के इन प्रमुख क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने और लोगों को राहत मिलने की संभावना है.
अमृत योजना 2.0 के तहत सालासर रोड स्थित एक्सीलेंस कॉलेज के पास 6 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तैयार किया जा रहा है. नगर परिषद ने इस माह के अंत तक प्लांट का ट्रायल रन पूरा कर नियमित संचालन शुरू करने का लक्ष्य तय किया है. एसटीपी के चालू होने के बाद शहर की करीब 85 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा. साथ ही 12,297 सीवरेज कनेक्शन इस नई व्यवस्था से जुड़ जाएंगे, जिससे गंदे पानी के बेहतर निस्तारण और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. फिलहाल 900 एमएम व्यास की 1,037.23 मीटर लंबी सीवर लाइन और इससे जुड़े चैंबरों का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है. इस शेष कार्य पर करीब 7.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. कार्य पूरा होने के बाद एसटीपी का ट्रायल किया जाएगा. सफल परीक्षण के बाद प्लांट का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा. इससे शहर की सीवरेज व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों को गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है.
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नगर परिषद के जेईएन सुरेंद्र गोदारा ने बताया कि परियोजना का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है. विभाग तय समय सीमा के अनुसार सभी निर्माण कार्यों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है. उन्होंने बताया कि यदि शेष कार्य निर्धारित समय पर पूरा हो जाता है तो इसी महीने के अंत तक एसटीपी का संचालन शुरू कर दिया जाएगा. इसके बाद शहर की बड़ी आबादी को आधुनिक सीवरेज सुविधा का लाभ मिलेगा और गंदे पानी के निस्तारण की समस्या में काफी सुधार आएगा.
एसटीपी के शुरू होने के बाद क्षेत्र के गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा. इससे सीवर लाइन ओवरफ्लो, गंदे पानी की निकासी में आने वाली परेशानियों और बारिश के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं में काफी कमी आएगी. इसके साथ ही शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. आधुनिक सीवरेज प्रणाली के शुरू होने से लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है.
वर्तमान में शहर का सीवर और ड्रेनेज सिस्टम कई जगहों पर अव्यवस्थित स्थिति में है. सीवरेज कार्य के चलते लंबे समय से सड़कें खुदी हुई हैं, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एसटीपी शुरू होने के बाद खासतौर पर नानी बीड़ क्षेत्र में गंदे पानी की वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. नई सीवरेज व्यवस्था से क्षेत्र में जल निकासी बेहतर होगी और लोगों की लंबे समय से चली आ रही परेशानियां कम होंगी.
परियोजना की शुरुआत में पालवास रोड स्थित वन भूमि पर एसटीपी निर्माण की योजना बनाई गई थी. लेकिन वन विभाग से भूमि की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण परियोजना का काम अटक गया था. इसके बाद नगर परिषद ने सालासर रोड स्थित एक्सीलेंस कॉलेज के पास अपनी भूमि पर नई साइट का चयन किया. नई जगह पर तेजी से निर्माण कार्य कराया गया और अब यह परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.
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