200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में रविन्द्र सिंह भाटी हैं एक मात्र Gen Z विधायक

Last Updated:August 27, 2026, 16:14 IST
Gen Z Politics : देशभर में इन दिनों Gen Z की लहर चल रही है. दिल्ली में जंतर-मंतर पर मेगा आंदोलन के जरिये अपनी ताकत दिखाने वाली Gen Z अब तेजी से आगे बढ़ रही है. लेकिन अगर हम पीछे मुड़कर देखें तो Gen Z की राजनीति में भागीदारी बेहद कम नजर आती है. इसका अंदाजा राजस्थान की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा के सदस्यों को देखकर लगाया जा सकता है. 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में मात्र एक विधायक रविन्द्र सिंह भाटी हैं जो सदन में Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हैं.रविन्द्र सिंह भाटी बाड़मेर की शिव विधानसभा सीट से विधायक हैं.
जयपुर. नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए जेन जी (Gen Z) के आंदोलन के बाद देशभर में इन दिनों जेन जी की लहर चल रही है. Gen Z की क्रॉकरोच जनता पार्टी (CJP) देशभर के अलग-अलग हिस्सों में शिक्षा व्यवस्था के सुधार को लेकर सक्रिय हो रही है. राजस्थान में भी सीजेपी की यूनिट खासी सक्रिय है. Gen Z की इस लहर के बीच अगर हम राजस्थान विधानसभा के सदस्यों पर नजर डाले तो यहां इस पीढ़ी का केवल एक विधायक नजर आता है. वह विधायक हैं रविन्द्र सिंह भाटी. इनके अलावा राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में कोई भी विधायक Gen Z श्रेणी में नहीं आता है.
1997 से 2012 के बीच जन्मे बच्चे Gen Z में आते हैं. साल 2026 के अनुसार इस पीढ़ी के लोगों की उम्र 14 से 29 वर्ष के बीच है. भारत युवाओं का देश माना जाता है. साढ़े आठ करोड़ से ज्यादा आबादी वाले राजस्थान में करीब ढाई करोड़ Gen Z हैं. इतनी बड़े स्टेट में विधानसभा की कुल 200 सीटें हैं. लेकिन इनमें Gen Z की पीढ़ी का केवल एक विधायक है. बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी जेन जी की पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं. वे सही मायने में Gen Z के नेता हैं. उनकी जीत में Gen Z ने अहम भूमिका निभाई थी. उनकी मिटिंगों में युवाओं की जबर्दस्त भीड़ उमड़ती है.
रविन्द्र सिंह भाटी सबसे युवा विधायक हैं
राजस्थान विधानसभा की वेबसाइट पर दर्ज विधायकों के पर्सनल रिकॉर्ड के अनुसार रविन्द्र सिंह भाटी की जन्म तारीख 30 जनवरी 1998 है. वे राजस्थान विधानसभा के सबसे युवा विधायक हैं. उनके बाद दूसरे युवा विधायक बीकानेर जिले की कोलायत विधानसभा क्षेत्र के अंशुमान सिंह भाटी हैं. अंशुमान राजस्थान बीजेपी के कद्दावर नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री देवी सिंह भाटी के पौत्र और दिवंगत पूर्व सांसद महेन्द्र सिंह भाटी के बेटे हैं. विधानसभा की वेबसाइट पर दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार अंशुमान का जन्म 12 दिसंबर 1995 में हुआ है. वहीं राजस्थान से एक मात्र सांसद संजना जाटव हैं जो Gen Z का प्रतिनिधित्व करती हैं. संजना अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित भरतपुर सीट से सांसद हैं. उनका जन्म 1 मई 1998 को हुआ है.
पार्टियों ने अपने नजरिये में बदलाव कर लिया हैहालांकि Gen Z के हालिया हुए आंदोलन और उसकी अब दिखाई दे रही सक्रियता के बाद बीजेपी तथा कांग्रेस समेत अन्य सभी पार्टियों ने अपने नजरिये में बदलाव किया है. अब ये पार्टियां जेन जी को अलग नजरिये से देखने लगी है. जेन जी को ध्यान में रखकर अपनी नीतियों में बदलाव भी करने लगी हैं. केन्द्र के साथ ही राज्य की सरकारों ने जेन जी से संवाद बढ़ा दिया है. राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा ने तो युवाओं को जोड़ने के लिए उनके 18 साल पूरे करते ही बधाई देने के साथ ही लोकतंत्र भागीदारी निभाने के लिए ग्रिटिंग कार्ड के जरिये लिखित संदेश भेजना शुरू कर दिया है.
Gen Z को उचित प्रतिनिधित्व देने के वादे किए जा रहे हैंवहीं बीजेपी और कांग्रेस की तरफ से राजस्थान में होने वाले निकाय और पंचायत चुनावों में Gen Z को उचित प्रतिनिधित्व देने के वादे किए जा रहे हैं. कांग्रेस ने तो यूथ को आगे लाने के लिए बाकायदा ‘पंचायत टास्क फोर्स अभियान’ तक चला दिया है. उसके बाद अब उम्मीद जगने लगी है कि आने वाले चुनावों में चाहे वो विधानसभा हो या लोकसभा सभी में जेन जी की डिमांड बढ़ेगी. क्योंकि जेन जी के अलावा जो युवा अब बालिग होकर वोटर बन रहे हैं उन पर पार्टियों ने फोकस करना शुरू कर दिया है. उनकी नाराजगी पार्टियों को अब भारी पड़ती दिखाई देने लग गई है. अब उनको हलके में नहीं बल्कि गंभीरता से लिया जा रहा है.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 27, 2026, 16:11 IST



