‘खलनायक’ के सेट पर कट बोलना भूले सुभाष घई, संजय दत्त ने दबाया गला, मच गया था हड़कंप, ऐसे बना खौफनाक सीन

Last Updated:April 25, 2026, 13:25 IST
‘खलनायक’ के सेट पर एक सीन ने पूरी टीम को हिला कर रख दिया था. शूटिंग के दौरान संजय दत्त ने अचानक अपने को-एक्टर का गला दबा दिया, जबकि ऐसा स्क्रिप्ट में नहीं था. यह देखकर सेट पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग शूट रोकने की बात करने लगे. लेकिन निर्देशक सुभाष घई ने ‘कट’ नहीं कहा और कैमरे चलते रहने दिए. बाद में उन्होंने बताया कि इस इम्प्रोवाइजेशन ने सीन में असली डर और तीव्रता जोड़ दी. यही वजह है कि यह सीन फिल्म के सबसे खौफनाक और यादगार पलों में शामिल हो गया.
नई दिल्ली. बॉलीवुड के दमदार एक्टर संजय दत्त की 1993 में आई फिल्म ‘खलनायक’ आज भी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में राज करती है. इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि एक विवादित आइटम सॉन्ग ‘चोली के पीछे’ के लिए भी चर्चा बटोरी. एक बार फिर फिल्म सुर्खियों में है. 24 अप्रैल को ‘खलनायक रिटर्न्स’ का टीजर सामने आया और रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया. फिल्म निर्माता सुभाष घई ने हाल ही में फिल्म ‘खलनायक’ के सफर को लेकर बात की. उन्होंने बताया कि फिल्म का सफर आसान नहीं था. इसके खिलाफ जबरदस्त लोगों का गुस्सा था लेकिन फिर भी यह फिल्म हिट हो गई.
सुभाष घई के निर्देशन में बनी इस फिल्म में संजय दत्त, माधुरी दीक्षित, जैकी श्रॉफ, अनुपम खेर और राखी गुलजार जैसे बड़े सितारे नजर आए थे. पहली फिल्म की रिलीज को लेकर काफी विवाद और विरोध हुआ, यहां तक कि इसकी रिलीज होने पर भी सवाल उठ रहे हैं. लेकिन मुश्किलों के बावजूद फिल्म सुपरस्टार तक के दिग्गज और भारत के साथ-साथ कलाकारों में भी जबरदस्त सफलता हासिल की.
फिल्म की रिलीज के 33 साल हो गए हैं. सुभाष घई ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक पुराने इंटरव्यू में इस फिल्म से जुड़ी कई दिलचस्प बातें साझा की थीं. उन्होंने बताया कि संजय दत्त के किरदार ‘बल्लू’ को उन्होंने बेहद बारीकी से गढ़ा था. हर सीन को वह खुद एक्ट करके दिखाते थे, ताकि किरदार में अनप्रेडिक्टेबलनेस बनी रहे. उनका मकसद था कि दर्शक कभी यह न समझ पाएं कि अगला पल प्यार भरा होगा या हिंसक.
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इसी दौरान फिल्म की शूटिंग में एक ऐसा पल आया, जिसने पूरे सेट को हिला कर रख दिया. एक सीन में संजय को अपने को-एक्टर से मिलना और सामान्य बातचीत करनी थी. लेकिन अचानक उन्होंने इम्प्रोवाइज करते हुए सामने वाले का गला पकड़ लिया और दबाने लगे. यह सीन स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था. जैसे-जैसे उनकी पकड़ मजबूत होती गई, सेट पर मौजूद लोगों के बीच घबराहट फैल गई. कई लोगों को लगा कि कुछ गड़बड़ हो गया है और शूटिंग तुरंत रोक देनी चाहिए.
हालांकि, इस तनावपूर्ण माहौल के बीच सुभाष घई ने ‘कट’ नहीं कहा. उन्होंने कैमरे चलते रहने दिए. बाद में उन्होंने बताया कि सीन में संजय दत्त का किरदार पहले दोस्ताना व्यवहार करता है और फिर अचानक हिंसक हो जाता है. चूंकि टीम को इस बदलाव की जानकारी नहीं थी, इसलिए उनकी असली प्रतिक्रिया कैमरे में कैद हो गई. निर्देशक को लगा कि यह रियल फील सीन को और प्रभावशाली बना देगी और हुआ भी यही.
सुभाष घई ने यह भी बताया कि फिल्म के मशहूर गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ में भी आखिरी वक्त पर बदलाव किया गया था, जहां संजय दत्त को आंखों पर पट्टी पहनने के लिए कहा गया. इसके पीछे वजह उनकी आंखों का एक्सप्रेशन था, जिसमें मासूमियत और गुस्सा दोनों झलकते थे.
‘खलनायक’ की कहानी दो पुलिस अफसरों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक खतरनाक अपराधी ‘बल्लू’ को पकड़ने की कोशिश करते हैं. समय के साथ यह फिल्म हिंदी सिनेमा की क्लासिक बन चुकी है. अब ‘खलनायक रिटर्न्स’ पर भी काम चल रहा है और हाल ही में इसका टीजर भी सामने आया है, जिससे फैंस की उत्सुकता और बढ़ गई है.
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April 25, 2026, 13:25 IST



