Rajasthan

Jaipur Rape Case: जयपुर स्कूल में 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, पूरे शहर को हिला दिया, आरोपी गिरफ्तार

जयपुर: राजधानी जयपुर से एक गंभीर और दुखद घटना सामने आई है. शहर के गांधी नगर इलाके के एक स्कूल में 7 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. इस घटना ने न केवल माता-पिता बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है.

मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब बच्ची स्कूल के बाथरूम में गई थी. आरोपी युवक अनिल ने स्कूल की दीवार पार कर बाथरूम में घुसपैठ की और बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. घटना के समय बच्ची चीखने लगी, जिससे स्कूल के स्टाफ को उसकी आवाज सुनाई दी.

स्कूल स्टाफ तुरंत बाथरूम की ओर दौड़े

मासूम की चीख सुनकर स्कूल के स्टाफ तुरंत बाथरूम की ओर दौड़े. उन्होंने मौके पर ही आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पहचान की. स्कूल स्टाफ की त्वरित कार्रवाई ने बड़ी अनहोनी को टालने में मदद की.

पुलिस और परिजनों को सूचना

घटना की जानकारी तुरंत पुलिस और बच्ची के परिजनों को फोन पर दी गई. मासूम के परिजनों को यह खबर सुनकर गहरा सदमा पहुंचा. पुलिस को सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत मौके पर टीम भेजी.

आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी को हिरासत में लेकर घटना की पूरी जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और बाल संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

मासूम के परिजन सदमे में हैं. उन्होंने गांधी नगर थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया और पुलिस से आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की. परिजनों ने कहा कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है.

बच्चों की सुरक्षा पर उठा सवाल

यह घटना स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है. विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में CCTV कैमरों की व्यवस्था, नियमित निरीक्षण और सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी अनिवार्य होनी चाहिए. इससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है.

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही, पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपी स्कूल में कैसे प्रवेश कर पाया. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को कानून के तहत सख्त सजा दिलाई जाएगी.

समाज के लिए चेतावनीजयपुर में यह घटना समाज के लिए चेतावनी है. बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए स्कूल प्रशासन, अभिभावक और पुलिस को मिलकर सतर्क रहने की आवश्यकता है. ऐसे मामलों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को कड़ा करना अब अनिवार्य है.

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