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Chronic Kidney Disease: खून को साफ नहीं कर पा रहीं किडनी? मरीज खुद की ऐसे करें देखभाल, घट जाएगा बीमारी का जोखिम

Chronic Kidney Disease: किडनी मानव शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है. शरीर को हेल्दी बनाएं रखने में यह अहम भूमिका निभाती है. क्योंकि, किडनी ही तो है जो ब्लड को प्यूरीफाई करने के साथ ही शरीर को डिटॉक्स करती है. इसके अलावा, यह सोडियम, पोटेशियम और कैल्शियम जैसे तत्वों के संतुलन को बनाए रखती है. इसलिए अगर किडनी की कार्य प्रक्रिया में किसी भी तरह की परेशानी आती है तो किडनी डिजीज होने का जोखिम बढ़ जाता है. वहीं, जब किडनी पूरी तरह काम करना बंद कर देती है तो क्रोनिक किडनी डिजीज की स्थिति बन सकती है. अब सवाल है कि आखिर क्रोनिक किडनी डिसीज क्या है? क्रोनिक किडनी डिसीज में कैसे करें खुद की देखभाल? कैसी होनी चाहिए डाइट और दिनचर्या? आइए जानते हैं इस बारे में-

क्रोनिक किडनी डिसीज क्या है?

क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) एक लंबे समय तक चलने वाली स्थिति है. इस स्थिति में गुर्दे क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और ब्लड को ठीक से फ़िल्टर करने का काम बंद कर देते हैं. इससे शरीर में अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे धीरे-धीरे किडनी फेल्योर का भी कारण बन सकता है. क्रोनिक किडनी डिसीज की स्थिति में डायलिसि‍स और किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता भी पड़ जाती है. ऐसे में प्रॉपर ट्रीटमेंट के साथ पेशेंट को डाइट पर भी विशेष ध्यान देना होगा.

क्रोनिक किडनी में कैसी होनी चाहिए डाइट

आपकी खान-पान की आदतें आपके सीकेडी के लक्षणों में बड़ा अंतर ला सकती हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सीकेडी के लिए एक ही तरह की डाइट सभी के लिए कारगर है. इसलिए अपनी बीमारी की स्थिति डॉक्टर को ज़रूर बताना चाहिए. इसके बाद डॉक्टर आपको आपकी बीमारी के अनुसार खाने के लिए बोल सकता है. इसके अलावा, कुछ दवाएं भी खाने की सलाह दे सकते हैं.

– क्रोनिक किडनी डिजीज ये सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि आपकी डाइट किडनी और पूरे शरीर पर कम से कम तनाव डाले. डाइट में प्रोटीन, सोडियम, पोटेशियम और फास्फोरस की मात्रा को नियंत्रित करना जरूरी है.

– क्रोनिक किडनी डिजीज की शुरुआती स्टेज में कई एक्सपर्ट्स डैश डाइट की सिफारिश करते हैं. जिसमें सब्जियों, फलों और कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट शामिल हैं. इसके अलावा अनाज, मछली व नट्स का मीडियम सेवन कर सकते हैं.

– लीन मांसपेशियों को बनाए रखने और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए डेली 8-10 औंस के बीच प्रोटीन का सेवन किया जा सकता है. इसमें लीन मीट, पोल्ट्री , मछली, अंडे और कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट पर फोकस करना चाहिए.

– ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए नमक का डेली 2,000 मिलीग्राम से अधिक सेवन न करें. याद रखें लो सोडियम का मतलब ये नहीं कि नमक का बिल्‍कुल सेवन न करें बल्कि कम मात्रा में करें.

– कार्ब्स की मात्रा जरूरत के अनुसार बढ़ाएं. यदि वजन बढ़ाने की आवश्‍यकता है तो डेली कार्ब्‍स की मात्रा में 6-11 सर्विंग तक बढ़ा सकते हैं. कार्ब्‍स के लिए डाइट में अनाज, आटा और ब्रेड की मात्रा बढ़ा सकते हैं.

किन चीजों से बनाएं दूरी

शराब: शराब का अधिक सेवन करने से निर्जलीकरण हो सकता है, जो क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) को और भी खतरनाक कर सकती है. लंबे समय में, ज़्यादा शराब पीने से गुर्दे की क्षति तेज़ी से हो सकती है.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ईडी) के लिए दवाएं: बीमारी की गंभीरता के बचने के लिए ईडी की दवाएं लेना सुरक्षित नहीं है. हालांकि, यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें आप किस प्रकार की दवा ले रहे हैं. इसके लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

कोकीन: डॉ. रिनकॉन-चोल्स कहते हैं, “कोकीन के कुछ रूप किडनी को सीधा नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन इसके अप्रत्यक्ष प्रभाव भी होते हैं. इसके सेवन से रक्तचाप तेजी से बढ़ सकता है, जो अप्रत्यक्ष रूप से किडनी के कार्य को प्रभावित कर सकता है.

लिक्विड डाइट सीमित करें: पल्मोनिरी एडिमा से बचने के लिए लिक्विड डाइट को सीमित करें. प्यास को कम करने के लिए अधिक नमक वाले पदार्थ के सेवन से बचें. फ्रूट जूस की बजाए फ्रूट का अधिक सेवन करें. क्रोनिक किडनी डिजीज की समस्या होने पर डाइट और लाइफस्‍टाइल में बदलाव किए जा सकते हैं. इसके अलावा, अपने वजन पर फोकस रखें.

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